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बाराबंकी की घटना से भी सबक नहीं ले रही पुलिस

Sun, 02 Jun 2019 07:23 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 07:23 PM IST
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बाराबंकी की घटना से भी सबक नहीं ले रही पुलिस
लखीमपुर खीरी। जिले में जहरीली शराब के धंधे का उस समय भंडाभोड़ हुआ था, जब इस शराब को पीकर अलग-अलग स्थानों पर छह लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस जांच में थाना हैदराबाद के गांव झाऊपुर के ठेके पर नकली शराब बिक्री की बात सामने आई थी, जबकि मोहम्मदी के हरीनगर स्थित सरकारी दुकान पर नकली बारकोड के प्रयोग होने का खुलासा हुआ था। वर्तमान में भी जिले की सरकारी देशी-विदेशी दुकानों पर नकली शराब की बिक्री जोरों पर हैं, लेकिन पुलिस और आबकारी महकमे ने सरकारी दुकानें खंगालने के बजाय हर बार की तरह इस बार भी कच्ची शराब को लेकर धड़पकड़ कर रही है। इससे एक बार फिर पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है।
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दिसंबर 18 में जिले में थाना हैदराबाद क्षेत्र में सरकारी देशी शराब की दुकान से लेकर शराब पीने से अलग-अलग स्थानों पर छह लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में प्रशासन ने ठेके का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया था, लेकिन कुछ दिन के बाद फिर कारोबार पहले जैसा चलने लगा। अब बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 25 से अधिक लोग जान गवां बैठे, जिस पर यहां अभियान तो शुरू हुआ, लेकिन महज खानापूरी हो रही है। खास बात यह है कि इस बार भी पुलिस, प्रशासन और आबकारी का फोकस गांवों में बनने वाली अवैध कच्ची शराब पर है। पुलिस और आबकारी विभाग गांवों में छापामारी कर हजारों लीटर शराब पकड़े जाने और लहन नष्ट करने का दावा कर रही है, लेकिन अब तक प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग ने लाइसेंसी दुकानों की ओर से मुंह मोड़ रखा है, जबकि बाराबंकी और खीरी जिले में शराब की मौतें देशी सरकारी दुकान से ली गई शराब पीने से होने की बात सामने आई है। इसके बाद भी सरकारी देशी-विदेशी शराब की दुकानों की चेकिंग न करने और उनकी तरफ से मुंह मोड़ने से अफसरों की कार्रवाई पूरे सवालों के घेरे में हैं।
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बार कोड स्केन कर नकली-असली शराब की होती है पहचान
सरकारी देशी-विदेशी दुकानों पर बिकने वाली शराब असली है या नकली। इसको परखने के लिए शराब की बोतलों, अद्धा और पौव्वा पर बार कोड लगाया गया है। आबकारी विभाग इस बार कोड को स्केन कर इस बात का पता लगा लेती है कि शराब कब और कहां बनीं, लेकिन शराब माफिया और आबकारी गठजोड़ का ही यह नतीजा है कि विभाग तमाम सरकारी दुकानों और चोरी-छिपे बिकने वाली शराब पर लगे बार कोड को स्केन नहीं कर रही है। ऐसे में नकली शराब बिक्री की आशंका है।
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देशी शराब के नाम पर बेंच रहे जहर
जिले में सरकारी दुकानों पर नकली शराब बेचे जाने का कारोबार बरसों पुराना है। पिछले साल सिकटिहा, गढ़ी रोड़, मोहल्ला ईदगाह आदि स्थानों से पुलिस ने छापा मारकर भारी मात्रा में अल्कोहल, खाली रैपर, पौव्वा, ढक्खन आदि सामान बरामद कर चुकी है। कई लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस चालान भी भेज चुकी है, लेकिन इन सबके बाद भी जिले में नकली शराब के कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

अपना बार कोड लगाकर बेंच रहे थे नकली शराब
नकली शराब पर रोक लगाने के लिए हर बोतल पर लगाए गए सरकारी बार कोड को शराब माफिया ने तोड़ दिया था और अपना बार कोड लगाकर शराब की खुलेआम बिक्री कर रहे थे। इस बात का खुलासा हैदराबाद थाना क्षेत्र में छह लोगों की हुई मौत के बाद जब मोहम्मदी पुलिस और आबकारी टीम ने हरिनगर ठेके पर जाकर जांच की तो नकली शराब बिक्री का भंडाफोड़ हुआ था। इस पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी और हरिनगर का ठेका सस्पेंड कर दिया गया था। साथ ही सेल्समैन आदि को जेल जाना पड़ा था।


एसपी ने कहा, नकली शराब बिकी तो खैर नहीं
एसपी पूनम ने कहा है कि कच्ची बनाने के कारोबारियों सहित नकली शराब बेचनेवालों तक पर पुलिस की नजर है। जिले में नकली शराब बिकी तो खैर नहीं होगी। दोषी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहें वह आरोपी हो या फिर जिम्मेदार।
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