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मंडी समिति इंस्पेक्टर ने रोंका पापुलर से भरा डनलप, हंगामा
Updated Tue, 07 Nov 2017 10:26 PM IST
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लखीमपुर खीरी/निघासन।
मंडी समिति इंस्पेक्टर ने पापुलर से भरा डनलप रोक लिया। आरोप है कि उसने डनलप छोड़ने के बदले में पांच हजार रुपये की मांग की। नाराज लोगों ने वहां पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। मौके पर पुलिस के दो जवान भी पहुंच गए। काफी जद्दोजहद के बाद इंस्पेक्टर मौके की नजाकत को समझते हुए वहां से खिसक लिया।
गांव बुद्धीपुरवा निवासी रुखसार अपने खेत से पापुलर काटकर डनलप में भरकर कस्बे में लेकर आ रहा था। अर्धनिर्मित वृद्धाआश्रम के पास मंडी इंस्पेक्टर आरके यादव ने उसे रोक लिया। आरोप है कि डनलप गन्ने के खेत के किनारे खड़ा करके उससे पांच हजार रुपये की मांग की। रुखसार ने पैसे मंगाने के बहाने फोन कर कई लोगों को मौके पर बुला लिया। वहां पर लोगों का हुजूम एकत्रित हो गया। पैसे मांगने का विरोध करते हुए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर दो सिपाही भी पहुंच गए। उन्होंने मंडी इंस्पेक्टर की बाइक पर पुलिस का लोगों देखकर उनसे आईकार्ड मांगा। इंस्पेक्टर ने आईकार्ड न होने की बात कही। इस पर सिपाही उसे थाने लेकर चल दिए।
इंस्पेक्टर ने मंडी सचिव को फोन कर सिपाहियों से उनकी बात कराई। तब सिपाहियों ने उसे छोड़ा। सिपाहियों ने बताया कि लकड़ी से भरा डनलप रोकने का अधिकार मंडी समिति को नहीं है। मौके की नजाकत को समझते हुए इंस्पेक्टर वहां से खिसक गया। साप्ताहिक बाजार में आलू, प्याज बेचने वाले सुरेंद्र, मटरू आदि का आरोप है कि यह इंस्पेक्टर साइकिल से बाजार जाने वाले लोगों से भी पैसा आदि लेता है। इस संबंध में इंस्पेक्टर ने बताया कि पापुलर से भरा डनलप रोका था। पापुलर के कागज आदि मांगे थे, लेकिन पैसा मांगने का आरोप गलत है।
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मंडी समिति इंस्पेक्टर ने पापुलर से भरा डनलप रोक लिया। आरोप है कि उसने डनलप छोड़ने के बदले में पांच हजार रुपये की मांग की। नाराज लोगों ने वहां पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। मौके पर पुलिस के दो जवान भी पहुंच गए। काफी जद्दोजहद के बाद इंस्पेक्टर मौके की नजाकत को समझते हुए वहां से खिसक लिया।
गांव बुद्धीपुरवा निवासी रुखसार अपने खेत से पापुलर काटकर डनलप में भरकर कस्बे में लेकर आ रहा था। अर्धनिर्मित वृद्धाआश्रम के पास मंडी इंस्पेक्टर आरके यादव ने उसे रोक लिया। आरोप है कि डनलप गन्ने के खेत के किनारे खड़ा करके उससे पांच हजार रुपये की मांग की। रुखसार ने पैसे मंगाने के बहाने फोन कर कई लोगों को मौके पर बुला लिया। वहां पर लोगों का हुजूम एकत्रित हो गया। पैसे मांगने का विरोध करते हुए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर दो सिपाही भी पहुंच गए। उन्होंने मंडी इंस्पेक्टर की बाइक पर पुलिस का लोगों देखकर उनसे आईकार्ड मांगा। इंस्पेक्टर ने आईकार्ड न होने की बात कही। इस पर सिपाही उसे थाने लेकर चल दिए।
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इंस्पेक्टर ने मंडी सचिव को फोन कर सिपाहियों से उनकी बात कराई। तब सिपाहियों ने उसे छोड़ा। सिपाहियों ने बताया कि लकड़ी से भरा डनलप रोकने का अधिकार मंडी समिति को नहीं है। मौके की नजाकत को समझते हुए इंस्पेक्टर वहां से खिसक गया। साप्ताहिक बाजार में आलू, प्याज बेचने वाले सुरेंद्र, मटरू आदि का आरोप है कि यह इंस्पेक्टर साइकिल से बाजार जाने वाले लोगों से भी पैसा आदि लेता है। इस संबंध में इंस्पेक्टर ने बताया कि पापुलर से भरा डनलप रोका था। पापुलर के कागज आदि मांगे थे, लेकिन पैसा मांगने का आरोप गलत है।
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