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जंगल में कच्ची के कारोबारियों के खिलाफ चलेगा धर-पकड़ अभियान

Sat, 22 Dec 2018 12:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Dec 2018 12:03 AM IST
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जंगल में कच्ची के कारोबारियों के खिलाफ चलेगा धर-पकड़ अभियान

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जंगल में कच्ची के कारोबारियों के खिलाफ चलेगा धर-पकड़ अभियान
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन अंतर्गत जंगल के अंदर चोरी-छिपे अवैध शराब बनाना कच्ची के कारोबारियों को अब महंगा पड़ेगा। बफरजोन की भीरा और निघासन रेंज में अवैध शराब बना रहे ग्रामीणों के पकड़े जाने के मामले को दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने गंभीरता से लिया है। जंगल के अंदर कोई भी अवांछित गतिविधियां रोकने के लिए वन विभाग पुलिस के सहयोग से धर-पकड़ अभियान चलाएगा। जंगल के अंदर शराब बना रहे लोगो के पकड़े जाने के बाद वन विभाग सकते में है। मालूम हो कि दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन अंतर्गत भीरा और मैलानी जंगल के आसपास बसे गांव किशनपुर, भातू कॉलोनी, गंगापुर, खैरताली आदि के अलावा किशनपुर सेंक्चुरी जंगल के अंदर बसे चलतुआ, किशनपुर आदि गांव में बड़े पैमाने पर कच्ची का कारोबार हो रहा है। इन कारोबारियों को खादी का भी संरक्षण हासिल है। जंगल में बसे होने के कारण पुलिस इन पर हाथ नहीं डालती। वनकर्मी जब कोई कार्रवाई करते हैं तो राजनैतिक दबाव आड़े आ जाता है। इस तरह यह बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे हैं।
हाल ही में बफरजोन की भीरा रेंज के किशनपुर सेंक्चुरी बीट में वन कर्मियों ने जंगल गश्त के दौरान अवैध शराब बनाते समय रंगे हाथों एक व्यक्ति को पकड़ा था। बाकी भागने में सफल रहे थे। पूछताछ में उसने 16 अन्य साथियों के नाम भी बताए थे। इनमें एक व्यक्ति पीलीभीत जिले के थाना सेहरामऊ उत्तरी के नजीर गंज गांव का निवासी है। अभी यह आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं। इससे पहले निघासन रेंज के दीपनगर वन ब्लॉक में भी अवैध शराब बनाने की भट्ठियां पकड़ी गईं थी। इसके अलावा बेलरायां रेंज जंगल के आसपास भी बड़े पैमाने पर शराब जंगल के बाहरी किनारों पर बनाई जा रही है। यह क्षेत्र जंगली हाथी प्रभावित है। जंगल से हाथियों के निकलने पर कच्ची शराब बना रहे लोग बनी-अधबनी शराब छोड़कर भाग खड़े होते हैं। अक्सर जंगली हाथी पानी समझकर यह शराब पी जाते हैं और मतवाले होकर खेतों के खेत रौंद डालते हैं।
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कई गांव में शाम होते ही, सज जाती है महफिल
जंगल के अंदर और जंगल से सटे कई गांव ऐसे भी हैं, जहां शाम होते ही कच्ची शराब पीने वालों की महफिल सज जाती है। वहां आसपास गांव के पियक्कड़ जमा हो जाते हैं। चखना की दुकानें सज जाती हैं। महिलाएं शराब परोसती हैं और यह महफिलें देर रात तक गुलजार रहती हैं।
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वर्जन
जंगल के अंदर घुसपैठ करना और अवांछित गतिविधियां संचालित करना गैर कानूनी है। वन विभाग और पुलिस के सहयोग से जंगल के अंदर चोरी-छिपे अवैध शराब बनाने वाले कारोबारियों के खिलाफ धर-पकड़ अभियान चलाया जाएगा। पकड़े जाने पर संबधित के खिलाफ वन अधिनियम के अलावा पुलिस कार्रवाई करेगी।
डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
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