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कक्षा नौ के टॉपर रहे छात्र ने फंदे से लटकर कर जान दी..
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:09 AM IST
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मेधावी छात्र ने फंदे से लटकर कर दी जान
वकील पिता और शिक्षक मां का इकलौता बेटा था छात्र
सोशल मीडिया पर मोमो गेम खेलने की खबर हुई वायरल
परिवार वालों ने गेम खेलने की बात से किया इंकार
28 एलकेएच 6 और 652
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। शहर के एक कान्वेंट स्कूल के कक्षा दस के छात्र ने घर में रेलिंग के सहारे मां के दुपट्टे से लटक कर जान दे दी। वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार वाले पुलिस को बगैर सूचना दिए शव उतारकर पैतृक गांव ले गए और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। सोशल मीडिया पर जहां मोमो चैलेंज गेम खेलने के बाद आत्महत्या करने की खबर वायरल हुई। वहीं इस बात की पूरे शहर में भी चर्चा रही। हालांकि परिवार ने गेम खेलने की बात से इंकार किया है। भीरा थाना क्षेत्र के भानपुर गांव निवासी अजीत तिवारी वकील हैं। उनकी पत्नी भावना तिवारी दाउदपुर में शिक्षक हैं। दंपति अपने 15 साल के बेटे वैभव तिवारी और एक बेटी के साथ शहर की आवास विकास कॉलोनी में रहते हैं। वैभव शहर के लखनऊ पब्लिक स्कूल में कक्षा दस का छात्र था। वह पढ़ने मेें काफी तेज था। वह अपने स्कूल में टॉप थ्री में आया था। इधर दो दिन पहले अजीत तिवारी के मामा भानपुर गांव के पूर्व प्रधान धर्मेश अग्निहोत्री की मौत हो गई थी। इस पर पति-पत्नी दोनों वहां गए थे। सोमवार को जब वापस शहर पहुंचे तो रात करीब 12 बजे तक खाना खाकर पूरा परिवार बातें करता रहा। वैभव अपनी मां के पास सो गया। सुबह बिस्तर से गायब मिलने पर जब मां ने उसे ढूंढा तो वह घर की रेलिंग से लटकता हुआ मिला। इकलौते बेटे को शव देखकर मां बाप गश खाकर गिर गए। माता-पिता पुलिस को सूचना दिए बगैर वैभव के शव को पैतृक गांव ले गए और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। छात्र की मौत की खबर पर दिन भर सोशल मीडिया पर उसके मोमो चैलेंज गेम में शामिल होने की चर्चा तैरती रही। हालांकि परिवार के लोग मौत के कारण से अंजान हैं। साथ ही गेम खेलने की बात से साफतौर पर इंकार किया है। छात्र के पिता अजीत तिवारी कहते हैं कि उनका बेटा मेधावी था। खुद भी नहीं समझ पा रहा हूं कि बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठाया है?
00
वर्जन...........
सोशल मीडिया पर खबर वायरल होते देख उन्होंने सदर कोतवाली पुलिस को आवास विकास कॉलोनी भेजा था। पुलिस जब पहुंची तो मकान में ताला लगा था। पता लगा कि माता-पिता शव गांव ले गए हैं। इस पर बिजुआ चौकी इंचार्ज को भेजा गया, लेकिन परिवार वालों ने पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया। किसी गेम आदि के खेलने की बात सामने नहीं आई है। रामलाल वर्मा, एसपी
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वकील पिता और शिक्षक मां का इकलौता बेटा था छात्र
सोशल मीडिया पर मोमो गेम खेलने की खबर हुई वायरल
परिवार वालों ने गेम खेलने की बात से किया इंकार
28 एलकेएच 6 और 652
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। शहर के एक कान्वेंट स्कूल के कक्षा दस के छात्र ने घर में रेलिंग के सहारे मां के दुपट्टे से लटक कर जान दे दी। वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार वाले पुलिस को बगैर सूचना दिए शव उतारकर पैतृक गांव ले गए और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। सोशल मीडिया पर जहां मोमो चैलेंज गेम खेलने के बाद आत्महत्या करने की खबर वायरल हुई। वहीं इस बात की पूरे शहर में भी चर्चा रही। हालांकि परिवार ने गेम खेलने की बात से इंकार किया है। भीरा थाना क्षेत्र के भानपुर गांव निवासी अजीत तिवारी वकील हैं। उनकी पत्नी भावना तिवारी दाउदपुर में शिक्षक हैं। दंपति अपने 15 साल के बेटे वैभव तिवारी और एक बेटी के साथ शहर की आवास विकास कॉलोनी में रहते हैं। वैभव शहर के लखनऊ पब्लिक स्कूल में कक्षा दस का छात्र था। वह पढ़ने मेें काफी तेज था। वह अपने स्कूल में टॉप थ्री में आया था। इधर दो दिन पहले अजीत तिवारी के मामा भानपुर गांव के पूर्व प्रधान धर्मेश अग्निहोत्री की मौत हो गई थी। इस पर पति-पत्नी दोनों वहां गए थे। सोमवार को जब वापस शहर पहुंचे तो रात करीब 12 बजे तक खाना खाकर पूरा परिवार बातें करता रहा। वैभव अपनी मां के पास सो गया। सुबह बिस्तर से गायब मिलने पर जब मां ने उसे ढूंढा तो वह घर की रेलिंग से लटकता हुआ मिला। इकलौते बेटे को शव देखकर मां बाप गश खाकर गिर गए। माता-पिता पुलिस को सूचना दिए बगैर वैभव के शव को पैतृक गांव ले गए और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। छात्र की मौत की खबर पर दिन भर सोशल मीडिया पर उसके मोमो चैलेंज गेम में शामिल होने की चर्चा तैरती रही। हालांकि परिवार के लोग मौत के कारण से अंजान हैं। साथ ही गेम खेलने की बात से साफतौर पर इंकार किया है। छात्र के पिता अजीत तिवारी कहते हैं कि उनका बेटा मेधावी था। खुद भी नहीं समझ पा रहा हूं कि बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठाया है?
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सोशल मीडिया पर खबर वायरल होते देख उन्होंने सदर कोतवाली पुलिस को आवास विकास कॉलोनी भेजा था। पुलिस जब पहुंची तो मकान में ताला लगा था। पता लगा कि माता-पिता शव गांव ले गए हैं। इस पर बिजुआ चौकी इंचार्ज को भेजा गया, लेकिन परिवार वालों ने पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया। किसी गेम आदि के खेलने की बात सामने नहीं आई है। रामलाल वर्मा, एसपी
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