फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   चीखता रहा ओमप्रकाश पर बचाने न आया कोई

चीखता रहा ओमप्रकाश पर बचाने न आया कोई

Thu, 28 Sep 2017 12:16 AM IST
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
चीखता रहा ओमप्रकाश पर बचाने न आया कोई
चीखता रहा ओमप्रकाश पर बचाने न आया कोई - फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
सिकंद्राबाद (खीरी)।
विज्ञापन

थाना नीमगांव से करीब 15 किलोमीटर दूर बेहजम से ओयल रोड स्थित गांव पिपरी कलां में मंगलवार की देर रात नौ बजे के बाद पिता-पुत्र में जमकर विवाद शुरू हुआ। करीब 40 मिनट तक जमकर बहस के बाद बेटे छंगू के सिर पर ऐसा खून सवार हुआ कि उसने पास पड़ी लोहे की फुंकनी उठा ली और पिता ओम प्रकाश पर तब तक प्रहार करता रहा जब तक कि वह बेदम होकर गिर नहीं पड़े। इस दौरान ओमप्रकाश लगातार मदद के लिए लोगों को बुलाते रहे, लेकिन उन्हें बचाने आसपड़ोस का कोई नहीं पहुंचा। लोगों ने यही समझा कि ओमप्रकाश दारू पीकर रोजाना की भांति तमाशा कर रहा है। उन्हें इस बात का भान भी नहीं था कि बेटा पिता की जान ही ले लेगा। ओमप्रकाश के बेदम होने के बाद विवाद शांत हो गया, तब भी किसी पड़ोसी ने झगड़े की वजह जानने की कोशिश नहीं की। गांव के चौकीदार की सूचना पर पुलिस गांव में पहुंची, तब लोगों को पता चला की ओमप्रकाश को बेटे ने मार डाला। ओमप्रकाश की हत्या की खबर सुनकर पूरा गांव सन्न रह गया।

रो-रोकर बेटियों का बुरा हाल
मृतक ओमप्रकाश के चार पुत्र और तीन बेटियां हैं। तीनों बेटियां क्रमश: झिलमिला, मर्रो और आरती की शादी हो चुकी है। पिता की मौत की सूचना पाकर तीनों बहनें गांव पहुंचीं और दहाड़े मारकर रोने लगीं। पड़ोसी महिलाएं भी उन्हें समझाती रहीं।
विज्ञापन


मिट्टी का घर और बाहर पड़ा छप्पर कह रहा गरीबी की दास्तां
एसओ नीमगांव संजय सिंह ने बताया कि ओमप्रकाश दारू के नशे में रहता था। दारू के लिए उसने खेती ही नहीं बेची घर में जो भी कीमती सामान था, सब बेच डाला था। पति की दारू की लत और घर से चुराकर सामान बेच देने की आदत से आजिज आकर पत्नी उसे कई वर्ष पहले ही छोड़कर चली गई थी। रोज-रोज के झगड़े से परेशान होकर दूसरे और तीसरे नंबर का बेटा भी लखनऊ जाकर मजदूरी करना लगा। पिता की मौत की खबर पहुंची तो वह तड़के ही आ गए और पुलिस को पूरी बात बताई।
विज्ञापन
विज्ञापन


चौकीदार की सूझबूझ से पकड़ा गया छंगू
गांव के चौकीदार रामसिंह ने घटना के बाद छंगू को न सिर्फ दिलासा देना शुरू किया, बल्कि अपने घर पर ही बैठा लिया और एसओ नीमगांव को मामले की जानकारी दी। आरोपी बेटे को अपने यहां बैठा लेने की बात भी बताई। इस पर एसओ तत्काल मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया। चौकीदार रामसिंह ने बताया कि छंगू के सिर पर मानो खून सवार था। पिता को मार डालने के बाद उसे कोई पश्चाताप नहीं है। पूरी रात वह बड़बड़ा रहा था कि इस गंदगी को पहले ही साफ कर दिया होता तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। न ही मेरे भाइयों और मां को घर छोड़ना पड़ता।

पिता को तड़पते देख डर कर भागा सूरज
ओमप्रकाश कश्यप अपने बड़े पुत्र छंगूलाल और छोटे पुत्र सूरज के साथ रहता था। घटना की रात भी सूरज घर पर था। बड़े भाई ने जब पिता के सिर पर फुंकनी से प्रहार किया तो वह बेबस आंखों से देखता रहा। उसकी आंखों के सामने पिता गिरकर तड़पने लगे। भाई की आंख में खून सवार देख वह शोर मचाता हुआ घर से भागा और पूरी रात गन्ने के खेत में छुपा रहा। सुबह लौटा और गांव वालों को पूरी बात बताई।

फील्ड यूनिट ने जुटाए फोरेंसिक साक्ष्य
हत्या की सूचना पर फील्ड यूनिट की टीम रात में ही मौके पर पहुंची। फील्ड यूनिट ने येलो टेप लगाकर घटना स्थल को सुरक्षित किया। इसके बाद एक्सपर्ट ने वहां से कई वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।


सीओ ने किया मौका मुआयना
सूचना पर सीओ एलडी भारती, एसओ मितौली ओपी रजक मौके पर पहुंच गए। सीओ ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से घटना की जानकारी ली।

पकड़े गए आरोपी ने जमीन बिक्री करने से नाराज होकर पिता के सिर पर फुंकनी से प्रहार कर मार डालने का जुर्म स्वीकार किया है। हत्यारोपी के छोटे भाई शिवशंकर की ओर से आरोपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
- संजय सिंह, एसओ
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed