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मुन्ना का आतंक और भय बना उसकी मौत का कारण
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:24 AM IST
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मुन्ना का आतंक और भय बना उसकी मौत का कारण
भतीजे और चचेरे भाई ने मिलकर की थी हत्या
मुन्ना ने दो साल पहले भतीजे के पैर में मारी थी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। निघासन क्षेत्र के गांव सेमरा बाजार निवासी मुन्ना हुसैना हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, क्योंकि मुन्ना की हत्या उसके साथ कार में सवार भतीजे इलियास उर्फ सीटू और चचेरे भाई इरफान ने मिलकर की थी। हत्या के पीछे मुन्ना का आतंक और भय कारण बना, जिससे परिवार के लोग ही खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे थे। दोनों अभियुक्तों के पास से पुलिस ने आलाकत्ल तमंचा और मृतक के मोबाइल समेत कपड़े बरामद किए हैं।
पुलिस लाइंस सभागार में एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि तीन जून 2018 की शाम करीब 6.30 बजे कठरियनपुरवा करबला के पास सेमरा बाजार निवासी 35 वर्षीय मुन्ना हुसैना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब उसके साथ कार में सवार मृतक के भतीजे इलियास उर्फ सीटू और चचेरे भाई इरफान ने बाइक सवार अज्ञात हमलावरों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या का आरोप लगाया था। घटना के खुलासे के लिए एएसपी पूर्वी प्रशांत वर्मा के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्यागी समेत क्राइम ब्रांच और फॉरेन्सिक टीम लगाई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुन्ना हुसैना के सिर में गोली पीछे से मारे जाने का खुलासा हुआ था, जबकि मृतक के साथ सवार चश्मदीदों ने सामने से हमला करने की बात कही थी। पुलिस एक्सपर्ट की शक की सुई चश्मदीदों के इर्द-गिर्द घूमने लगी, जिनके खिलाफ गहन छानबीन के बाद पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे। इसके बाद दोनों अभियुक्तों इलियास उर्फ सीटू और इरफान निवासी सेमरा बाजार को गांव मोहनपुर मोड़ से धर दबोचा, जिनकी निशानदेही पर आलाकत्ल तमंचा, अभियुक्तों के कपड़े और मोबाइल बरामद किया है।
बाक्स=
तो इसलिए रची हत्या की साजिश
एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि दो वर्ष पहले मुन्ना ने हत्यारोपी भतीजे इलियास उर्फ सीटू के पैर में गोली मारी थी। बकौल सीटू उसे मुन्ना नौकर की तरह रखता था। इससे आजिज आकर उसने इरफान के साथ मिलकर मुन्ना हुसैना को ठिकाने लगाने की प्लानिंग कर डाली। रमजान के चलते मुन्ना हुसैना ने घटना वाले दिन तमंचा अपने पास नहीं रखा था। लिहाजा यही मौका ताड़कर मुन्ना के सिर में पीछे से गोली मारकर हत्या कर दी।
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मुन्ना का आतंक और भय बना उसकी मौत का कारण
भतीजे और चचेरे भाई ने मिलकर की थी हत्या
मुन्ना ने दो साल पहले भतीजे के पैर में मारी थी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। निघासन क्षेत्र के गांव सेमरा बाजार निवासी मुन्ना हुसैना हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, क्योंकि मुन्ना की हत्या उसके साथ कार में सवार भतीजे इलियास उर्फ सीटू और चचेरे भाई इरफान ने मिलकर की थी। हत्या के पीछे मुन्ना का आतंक और भय कारण बना, जिससे परिवार के लोग ही खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे थे। दोनों अभियुक्तों के पास से पुलिस ने आलाकत्ल तमंचा और मृतक के मोबाइल समेत कपड़े बरामद किए हैं।
पुलिस लाइंस सभागार में एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि तीन जून 2018 की शाम करीब 6.30 बजे कठरियनपुरवा करबला के पास सेमरा बाजार निवासी 35 वर्षीय मुन्ना हुसैना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब उसके साथ कार में सवार मृतक के भतीजे इलियास उर्फ सीटू और चचेरे भाई इरफान ने बाइक सवार अज्ञात हमलावरों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या का आरोप लगाया था। घटना के खुलासे के लिए एएसपी पूर्वी प्रशांत वर्मा के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्यागी समेत क्राइम ब्रांच और फॉरेन्सिक टीम लगाई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुन्ना हुसैना के सिर में गोली पीछे से मारे जाने का खुलासा हुआ था, जबकि मृतक के साथ सवार चश्मदीदों ने सामने से हमला करने की बात कही थी। पुलिस एक्सपर्ट की शक की सुई चश्मदीदों के इर्द-गिर्द घूमने लगी, जिनके खिलाफ गहन छानबीन के बाद पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे। इसके बाद दोनों अभियुक्तों इलियास उर्फ सीटू और इरफान निवासी सेमरा बाजार को गांव मोहनपुर मोड़ से धर दबोचा, जिनकी निशानदेही पर आलाकत्ल तमंचा, अभियुक्तों के कपड़े और मोबाइल बरामद किया है।
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तो इसलिए रची हत्या की साजिश
एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि दो वर्ष पहले मुन्ना ने हत्यारोपी भतीजे इलियास उर्फ सीटू के पैर में गोली मारी थी। बकौल सीटू उसे मुन्ना नौकर की तरह रखता था। इससे आजिज आकर उसने इरफान के साथ मिलकर मुन्ना हुसैना को ठिकाने लगाने की प्लानिंग कर डाली। रमजान के चलते मुन्ना हुसैना ने घटना वाले दिन तमंचा अपने पास नहीं रखा था। लिहाजा यही मौका ताड़कर मुन्ना के सिर में पीछे से गोली मारकर हत्या कर दी।
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