फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   crime

तिकुनिया हिंसा मामले में आरोपों पर सुनवाई छह जुलाई को

Thu, 23 Jun 2022 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2022 01:18 AM IST
विज्ञापन
crime
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में बुधवार को राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील ने आरोपियों की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को बेबुनियाद बताते हुए आपत्ति दाखिल कर दी है। जिला जज मुकेश मिश्र ने अगली सुनवाई के लिए छह जुलाई की तारीख मुकर्रर करते हुए यह आदेशित किया है कि उसी दिन डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होगी। आरोप के संबंध में भी उसी दिन बहस होगी।
विज्ञापन

तिकुनिया हिंसा मामले में जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में बुधवार दोपहर बाद जब सुनवाई शुरू हुई तो जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने आरोपी अंकित दास, लतीफ उर्फ काले, सत्यम त्रिपाठी उर्फ सत्य प्रकाश त्रिपाठी, शेखर भारती, नंदन सिंह बिष्ट की ओर से दिए गए डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र के खिलाफ विस्तृत आपत्ति दाखिल कर दी। आपत्ति की नकल आरोपियों के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ को प्राप्त कराई। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि सभी आरोपियों की डिस्चार्ज एप्लीकेशन के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से विरोध दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन

एसआईटी ने विस्तृत जांच के बाद बखूबी सबूत जुटाए हैं, जिनके आधार पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इस स्तर पर आरोपियों की ओर से दी गई डिस्चार्ज को बेबुनियाद बताते हुए कहा डिस्चार्ज एप्लीकेशन आधारहीन तरीके से प्रस्तुत की गई है। बचाव पक्ष की ओर से राम आशीष मिश्र, अवधेश दुबे, शैलेंद्र सिंह गौड़ मौजूद रहे तो अभियोजन की ओर से डीजीसी अरविंद त्रिपाठी के साथ ही सुरेश सिंह मुन्ना, शिव सहाय सिंह, विनय सिंह मौजूद रहे। इस दौरान आरोपी वीरेंद्र शुक्ला अपने अधिवक्ता अनिल त्रिवेदी के साथ अदालती कक्ष में उपस्थित हुआ तो आशीष मिश्र मोनू, अंकित दास, सुमित जायसवाल, धर्मेंद्र सिंह बंजारा, सत्यम त्रिपाठी, नंदन सिंह बिष्ट आशीष पांडे सहित 13 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुना गया। जिला जज ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र के खिलाफ दाखिल हुई आपत्तियों को सुनवाई और निस्तारण के लिए छह जुलाई की तारीख मुकर्रर की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य बिंदु पर केंद्रित रखें बहस
अदालती सुनवाई के बाद जिला जज मुकेश मिश्रा ने कहा चूूंकि आरोपियों ने 20-20 पेज की लंबी-लंबी डिस्चार्ज एप्लीकेशन दी हैं। ऐसे प्रार्थनापत्रों के खिलाफ सरकार की ओर से भी 20 पेज से अधिक लंबी आपत्तियां दाखिल की गई हैैं और आरोपियों की संख्या भी ज्यादा है। ऐसी दशा में चार्ज बनने के स्तर पर समय खींचने के लिए लंबी बहस के प्रचलन से बचना चाहिए। फोकस मुख्य बिंदुओं पर किया जाए तो बेहतर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed