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युवक की पिटाई, जान से मारने की धमकी दी
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लखीमपुर खीरी। फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव पिपरा नदी पार में खेत से जानवरों को भगाने को लेकर दूसरे समुदाय के दबंगों ने एक युवक को रास्ते से अपने घर में खींचकर पिटाई कर दी। युवक के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो युवक की जान बच पाई। इसके बाद युवक ने फूलबेहड़ थाने में सूचना दी, लेकिन इसी दौरान हथियारों से लैस दबंगों ने पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया और घर में मौजूद महिलाओं को डराया-धमकाया। पुलिस द्वारा मामले में लीपापोती किए जाने पर पीड़ित ने शनिवार को मामले की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की।
फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के गांव पिपरा नदी पार निवासी सुशील कुमार जायसवाल ने एसपी को संबोधित प्रार्थना पत्र में बताया कि शुक्रवार की सुबह वह अपना खेत देखने गया था, जहां पर नुकसान कर रहे जानवरों को भगाया तो पड़ोसी खेत मालिक वारिस आदि ने विरोध किया। सुशील ने बताया कि जब वह घर लौट रहा था, तो रास्ते में घात लगाए वारिस, रिजवान, रिहान, साबिर आदि उसे घर के अंदर खींच ले गए और पिटाई कर जान से मारने की धमकी दी। सुशील के मुताबिक जब उसने शोर मचाया, तो मौके पर ग्रामीण एकत्र हो गए। तब जाकर वह आरोपियों के चंगुल से छूटा।
सुशील के मुताबिक जब वह फूलबेहड़ थाने तहरीर देने पहुंचा, तभी उसके घर पर हथियारों से लैस कुदरत, हसमत, मोहर्रम, इब्राहिम आदि जा धमके और पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि फूलबेहड़ पुलिस ने मामले में शांति भंग की मामूली धारा 151 में एक आरोपी का चालान करके मामला रफा-दफा कर दिया। मामले में सुशील कुमार जायसवाल ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में एसपी को संबोधित पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। फूलबेहड़ के प्रभारी निरीक्षक श्याम नरायन सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में है, जिसमें एक आरोपी के खिलाफ शांति भंग की आशंका में कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है, जिसमें नए तथ्यों को जोड़कर आरोपियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के गांव पिपरा नदी पार निवासी सुशील कुमार जायसवाल ने एसपी को संबोधित प्रार्थना पत्र में बताया कि शुक्रवार की सुबह वह अपना खेत देखने गया था, जहां पर नुकसान कर रहे जानवरों को भगाया तो पड़ोसी खेत मालिक वारिस आदि ने विरोध किया। सुशील ने बताया कि जब वह घर लौट रहा था, तो रास्ते में घात लगाए वारिस, रिजवान, रिहान, साबिर आदि उसे घर के अंदर खींच ले गए और पिटाई कर जान से मारने की धमकी दी। सुशील के मुताबिक जब उसने शोर मचाया, तो मौके पर ग्रामीण एकत्र हो गए। तब जाकर वह आरोपियों के चंगुल से छूटा।
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सुशील के मुताबिक जब वह फूलबेहड़ थाने तहरीर देने पहुंचा, तभी उसके घर पर हथियारों से लैस कुदरत, हसमत, मोहर्रम, इब्राहिम आदि जा धमके और पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि फूलबेहड़ पुलिस ने मामले में शांति भंग की मामूली धारा 151 में एक आरोपी का चालान करके मामला रफा-दफा कर दिया। मामले में सुशील कुमार जायसवाल ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में एसपी को संबोधित पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। फूलबेहड़ के प्रभारी निरीक्षक श्याम नरायन सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में है, जिसमें एक आरोपी के खिलाफ शांति भंग की आशंका में कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है, जिसमें नए तथ्यों को जोड़कर आरोपियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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