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गलत आधार लगाकर पान मसाला कारोबारी कर रहे जीएसटी की चोरी
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लखीमपुुर खीरी। लखनऊ और कानपुर से पान मसाला लाने वाले लखीमपुर के व्यापारी जीएसटी की चोरी करके सरकार को लाखों का चूना लगा रहे हैं। इसके लिए गलत आधार नंबर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जनपद में पान मसाले की खरीद-बिक्री बड़े पैमाने पर होती है सरकार को जीएसटी का भुगतान करने से बचने के लिए पान मसाले के व्यापारियों ने गलत आधार इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
दूसरों का आधार लगाकर जीएसटी चोरी का खुलासा तब हुआ जब लखनऊ के कॉमर्शियल टैक्स आफिसर (सीटीओ) अमित कुमार श्रीवास्तव पान मसाले के एक खरीदार मोहल्ला गंगोत्रीनगर निवासी मुकेश कुमार से वसूली करने आए। जब उन्होंने मुकेश कुमार की तलाश शुरू की तो उसने खुद के मोहल्ला मिश्राना में एक कपड़े की दुकान पर होने की जानकारी दी। इसके बाद सीटीओ मोहल्ला मिश्राना में कपड़े की दुकान पर पहुंचे और 800 पैकेट पान मसाले की खरीद पर बने करीब 20 हजार रुपये जीएसटी का बिल थमा दिया। यह देखकर मुकेश कुमार हैरान रह गया। सीटीओ ने मुकेश को बताया कि उसका आधार नंबर लगाकर पान मसाले की खरीद की गई है, जिसका जीएसटी भुगतान करना है। मुकेश ने सीटीओ को बताया कि वह कपड़े की दुकान पर कई सालों से नौकरी कर रहा है। पान मसाले की खरीद-बिक्री से उसका कोई वास्ता नहीं है और न ही ऐसा व्यापार कभी किया है। यह जानकारी मिलने पर सीटीओ का भी माथा ठनका और उन्होंने मुकेश के लिखित बयान लिए।
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सूत्रों के मुताबिक शहर के कई बड़े पान मसाला कारोबारी जीएसटी से बचने के लिए पान मसाले की टुकड़ों में कई लोगों के नाम पर खरीद दिखाते हैं, जिसके लिए वह छद्म आधार नंबरों का भी इस्तेमाल करते हैं। इस तरह के कई मामले देखे जाने पर जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर संजय भदौरिया ने जांच शुरू कर दी है।
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जीएसटी की चोरी के इरादे से पान मसाला कारोबारी दूसरे लोगों की आधार आईडी का प्रयोग कर रहे हैं। मुकेश कुमार पान मसाले का कारोबार नहीं करता है, लेकिन उसका आधार लगाकर पान मसाला खरीदा गया है। ऐसे मामलों की जांच की जा रही है।
- अमित कुमार श्रीवास्तव, सीटीओ, लखनऊ
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जनपद में पान मसाले की खरीद-बिक्री बड़े पैमाने पर होती है सरकार को जीएसटी का भुगतान करने से बचने के लिए पान मसाले के व्यापारियों ने गलत आधार इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
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दूसरों का आधार लगाकर जीएसटी चोरी का खुलासा तब हुआ जब लखनऊ के कॉमर्शियल टैक्स आफिसर (सीटीओ) अमित कुमार श्रीवास्तव पान मसाले के एक खरीदार मोहल्ला गंगोत्रीनगर निवासी मुकेश कुमार से वसूली करने आए। जब उन्होंने मुकेश कुमार की तलाश शुरू की तो उसने खुद के मोहल्ला मिश्राना में एक कपड़े की दुकान पर होने की जानकारी दी। इसके बाद सीटीओ मोहल्ला मिश्राना में कपड़े की दुकान पर पहुंचे और 800 पैकेट पान मसाले की खरीद पर बने करीब 20 हजार रुपये जीएसटी का बिल थमा दिया। यह देखकर मुकेश कुमार हैरान रह गया। सीटीओ ने मुकेश को बताया कि उसका आधार नंबर लगाकर पान मसाले की खरीद की गई है, जिसका जीएसटी भुगतान करना है। मुकेश ने सीटीओ को बताया कि वह कपड़े की दुकान पर कई सालों से नौकरी कर रहा है। पान मसाले की खरीद-बिक्री से उसका कोई वास्ता नहीं है और न ही ऐसा व्यापार कभी किया है। यह जानकारी मिलने पर सीटीओ का भी माथा ठनका और उन्होंने मुकेश के लिखित बयान लिए।
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सूत्रों के मुताबिक शहर के कई बड़े पान मसाला कारोबारी जीएसटी से बचने के लिए पान मसाले की टुकड़ों में कई लोगों के नाम पर खरीद दिखाते हैं, जिसके लिए वह छद्म आधार नंबरों का भी इस्तेमाल करते हैं। इस तरह के कई मामले देखे जाने पर जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर संजय भदौरिया ने जांच शुरू कर दी है।
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जीएसटी की चोरी के इरादे से पान मसाला कारोबारी दूसरे लोगों की आधार आईडी का प्रयोग कर रहे हैं। मुकेश कुमार पान मसाले का कारोबार नहीं करता है, लेकिन उसका आधार लगाकर पान मसाला खरीदा गया है। ऐसे मामलों की जांच की जा रही है।
- अमित कुमार श्रीवास्तव, सीटीओ, लखनऊ