{"_id":"5f89ebd68ebc3e9be418cc9b","slug":"crime-lakhimpur-news-bly4236384122","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान के खाते से धोखाधड़ी कर 2.90 लाख रुपये निकाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान के खाते से धोखाधड़ी कर 2.90 लाख रुपये निकाले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी)। कोतवाली क्षेत्र के गांव शिवपुरी निवासी एक किसान के साथ धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से उसके खाते से दो लाख 90 हजार रुपये निकलने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक सहित तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
गांव शिवपुरी निवासी कालिका प्रसाद ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह वर्ष 2016-17 के पंजाब एंड सिंध बैंक पिपरिया धनी में ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए गए थे। जहां पिपरिया निवासी रघुवीर यादव और सुमित यादव से मिले। इन दोनों लोगों ने कहा था कि उनकी बैंक में जान पहचान है। जल्दी ही ग्रीन कार्ड बनवा देंगे। कालिका प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने जरूरी कागजात इन दोनों लोगों के साथ तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक से मिलकर सौंप दिए। बैंक कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी चेक बुक बनवाकर लेनदेन शुरू कर दिया गया। कालिका प्रसाद का कहना है कि इसकी जानकारी उन्हें तीन जुलाई 2020 को हुई तो उन्होंने आरोपियों से खाता बंद करने की बात कही तो लेकिन उनके खाते से दो लाख 90 हजार की रकम निकाल ली गई। पीड़ित का कहना है कि वह शुक्रवार को कोतवाली पहुंचा और पुलिस निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी से आप बीती बताई। उन्होंने तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक समेत दो आरोपियों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली है। संवाद
विज्ञापन
गांव शिवपुरी निवासी कालिका प्रसाद ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह वर्ष 2016-17 के पंजाब एंड सिंध बैंक पिपरिया धनी में ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए गए थे। जहां पिपरिया निवासी रघुवीर यादव और सुमित यादव से मिले। इन दोनों लोगों ने कहा था कि उनकी बैंक में जान पहचान है। जल्दी ही ग्रीन कार्ड बनवा देंगे। कालिका प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने जरूरी कागजात इन दोनों लोगों के साथ तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक से मिलकर सौंप दिए। बैंक कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी चेक बुक बनवाकर लेनदेन शुरू कर दिया गया। कालिका प्रसाद का कहना है कि इसकी जानकारी उन्हें तीन जुलाई 2020 को हुई तो उन्होंने आरोपियों से खाता बंद करने की बात कही तो लेकिन उनके खाते से दो लाख 90 हजार की रकम निकाल ली गई। पीड़ित का कहना है कि वह शुक्रवार को कोतवाली पहुंचा और पुलिस निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी से आप बीती बताई। उन्होंने तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक समेत दो आरोपियों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली है। संवाद
विज्ञापन