{"_id":"5d769dc18ebc3e93a33426d0","slug":"crime-lakhimpur-news-bly3755853154","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैब रिपोर्ट ही बताएगी वकील पर लगे दुष्कर्म के आरोपों की सच्चाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लैब रिपोर्ट ही बताएगी वकील पर लगे दुष्कर्म के आरोपों की सच्चाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहम्मदी। महिला से दुष्कर्म के आरोप में घिरे अधिवक्ता ओमप्रकाश तिवारी को फिलहाल राहत मिल गई है। मेडिकल जांच कराने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। अधिवक्ता ने लैब जांच कराने की मांग की, जिस पर उनके खून का नमूना ले लिया गया, साथ उनके कपड़े व अन्य चीजें पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर कब्जे में ले लीं। अब लैब रिपोर्ट से ही पुलिस अपनी जांच का रुख तय करेगी।
शाहजहांपुर में तैनात सिपाही की पत्नी ने अधिवक्ता पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला की सूचना पर थाना पुलिस ने रविवार दोपहर अधिवक्ता के घर पर दबिश दी तो वहां यह महिला भी मिली थी। बाद में उसने जो रिपोर्ट लिखाई, उसमें कहा कि वह जुलाई में थाना मोहम्मदी स्थित जमीन अपने रिश्तेदार को दिलाने मोहम्मदी आई थी। रिश्तेदार ने उसे खतौनी निकाल कर दी। खतौनी की जांच पड़ताल के लिए गोला रोड़ स्थित कचहरी में अधिवक्ता ओमप्रकाश तिवारी से संपर्क किया। तभी वकील साहब ने अपने पते का कार्ड दिया, जिस पर उनके घर का पता व दो मोबाइल फोन नंबर लिखे थे। फिर वह शाहजहांपुर आ गई। पीड़िता का कहना है कि उसी दिन से वकील साहब अपने मोबाइल नंबरों से उसके मोबाइल नंबर पर बातें करने लगे। अधिवक्ता ने उसे दो बार मोहल्ला बाजार गंज कहरौला में अपने घर बुलाया। दोनों बार रविवार का दिन था। पहली सितंबर को फोन करके उसे दो बजे बुलाया। वह विश्वास में उनके घर चली गई। वकील साहब ने खतौनी वापस करके कहा कि इस जमीन पर बैंक का कब्जा है। हमने दूसरी जमीन देखी है वो आपके रिश्तेदारों को दिला देंगे। वकील के बुलाने पर आठ सितंबर को वह फिर वकील के घर पहुंची तो वह अकेले ही थे। उन्होंने फिर जो चाय पिलाई, उसे पीकर पांच मिनट बाद ही उसे चक्कर आने लगे। बेहोश होने पर दुष्कर्म किया। थोड़ा होश आने पर पुलिस को फोन किया। इसके बाद पुलिस दोनों को थाने ले आई। बाद में साथी अधिवक्ताओं ने थाने में हंगामा भी किया, मगर पुलिस ने ओमप्रकाश तिवारी को नहीं छोड़ा।
सोमवार को पुलिस ने तिवारी और महिला दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया। बताते हैं कि तिवारी ने अपनी उम्र 60 होने का हवाला देते हुए आरोपों को गलत ठहराया। साथ ही जांच कराने की गुजारिश की। इस पर थाना प्रभारी ने एसपी से अनुमति लेकर तिवारी और महिला के खून का टेस्ट आगरा की लैब में कराना तय किया। थाना प्रभारी ने बताया कि अधिवक्ता को फिलहाल घर भेज दिया गया है। महिला को कलमबंद बयान के लिए बुलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर में तैनात सिपाही की पत्नी ने अधिवक्ता पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला की सूचना पर थाना पुलिस ने रविवार दोपहर अधिवक्ता के घर पर दबिश दी तो वहां यह महिला भी मिली थी। बाद में उसने जो रिपोर्ट लिखाई, उसमें कहा कि वह जुलाई में थाना मोहम्मदी स्थित जमीन अपने रिश्तेदार को दिलाने मोहम्मदी आई थी। रिश्तेदार ने उसे खतौनी निकाल कर दी। खतौनी की जांच पड़ताल के लिए गोला रोड़ स्थित कचहरी में अधिवक्ता ओमप्रकाश तिवारी से संपर्क किया। तभी वकील साहब ने अपने पते का कार्ड दिया, जिस पर उनके घर का पता व दो मोबाइल फोन नंबर लिखे थे। फिर वह शाहजहांपुर आ गई। पीड़िता का कहना है कि उसी दिन से वकील साहब अपने मोबाइल नंबरों से उसके मोबाइल नंबर पर बातें करने लगे। अधिवक्ता ने उसे दो बार मोहल्ला बाजार गंज कहरौला में अपने घर बुलाया। दोनों बार रविवार का दिन था। पहली सितंबर को फोन करके उसे दो बजे बुलाया। वह विश्वास में उनके घर चली गई। वकील साहब ने खतौनी वापस करके कहा कि इस जमीन पर बैंक का कब्जा है। हमने दूसरी जमीन देखी है वो आपके रिश्तेदारों को दिला देंगे। वकील के बुलाने पर आठ सितंबर को वह फिर वकील के घर पहुंची तो वह अकेले ही थे। उन्होंने फिर जो चाय पिलाई, उसे पीकर पांच मिनट बाद ही उसे चक्कर आने लगे। बेहोश होने पर दुष्कर्म किया। थोड़ा होश आने पर पुलिस को फोन किया। इसके बाद पुलिस दोनों को थाने ले आई। बाद में साथी अधिवक्ताओं ने थाने में हंगामा भी किया, मगर पुलिस ने ओमप्रकाश तिवारी को नहीं छोड़ा।
विज्ञापन
सोमवार को पुलिस ने तिवारी और महिला दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया। बताते हैं कि तिवारी ने अपनी उम्र 60 होने का हवाला देते हुए आरोपों को गलत ठहराया। साथ ही जांच कराने की गुजारिश की। इस पर थाना प्रभारी ने एसपी से अनुमति लेकर तिवारी और महिला के खून का टेस्ट आगरा की लैब में कराना तय किया। थाना प्रभारी ने बताया कि अधिवक्ता को फिलहाल घर भेज दिया गया है। महिला को कलमबंद बयान के लिए बुलाया जाएगा।
विज्ञापन