{"_id":"5d4877dc8ebc3e6cdc3ac99b","slug":"crime-lakhimpur-news-bly3714049108","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुधवा के सठियाना में नेपाली माफिया और वन कर्मियों के बीच मुठभेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुधवा के सठियाना में नेपाली माफिया और वन कर्मियों के बीच मुठभेड़
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बांकेगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे दुधवा के सठियाना रेंज के सुमेरपुर वन ब्लॉक में लकड़ी काट रहे नेपाली वन माफिया और वन कर्मियों के बीच रविवार रात भर मुठभेड़ चली। मुठभेड़ से घबराए माफिया मौका पाकर भाग निकले। दोनों तरफ से जमकर कई राउंड फायरिंग भी हुई। वन विभाग ने मौके से 11 बोटा शीशम लकड़ी, एक नाव और लकड़ी काटने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए है।
नेपाल के शातिर लकड़ी माफिया रविवार रात करीब एक बजे दुधवा जंगल में घुस आए और सठियाना रेंज के सुमेरपुर वन ब्लॉक में शीशम के पेड़ों का अवैध कटान शुरू कर दिया। इस दौरान जंगल में गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम में शामिल वन दरोगा रामनरेश, विश्वनाथ आदि को जब जंगल में लकड़ी काटने की आवाज और हलचल सुनाई दी तो वे मौके पर पहुंचे। वन कर्मियों को आते देख माफिया ने फायरिंग शुरू कर दी। वन कर्मियों ने भी जवाब में फायरिंग की और घटना की सूचना दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक मनोज सोनकर, रेंजर सठियाना तुलसी राम दोहरे को दी। कुछ ही देर में सठियाना के रेंजर और उसके बाद उड़नदस्ता टीम के साथ उपनिदेशक मनोज सोनकर, वार्डेन एसके अमरेश, एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट संजीव कुमार, स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के सीओ अभिनव यादव मय दलबल घटनास्थल पर पहुंच गए। इस बीच नेपाली माफिया काटी गई शीशम की लकड़ी को पिपरा नाले में पहले से खड़ी नाव पर लाद रहे थे। वन कर्मियों और एसएसबी की टीम को आते देख माफिया नाव में लदी लकड़ी को छोड़कर भाग गए। माफिया के भागने के बाद वन कर्मियों ने पिपरा नाले में नाव पर लदी लकड़ी को निकालकर अपने कब्जे में ले लिया।
दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक मनोज सोनकर ने बताया कि सुमेरपुर जंगल से शीशम की लकड़ी का अवैध कटान कर रहे नेपाली माफिया की पहचान कर ली गई है। इसमें अंबरगढ़ का शातिर माफिया मोनू खाती के अलावा उसके गैंग में शामिल आठ अन्य अपराधियों की पहचान हुई है। इनमें शामिल नेपाल के खागांव निवासी गगन खाती, पदम खड़का, संतोष खाती, पप्पू बिष्ट, राम खाती, शैलेंद्र और राजू के खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। मौके से बरामद लकड़ी, नाव और लकड़ी कटान में प्रयोग किए गए उपकरणों को सीज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भागे आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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वन्यजीव रक्षक की दिलेरी से बची लकड़ी
सठियाना रेंज के वन्यजीव रक्षक गौरव यादव के दिलेरी से नेपाली तस्करों द्वारा काटी गई शीशम की लकड़ी माफिया नेपाल ले जाने में नाकामयाब रहे। माफिया की लगातार फायरिंग के बीच गौरव यादव अपनी जान की परवाह किए बगैर हवाई फायरिंग करते हुए नेपाल सीमा से सटे पिपरा नाले की तरफ पहुंच गए। इस दौरान एसएसबी, एसटीएफ और वन कर्मियों को देख घबराए नेपाली माफिया लकड़ी छोड़कर भाग गए। गौरव यादव की इस दिलेरी को देख सभी वन कर्मी हतप्रभ रह गए।
सठियाना रेंज में नेपाली वन माफिया से वन कर्मियों की मुठभेड़ हुई है। वन माफिया भागने में सफल रहे। मौके से 11 बोटा शीशम की लकड़ी आदि बरामद की गई है। साथ ही सभी आरोपियों को चिह्नित कर लिया गया है। उनके खिलाफ केस काटकर कार्रवाई की जा रही है। -संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व।
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नेपाल के शातिर लकड़ी माफिया रविवार रात करीब एक बजे दुधवा जंगल में घुस आए और सठियाना रेंज के सुमेरपुर वन ब्लॉक में शीशम के पेड़ों का अवैध कटान शुरू कर दिया। इस दौरान जंगल में गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम में शामिल वन दरोगा रामनरेश, विश्वनाथ आदि को जब जंगल में लकड़ी काटने की आवाज और हलचल सुनाई दी तो वे मौके पर पहुंचे। वन कर्मियों को आते देख माफिया ने फायरिंग शुरू कर दी। वन कर्मियों ने भी जवाब में फायरिंग की और घटना की सूचना दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक मनोज सोनकर, रेंजर सठियाना तुलसी राम दोहरे को दी। कुछ ही देर में सठियाना के रेंजर और उसके बाद उड़नदस्ता टीम के साथ उपनिदेशक मनोज सोनकर, वार्डेन एसके अमरेश, एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट संजीव कुमार, स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के सीओ अभिनव यादव मय दलबल घटनास्थल पर पहुंच गए। इस बीच नेपाली माफिया काटी गई शीशम की लकड़ी को पिपरा नाले में पहले से खड़ी नाव पर लाद रहे थे। वन कर्मियों और एसएसबी की टीम को आते देख माफिया नाव में लदी लकड़ी को छोड़कर भाग गए। माफिया के भागने के बाद वन कर्मियों ने पिपरा नाले में नाव पर लदी लकड़ी को निकालकर अपने कब्जे में ले लिया।
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दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक मनोज सोनकर ने बताया कि सुमेरपुर जंगल से शीशम की लकड़ी का अवैध कटान कर रहे नेपाली माफिया की पहचान कर ली गई है। इसमें अंबरगढ़ का शातिर माफिया मोनू खाती के अलावा उसके गैंग में शामिल आठ अन्य अपराधियों की पहचान हुई है। इनमें शामिल नेपाल के खागांव निवासी गगन खाती, पदम खड़का, संतोष खाती, पप्पू बिष्ट, राम खाती, शैलेंद्र और राजू के खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। मौके से बरामद लकड़ी, नाव और लकड़ी कटान में प्रयोग किए गए उपकरणों को सीज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भागे आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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वन्यजीव रक्षक की दिलेरी से बची लकड़ी
सठियाना रेंज के वन्यजीव रक्षक गौरव यादव के दिलेरी से नेपाली तस्करों द्वारा काटी गई शीशम की लकड़ी माफिया नेपाल ले जाने में नाकामयाब रहे। माफिया की लगातार फायरिंग के बीच गौरव यादव अपनी जान की परवाह किए बगैर हवाई फायरिंग करते हुए नेपाल सीमा से सटे पिपरा नाले की तरफ पहुंच गए। इस दौरान एसएसबी, एसटीएफ और वन कर्मियों को देख घबराए नेपाली माफिया लकड़ी छोड़कर भाग गए। गौरव यादव की इस दिलेरी को देख सभी वन कर्मी हतप्रभ रह गए।
सठियाना रेंज में नेपाली वन माफिया से वन कर्मियों की मुठभेड़ हुई है। वन माफिया भागने में सफल रहे। मौके से 11 बोटा शीशम की लकड़ी आदि बरामद की गई है। साथ ही सभी आरोपियों को चिह्नित कर लिया गया है। उनके खिलाफ केस काटकर कार्रवाई की जा रही है। -संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व।