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जंगल से सटे इलाके में कच्ची का कारोबार तो बन गया कुटीर उद्योग
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। ब्लॉक क्षेत्र में जंगल से सटे गांवों में कच्ची बनाने और बेचने का कारोबार न केवल कुटीर उद्योग बन गया है, बल्कि लोगों की कमाई का जरिया बना हुआ है। जिससे आसपास गांव के लोग नशे के आदी हो रहे हैं। खासकर युवा वर्ग नशे के शिकंजे में जकड़ चुका है। कई गांव तो ऐसे हैं जहां शाम होते ही कच्ची दारू के अड्डे सज जाते हैं।
बांकेगंज कस्बे से सटे पहाड़नगर गांव में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई और 21 लोग बीमार हो गए। बताते हैं कि कच्ची शराब बनाने वाले शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए कई हानिकारक रसायनों का प्रयोग करते हैं। ऐसी शराब पीने से लोगों के बीमार हो की खबरें आती हैं। जब इस शराब की मात्रा ज्यादा हो जाती है तब मौत तक हो जाती है। गुरुवार की रात पहाड़नगर गांव में हुई घटना में भी यही मामला सामने आया है।
पुलिस और आबकारी विभाग करता है अनदेखी
ऐसा नहीं है कि कच्ची के कारोबार की जानकारी पुलिस और आबकारी विभाग को नहीं हैं लेकिन यह दोनों जिम्मेदार विभाग इसे अनदेखा करते हैं। जिसका कारण यह है कि इन कच्ची के कारोबारियों को कहीं न कहीं खाकी का भी संरक्षण रहता है। जिसके कारण खादी बेबस हो जाती है।
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अवैध शराब के कई मामले छिपा जाते हैं ग्रामीण
कई बार जहरीली शराब पीने से मौत होने या बीमार पड़ने पर के मामले पीड़ित परिवार के लोग पुलिस के पचड़े से बचने के लिए छिपा जाते हैं। पहाड़नगर गांव में इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार न होते और दो लोगों की मौत न होती तो शायद यह मामला भी सामने नहीं आ पाता।
एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसके शव का पोस्टमार्टम पैनल से कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अनिश्चित (अनसरटेन) बताई गई है। पांच लोग अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार वाले शराब पीने से हालत बिगड़ने की बात कह रहे हैं। पूरे मामले की जांच एएसपी से कराई जा रही है।
-पूनम, एसपी
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बांकेगंज कस्बे से सटे पहाड़नगर गांव में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई और 21 लोग बीमार हो गए। बताते हैं कि कच्ची शराब बनाने वाले शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए कई हानिकारक रसायनों का प्रयोग करते हैं। ऐसी शराब पीने से लोगों के बीमार हो की खबरें आती हैं। जब इस शराब की मात्रा ज्यादा हो जाती है तब मौत तक हो जाती है। गुरुवार की रात पहाड़नगर गांव में हुई घटना में भी यही मामला सामने आया है।
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पुलिस और आबकारी विभाग करता है अनदेखी
ऐसा नहीं है कि कच्ची के कारोबार की जानकारी पुलिस और आबकारी विभाग को नहीं हैं लेकिन यह दोनों जिम्मेदार विभाग इसे अनदेखा करते हैं। जिसका कारण यह है कि इन कच्ची के कारोबारियों को कहीं न कहीं खाकी का भी संरक्षण रहता है। जिसके कारण खादी बेबस हो जाती है।
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अवैध शराब के कई मामले छिपा जाते हैं ग्रामीण
कई बार जहरीली शराब पीने से मौत होने या बीमार पड़ने पर के मामले पीड़ित परिवार के लोग पुलिस के पचड़े से बचने के लिए छिपा जाते हैं। पहाड़नगर गांव में इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार न होते और दो लोगों की मौत न होती तो शायद यह मामला भी सामने नहीं आ पाता।
एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसके शव का पोस्टमार्टम पैनल से कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अनिश्चित (अनसरटेन) बताई गई है। पांच लोग अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार वाले शराब पीने से हालत बिगड़ने की बात कह रहे हैं। पूरे मामले की जांच एएसपी से कराई जा रही है।
-पूनम, एसपी