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मासूम के शव का दोबारा हो पोस्टमार्टम
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लखीमपुर खीरी। थाना हैदराबाद क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से गांव मूड़ा जवाहर निवासी के तीन साल के बच्चे की मौत हो गई थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से परिवार वाले संतुष्ट नहीं हैं। शुक्रवार को मृतक बच्चे की मां व पिता डीएम-एसपी से मिले और दोबारा शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
गांव मूड़ा जवाहर निवासी सोनी अवस्थी ने बताया कि 12 दिसंबर 2019 को उनके तीन साल के पुत्र ध्रुव की तबीयत खराब हुई थी। तभी गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर कल्याण सिंह गौतम और उसके साथी पंकज ने घर आकर बेटे को जहरीली दवा दे दी, जिससे उनके बेटे की हालत बिगड़ गई। जिस पर वह लोग उसे सीएचसी लाए, जहां डॉक्टर ने ध्रुव को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने डॉक्टर कल्याण सिंह गौतम व उसके साथी पंकज निवासी अजान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया।
आरोप है कि आरोपियों व डॉक्टरों की सांठगांठ के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट सही नहीं दी गई और न ही डॉक्टर ने बिसरा सुरक्षित किया। इस पर बच्चे के माता-पिता ने डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह व एसपी पूनम को शिकायती पत्र देकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने व बिसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ से जांच कराने की मांग की है।
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गांव मूड़ा जवाहर निवासी सोनी अवस्थी ने बताया कि 12 दिसंबर 2019 को उनके तीन साल के पुत्र ध्रुव की तबीयत खराब हुई थी। तभी गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर कल्याण सिंह गौतम और उसके साथी पंकज ने घर आकर बेटे को जहरीली दवा दे दी, जिससे उनके बेटे की हालत बिगड़ गई। जिस पर वह लोग उसे सीएचसी लाए, जहां डॉक्टर ने ध्रुव को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने डॉक्टर कल्याण सिंह गौतम व उसके साथी पंकज निवासी अजान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया।
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आरोप है कि आरोपियों व डॉक्टरों की सांठगांठ के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट सही नहीं दी गई और न ही डॉक्टर ने बिसरा सुरक्षित किया। इस पर बच्चे के माता-पिता ने डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह व एसपी पूनम को शिकायती पत्र देकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने व बिसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ से जांच कराने की मांग की है।
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