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बागों और झुग्गियों में तलाश रहे चोर, लुटेरे
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लखीमपुर खीरी। सर्दी का मौसम अपराधियों के लिए काफी मुफीद माना जाता है। इस मौसम में चोरी, लूट और डकैती जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं। एसपी के आदेश पर पुलिस अब सड़क किनारे, बागों व खेतों में झुग्गी-झोपड़ी पर दस्तक दे रही हैं। इनमें रहने वालों की हर जानकारी जुटा रही है।
पिछले नवंबर महीने में चोरी, लूट की कई घटनाएं हुईं थीं। इससे पुलिस में खलबली मच गई थी। एसपी पूनम के निर्देश पर थाना प्रभारियों ने झुग्गी-झोंपड़ी बनाकर रहने वाले लोगों की जांच शुरू कर दी है। इनमें रहने वाले लोगों का मूल निवास क्या है। यहां पर वे लोग कितने सालों से रह रहे हैं। क्या-क्या काम करते हैं। कोई आपराधिक इतिहास तो नहीं है आदि सभी पहलुओं की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस उनके मूल निवास के थाना क्षेत्रों से भी उनकी जानकारी जुटाई जा रही है कि उन पर कोई आपराधिक मामले तो दर्ज नहीं हैं। इनका चाल-चलन कैसा है। पुलिस की कोशिश है कि कहीं भी कोई अपराधी या बाहरी व्यक्ति नाम और धर्म बदलकर न रहने पाए। बुधवार को थाना नीमगांव पुलिस ने झोंपड़ी में रह रहे लोगों से उनके नाम-पते सहित कई जानकारियां लीं।
कहीं भी बना लेते हैं आशियाना
अन्य प्रदेशों और बाहरी जिलों से आकर भी लोग अपराध कर जाते हैं। पुलिस को उनकी भनक भी नहीं लगती है। यह अपराधी सड़कों, गांवों के किनारे झुग्गी झोंपड़ी डालकर अस्थायी रूप से बसेरा बना लेते हैं। शहर से लेकर गांव तक कहीं हवा भरने वाला पंप या किसी अन्य सामान फेरी लगाकर बेचने का धंधा करने लगते हैं। मौका पाकर लंबा हाथ मारकर निकल जाते हैं। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है।
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सभी थाना क्षेत्रों में झुग्गी-झोंपड़ी बनाकर रह रहे लोगों की पुलिस मौके पर जाकर जांच कर रही है। जरूरी जानकारी करने के बाद इनके निवास के संबंधित थानों से भी जानकारी जुटाई जाएगी।
पूनम पुलिस अधीक्षक
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पिछले नवंबर महीने में चोरी, लूट की कई घटनाएं हुईं थीं। इससे पुलिस में खलबली मच गई थी। एसपी पूनम के निर्देश पर थाना प्रभारियों ने झुग्गी-झोंपड़ी बनाकर रहने वाले लोगों की जांच शुरू कर दी है। इनमें रहने वाले लोगों का मूल निवास क्या है। यहां पर वे लोग कितने सालों से रह रहे हैं। क्या-क्या काम करते हैं। कोई आपराधिक इतिहास तो नहीं है आदि सभी पहलुओं की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस उनके मूल निवास के थाना क्षेत्रों से भी उनकी जानकारी जुटाई जा रही है कि उन पर कोई आपराधिक मामले तो दर्ज नहीं हैं। इनका चाल-चलन कैसा है। पुलिस की कोशिश है कि कहीं भी कोई अपराधी या बाहरी व्यक्ति नाम और धर्म बदलकर न रहने पाए। बुधवार को थाना नीमगांव पुलिस ने झोंपड़ी में रह रहे लोगों से उनके नाम-पते सहित कई जानकारियां लीं।
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कहीं भी बना लेते हैं आशियाना
अन्य प्रदेशों और बाहरी जिलों से आकर भी लोग अपराध कर जाते हैं। पुलिस को उनकी भनक भी नहीं लगती है। यह अपराधी सड़कों, गांवों के किनारे झुग्गी झोंपड़ी डालकर अस्थायी रूप से बसेरा बना लेते हैं। शहर से लेकर गांव तक कहीं हवा भरने वाला पंप या किसी अन्य सामान फेरी लगाकर बेचने का धंधा करने लगते हैं। मौका पाकर लंबा हाथ मारकर निकल जाते हैं। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है।
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सभी थाना क्षेत्रों में झुग्गी-झोंपड़ी बनाकर रह रहे लोगों की पुलिस मौके पर जाकर जांच कर रही है। जरूरी जानकारी करने के बाद इनके निवास के संबंधित थानों से भी जानकारी जुटाई जाएगी।
पूनम पुलिस अधीक्षक