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आरोपियों से कृपाण, कड़ा उतरवाने को कहने पर तिकुनियां थाने में हंगामा
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तिकुनिया। स्मैक के साथ पकड़े गए एक आरोपी समेत दो सिख युवक से थाने में हेड कांस्टेबिल ने कड़ा और कृपाण उतराने को कहा तो हंगामा हो गया।
इंस्पेक्टर कोतवाल हनुमान प्रसाद ने एसएसबी के साथ संयुक्त चेकिंग के दौरान मंगलवार को दाराबोझी तिराहे पर रननगर निवासी रेशम सिंह को करीब 40 ग्राम स्मैक व एक नेपाली बाइक के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने रेशम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके चालान कर दिया। इससे पहले दो सिपाहियों के साथ उसका मेडिकल कराने सुबह करीब 10.45 बजे अस्पताल भेजा गया। साथ में तीन अन्य मामलों के तीन अभियुक्त भी मेडिकल के लिए ले जाए गए थे। अस्पताल में रेशम सिंह व अन्य अभियुक्तों के परिचित व परिवार के लोग भी थे। वहां उसके परिजनों से विवाद हुआ तो कोतवाली से और फोर्स मंगवा ली गई। फोर्स ने अस्पताल पंहुचकर चार युवकों रणजोध सिंह, गुरुवचन सिंह, श्याम सिंह और सरवन सिंह को गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले आई और साथ आई महिलाओं व बच्चों को भी एक कमरे में बैठा दिया। तभी हेड कांस्टेबिल मनोज कुमार ने चारों युवकों में से दो युवकों रणजोध सिंह व गुरुवचन सिंह से कृपाण, कड़ा आदि उतारने को कहा। जिसका युवकों ने कड़ा विरोध भी किया लेकिन बाद में राजी हो गए। सिख धर्म के अपमान की अफवाह फैलते ही प्रकट सिंह, गुरभेज सिंह, गुरुमीत रंधावा, सुरजीत सिंह, त्रैलोक सिंह, जितेंद्र सिंह आदि लोग थाने पहुंच गए। हंगामा करने पर कोतवाल ने स्वयं व हेड कांस्टेबिल से माफी मंगवाकर प्रकरण को निपटा दिया।
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इंस्पेक्टर कोतवाल हनुमान प्रसाद ने एसएसबी के साथ संयुक्त चेकिंग के दौरान मंगलवार को दाराबोझी तिराहे पर रननगर निवासी रेशम सिंह को करीब 40 ग्राम स्मैक व एक नेपाली बाइक के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने रेशम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके चालान कर दिया। इससे पहले दो सिपाहियों के साथ उसका मेडिकल कराने सुबह करीब 10.45 बजे अस्पताल भेजा गया। साथ में तीन अन्य मामलों के तीन अभियुक्त भी मेडिकल के लिए ले जाए गए थे। अस्पताल में रेशम सिंह व अन्य अभियुक्तों के परिचित व परिवार के लोग भी थे। वहां उसके परिजनों से विवाद हुआ तो कोतवाली से और फोर्स मंगवा ली गई। फोर्स ने अस्पताल पंहुचकर चार युवकों रणजोध सिंह, गुरुवचन सिंह, श्याम सिंह और सरवन सिंह को गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले आई और साथ आई महिलाओं व बच्चों को भी एक कमरे में बैठा दिया। तभी हेड कांस्टेबिल मनोज कुमार ने चारों युवकों में से दो युवकों रणजोध सिंह व गुरुवचन सिंह से कृपाण, कड़ा आदि उतारने को कहा। जिसका युवकों ने कड़ा विरोध भी किया लेकिन बाद में राजी हो गए। सिख धर्म के अपमान की अफवाह फैलते ही प्रकट सिंह, गुरभेज सिंह, गुरुमीत रंधावा, सुरजीत सिंह, त्रैलोक सिंह, जितेंद्र सिंह आदि लोग थाने पहुंच गए। हंगामा करने पर कोतवाल ने स्वयं व हेड कांस्टेबिल से माफी मंगवाकर प्रकरण को निपटा दिया।