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नेपाल बॉर्डर पर एटीएस...अब निगाह माड्यूल्स पर
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लखीमपुर खीरी। टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार दो नाइजीरियाई समेत तीन लोगों के जेल जाने के बाद एटीएस की निगाहें अब सीमा पर मौजूद चिह्नित माड्यूूल्स पर हैं। वह इनकी गिरफ्तारी के लिए तानाबाना बुन रही है। नेपाल बॉर्डर पर एटीएस की आवाजाही से सीमा पर हलचल तेज हो गई है।
भारत-नेपाल सीमा के मध्य मोहना नदी है। इसके अलावा नदी के दोनों ओर घने जंगल हैं। नदी पर जिला पंचायत, वन विभाग के घाट हैं। इनमें कुछ घाट ऐसे हैं, जिन्हें चोरी छिपे चलाया जाता है। इन घाटों का उपयोग अधिकतर तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के लिए होता है। तस्कर घाट ठेकेदारों को मोटी रकम देकर माल इधर से उधर करते हैं। 11 अक्तूबर को निघासन थाना पुलिस की मदद से यूपी एटीएस ने नेपाल से आतंकियों को आर्थिक मदद देने वाले गिरोह के सदस्य उम्मेद अली, सलीम सलमानी निवासी परतापुर थाना इज्जतनगर, संजय अग्रवाल निवासी कसबा तिकुनियां और एराज अली निवासी बदालपुरवा थाना तिकुनियां को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक दो नाइजीरियाई समेत 11 लोगों को एटीएस गिरफ्तार कर चुकी है।
इसके अलावा 100 माड्यूल्स भी एटीएस के निशाने पर हैं। नाइजीरियाई की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने एक बार फिर अपना रुख नेपाल बॉर्डर पर कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक एटीएस अब नेपाल सीमा पर रह रहे माड्यूल्स को गिरफ्तार करने की कोशिश में है। इसको लेकर गतिविधियां नेपाल बॉर्डर पर बढ़ाई हैं। एटीएस के अधिकारी सोमवार को यहां पहुंच भी गए हैं। सोमवार को एटीएस टीम ने ट्रेनों में चेकिंग की थी। इससे साफ जाहिर है कि एटीएस सिर्फ मामले के मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इस मामले से जुड़े हर अपराधी को खोजकर उन्हें जेल तक पहुंचाना चाहती है।
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भारत-नेपाल सीमा के मध्य मोहना नदी है। इसके अलावा नदी के दोनों ओर घने जंगल हैं। नदी पर जिला पंचायत, वन विभाग के घाट हैं। इनमें कुछ घाट ऐसे हैं, जिन्हें चोरी छिपे चलाया जाता है। इन घाटों का उपयोग अधिकतर तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के लिए होता है। तस्कर घाट ठेकेदारों को मोटी रकम देकर माल इधर से उधर करते हैं। 11 अक्तूबर को निघासन थाना पुलिस की मदद से यूपी एटीएस ने नेपाल से आतंकियों को आर्थिक मदद देने वाले गिरोह के सदस्य उम्मेद अली, सलीम सलमानी निवासी परतापुर थाना इज्जतनगर, संजय अग्रवाल निवासी कसबा तिकुनियां और एराज अली निवासी बदालपुरवा थाना तिकुनियां को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक दो नाइजीरियाई समेत 11 लोगों को एटीएस गिरफ्तार कर चुकी है।
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इसके अलावा 100 माड्यूल्स भी एटीएस के निशाने पर हैं। नाइजीरियाई की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने एक बार फिर अपना रुख नेपाल बॉर्डर पर कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक एटीएस अब नेपाल सीमा पर रह रहे माड्यूल्स को गिरफ्तार करने की कोशिश में है। इसको लेकर गतिविधियां नेपाल बॉर्डर पर बढ़ाई हैं। एटीएस के अधिकारी सोमवार को यहां पहुंच भी गए हैं। सोमवार को एटीएस टीम ने ट्रेनों में चेकिंग की थी। इससे साफ जाहिर है कि एटीएस सिर्फ मामले के मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इस मामले से जुड़े हर अपराधी को खोजकर उन्हें जेल तक पहुंचाना चाहती है।
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