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गोला में बिक रहा प्लास्टिक वाला साबूदाना
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गोला गोकर्णनाथ। दीपावली पर खाद्य पदार्थों की मांग ज्यादा देखकर मिलावटखोरों ने फायदा उठाना शुरू कर दिया है, उनकी इस चालबाजी का लोगों की सेहत पर क्या असर पड़ेगा, इसका भी कोई मलाल नहीं है। नगर में प्लास्टिक युक्त साबूदाना और चावल भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग लोगों की सेहत के प्रति लापरवाह बना हुआ है।
बुधवार को एसीएमओ डॉ. रविंद्रनाथ वर्मा ने अपने आवास पर साबूदाना दिखाते हुए बताया कि मंगलवार की दोपहर को तीर्थ बाजार स्थित एक दुकान से डॉ. अंजलिनाथ ने सीएचसी में भर्ती महिला मरीजों को खिलाने के लिए साबूदाना मंगवाया था। 24 घंटे पानी में रखने के बाद भी प्लास्टिक युक्त साबूदाना ज्यों का त्यों बना रहा। तब उन्होंने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को फोन किया, लेकिन कोई भी सैंपल लेने तक नहीं आया। इससे लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कुकर में तीन सिटी के बाद भी नहीं गले चावल
नगर के मोहल्ला मुन्नूगंज निवासी मोटर मैकेनिक गंगाराम ने बताया कि एक महीना पूर्व मिल रोड स्थित बाजार में एक दुकान से 32रुपये प्रति किलो के हिसाब से मंसूरी चावल लेकर आए थे। घर जाकर जब उसे पकाया गया तो कुकर में तीन सीटी बजने के बाद भी चावल का एक भी दाना नहीं गला। लोगों को उन्होंने यह बात बताई तो पता चला कि ये चावल प्लास्टिक युक्त हैं। यह पता लगने के बाद अगले दिन उन्होंने दुकान पर जाकर चावल वापस कर दिए।
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इस बाबत जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी से बात की जाएगी। दीपावली से पूर्व ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम द्वारा सैंपलिंग कराकर कार्रवाई की जाएगी। - अखिलेश यादव, एसडीएम, गोला
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बुधवार को एसीएमओ डॉ. रविंद्रनाथ वर्मा ने अपने आवास पर साबूदाना दिखाते हुए बताया कि मंगलवार की दोपहर को तीर्थ बाजार स्थित एक दुकान से डॉ. अंजलिनाथ ने सीएचसी में भर्ती महिला मरीजों को खिलाने के लिए साबूदाना मंगवाया था। 24 घंटे पानी में रखने के बाद भी प्लास्टिक युक्त साबूदाना ज्यों का त्यों बना रहा। तब उन्होंने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को फोन किया, लेकिन कोई भी सैंपल लेने तक नहीं आया। इससे लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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कुकर में तीन सिटी के बाद भी नहीं गले चावल
नगर के मोहल्ला मुन्नूगंज निवासी मोटर मैकेनिक गंगाराम ने बताया कि एक महीना पूर्व मिल रोड स्थित बाजार में एक दुकान से 32रुपये प्रति किलो के हिसाब से मंसूरी चावल लेकर आए थे। घर जाकर जब उसे पकाया गया तो कुकर में तीन सीटी बजने के बाद भी चावल का एक भी दाना नहीं गला। लोगों को उन्होंने यह बात बताई तो पता चला कि ये चावल प्लास्टिक युक्त हैं। यह पता लगने के बाद अगले दिन उन्होंने दुकान पर जाकर चावल वापस कर दिए।
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इस बाबत जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी से बात की जाएगी। दीपावली से पूर्व ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम द्वारा सैंपलिंग कराकर कार्रवाई की जाएगी। - अखिलेश यादव, एसडीएम, गोला