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नेपाल बॉर्डर के आठ संदिग्ध एटीएस के रडार पर
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लखीमपुर खीरी। बरेली से गिरफ्तार फहीम और सिराजुद्दीन को एटीएस सात दिन की कस्टडी रिमांड पर लेकर शनिवार की रात लखनऊ चली गई। सूत्रों की मानें तो अब तक की पूछताछ में दोनों ने नोटों को बदलने वाले अन्य आठ लोगों के नाम एटीएस को बताए हैं। इनमें शामिल लोग तिकुनियां बॉर्डर और सीमावर्ती इलाकों के रहने वाले हैं। एटीएस की पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है।
नेपाल से आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचाने का निघासन पुलिस ने 11 अक्तूबर को खुलासा किया था। यूपी एटीएस और लखीमपुर खीरी पुलिस ने निघासन के पलिया बस अड्डे से उम्मेद अली और सलीम सलमानी निवासी परतापुर थाना इज्जतनगर बरेली, लखीमपुर खीरी जिले के दो अन्य संजय अग्रवाल निवासी तिकुनियां और एराज अली निवासी बदालपुरवा को गिरफ्तार किया था। यूपी एटीएस की जांच में लखीमपुर खीरी कोतवाली तिकुनियां के गांव डांगा निवासी मुमताज, बरेली के गांव परतापुर चौधरी निवासी फहीम, सिराजुद्दीन और सदाकत अली के नाम प्रकाश में आए थे। निघासन पुलिस ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज की थी। दो रोज पहले पुलिस ने सिराजुद्दीन और फहीम को बरेली से गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुमताज ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। सदाकत ने भी आत्मसमर्पण के लिए अर्जी कोर्ट में लगाई है। जिस पर 22 अक्तूबर को सुनवाई होगी। कस्टडी रिमांड मिलने के बाद एटीएस फहीम और सिराजुद्दीन को शनिवार की रात में ही लेकर लखनऊ चली गई। सूत्रों की मानें तो दोनों ने तिकुनियां और सीमावर्ती बॉर्डर पर रहने वाले आठ लोगों के नाम भी नोट बदलने के मामले में बताए हैं। एटीएस ने दोनों के बयानों में कितनी सच्चाई है। इसको लेकर जांच शुरू कर दी है।
नेपाल और दिल्ली में गड़ी एटीएस की निगाह
सूत्रों की माने तो फहीम और सिराजुद्दीन से एटीएस को पूछताछ में कुछ अहम क्लू हाथ लगे हैं। इनमें नेपाल में बैठकर टेरर फंडिंग चलाने वाले अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। एटीएस की निगाह दिल्ली और नेपाल पर है। आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही एक टीम दोनों आरोपियों को लेकर बॉर्डर पर पहुंच कर नेपाल के अफसरों से संपर्क कर सकती है। एटीएस दोनों के बैंक खाते और प्रापर्टी आदि भी खंगाल रही है।
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नेपाल से आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचाने का निघासन पुलिस ने 11 अक्तूबर को खुलासा किया था। यूपी एटीएस और लखीमपुर खीरी पुलिस ने निघासन के पलिया बस अड्डे से उम्मेद अली और सलीम सलमानी निवासी परतापुर थाना इज्जतनगर बरेली, लखीमपुर खीरी जिले के दो अन्य संजय अग्रवाल निवासी तिकुनियां और एराज अली निवासी बदालपुरवा को गिरफ्तार किया था। यूपी एटीएस की जांच में लखीमपुर खीरी कोतवाली तिकुनियां के गांव डांगा निवासी मुमताज, बरेली के गांव परतापुर चौधरी निवासी फहीम, सिराजुद्दीन और सदाकत अली के नाम प्रकाश में आए थे। निघासन पुलिस ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज की थी। दो रोज पहले पुलिस ने सिराजुद्दीन और फहीम को बरेली से गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुमताज ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। सदाकत ने भी आत्मसमर्पण के लिए अर्जी कोर्ट में लगाई है। जिस पर 22 अक्तूबर को सुनवाई होगी। कस्टडी रिमांड मिलने के बाद एटीएस फहीम और सिराजुद्दीन को शनिवार की रात में ही लेकर लखनऊ चली गई। सूत्रों की मानें तो दोनों ने तिकुनियां और सीमावर्ती बॉर्डर पर रहने वाले आठ लोगों के नाम भी नोट बदलने के मामले में बताए हैं। एटीएस ने दोनों के बयानों में कितनी सच्चाई है। इसको लेकर जांच शुरू कर दी है।
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नेपाल और दिल्ली में गड़ी एटीएस की निगाह
सूत्रों की माने तो फहीम और सिराजुद्दीन से एटीएस को पूछताछ में कुछ अहम क्लू हाथ लगे हैं। इनमें नेपाल में बैठकर टेरर फंडिंग चलाने वाले अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। एटीएस की निगाह दिल्ली और नेपाल पर है। आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही एक टीम दोनों आरोपियों को लेकर बॉर्डर पर पहुंच कर नेपाल के अफसरों से संपर्क कर सकती है। एटीएस दोनों के बैंक खाते और प्रापर्टी आदि भी खंगाल रही है।
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