{"_id":"5daa042f8ebc3e93c315aee3","slug":"crimc-lakhimpur-news-bly38077356","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला ने एसपी पूनम बनकर मेडिकल संचालक को हड़काया, एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला ने एसपी पूनम बनकर मेडिकल संचालक को हड़काया, एफआईआर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। बैंक के लोन की जमा न हो सकीं किस्तों की रकम निकलवाने की कोशिश में एक महिला ने खुद को एसपी पूनम बताकर फोन पर एक व्यक्ति और फिर उनके रिश्तेदार मेडिकल स्टोर संचालक को जमकर हड़काया। महिला और उसके साथी के लहजे पर शक होने पर व्यवसायी एसपी के पास ही पहुंच गया तो पक्का हो गया कि एसपी का नाम लेकर किसी और न हड़काया। एसपी ने तुरंत अज्ञात महिला और उसके साथी पर रिपोर्ट दर्ज कराकर उनकी तलाश शुरू करा दी।
मेडिकल स्टोर संचालक आदर्श सक्सेना मोहल्ला बरखेरवा के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनके भाई के ससुर ने एचडीएफसी बैंक से करीब दो लाख रुपये का लोन लिया था। लोन की कुछ किस्तें टूट गईं, जिन्हें जमा कराने के लिए परिवार के लोग प्रयास कर रहे हैं। दो दिन पहले बुधवार को भाई के ससुर सीतापुर अपने घर पर थे। उनके मोबाइल पर दोपहर करीब 12 बजे एक कॉल पहुंची। कॉल करने वाले ने कहा - ‘मैं एसपी ऑफिस से खुशीराम बोल रहा हूं। आपने बैंक (प्राइवेट) से जो लोन लिया है, उसे आज ही एक बजे तक जमा करो।’ दोबारा कुछ देर बाद फिर उसकी कॉल आई। अभद्रता करते हुए कहा -‘तुम अभी तक आए नहीं हो। तुम्हारे पत्नी, बच्चों को उठवा लेंगे।’ इससे पूरा परिवार दहशत में आ गया।
सीतापुर से ही उन्होंने अपने दामाद के भाई आदर्श सक्सेना को दी। जब उन्होंने उस नंबर पर कॉल की तो उनसे भी अभद्रता की गई। उसने फिर किसी महिला को एसपी बताते हुए बात कराई। महिला ने कहा-‘मैं एसपी पूनम बोल रही हूं। क्यों नहीं पैसा जमा कर रहे हो।’ महिला और युवक की बातों और लहजे से उन्हें शक हुआ। इस पर वह एसपी से मिले और पूरी बात बताई। एसपी भी उनकी बात को सुनकर हैरान रह गईं। उन्होंने जब अपने कार्यालय में पता कराया तो खुशीराम नाम का कोई व्यक्ति कार्यरत नहीं मिला। एसपी के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने खुशीराम और एक अज्ञात महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल स्टोर संचालक आदर्श सक्सेना मोहल्ला बरखेरवा के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनके भाई के ससुर ने एचडीएफसी बैंक से करीब दो लाख रुपये का लोन लिया था। लोन की कुछ किस्तें टूट गईं, जिन्हें जमा कराने के लिए परिवार के लोग प्रयास कर रहे हैं। दो दिन पहले बुधवार को भाई के ससुर सीतापुर अपने घर पर थे। उनके मोबाइल पर दोपहर करीब 12 बजे एक कॉल पहुंची। कॉल करने वाले ने कहा - ‘मैं एसपी ऑफिस से खुशीराम बोल रहा हूं। आपने बैंक (प्राइवेट) से जो लोन लिया है, उसे आज ही एक बजे तक जमा करो।’ दोबारा कुछ देर बाद फिर उसकी कॉल आई। अभद्रता करते हुए कहा -‘तुम अभी तक आए नहीं हो। तुम्हारे पत्नी, बच्चों को उठवा लेंगे।’ इससे पूरा परिवार दहशत में आ गया।
विज्ञापन
सीतापुर से ही उन्होंने अपने दामाद के भाई आदर्श सक्सेना को दी। जब उन्होंने उस नंबर पर कॉल की तो उनसे भी अभद्रता की गई। उसने फिर किसी महिला को एसपी बताते हुए बात कराई। महिला ने कहा-‘मैं एसपी पूनम बोल रही हूं। क्यों नहीं पैसा जमा कर रहे हो।’ महिला और युवक की बातों और लहजे से उन्हें शक हुआ। इस पर वह एसपी से मिले और पूरी बात बताई। एसपी भी उनकी बात को सुनकर हैरान रह गईं। उन्होंने जब अपने कार्यालय में पता कराया तो खुशीराम नाम का कोई व्यक्ति कार्यरत नहीं मिला। एसपी के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने खुशीराम और एक अज्ञात महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन