टेरर फंडिंग: एटीएस ने पहले दिन तिकुनियां में जमाया डेरा, पूरे इलाके पर पैनी नजर, लोगों में दिखी हलचल
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टेरर फंडिंग मामले के चार आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने मंगलवार को नेपाल बॉर्डर से सटे तिकुनियां इलाके में डेरा डाल दिया है। टीम तिकुनियां बाजार में एक घंटे तक घूम कर जायजा लेती रही। एक घंटे के बाद टीम ने नेपाल बॉडर के गांवों की ओर रुख किया।
इससे पहले सोमवार शाम से मंगलवार सुबह तक चारों आरोपियों से अज्ञात स्थान पर पूछताछ की गई थी। नेपाल से टेरर फंडिंग की रकम लाकर उसे आतंकियों तक भिजवाने के आरोप में यूपी एटीएस ने निघासन पुलिस की मदद से 11 अक्तूबर को चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
इनमें से दो युवक बरेली के इज्जतनगर और दो कोतवाली तिकुनियां (लखीमपुर खीरी) के रहने वाले हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया था। सोमवार को यूपी एटीएस के डीएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कोर्ट से सात दिन के लिए चारों को कस्टडी रिमांड पर लिया। बरेली के रहने वाले दोनों आरोपी शराफत अली और समीर सलमानी भी तिकुनियां थाना क्षेत्र के खमरिया और बदालपुरवा में रह चुके थे।
वहीं दोनों अन्य आरोपियों में से संजय अग्रवाल तिकुनियां कस्बे का और एराज अली बदालपुरवा गांव का है। इसी कारण चारों आरोपियों को लेकर एटीएस टीम ने पहला पड़ाव कोतवाली तिकुनियां बनाया। मंगलवार को यूपी एटीएस की आठ सदस्यीय टीम डीएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में कस्बा तिकुनियां पहुंची।
सबसे पहले टीम रेलवे स्टेशन पहुंची। कुछ देर वहां पर रुकने के बाद कस्बे की दुकानों के आसपास टीम करीब पौन घंटे तक घूमी। हालांकि किसी से पूछताछ नहीं की। इसके बाद टीम चाय की एक दुकान पर पहुंची। आपस में करीब 15 मिनट तक वार्ता की। इसके बाद वहां से दो टीमें बन गईं।
इनमें से एक टीम ने नेपाल सीमा की ओर गई, जबकि दूसरी टीम बेलरायां की ओर रवाना हो गई। एटीएस के तिकुनियां और नेपाल के सीमावर्ती गांवों में पहुंचने से हलचल मच गई है। सबसे अधिक वो व्यापारी दहशत में हैं, जिनके या तो नेपाल को बैंक में खाते खुले हैं या फिर मुद्रा बदलने के धंधे में रहे हैं।
लाल-नीली बत्तियां लगी कारें इलाके में दौड़ीं तो मची खलबली
टेरर फंडिंग का खुलासा होने के बाद मंगलवार को लाल-नीली बत्ती लगी कारें सड़कों पर दौड़ती दिखीं। इससे लोग हलकान रहे। कोई इन्हें एटीएस तो कोई आईबी के वाहन होने के कयास लगा रहा था। एटीएस की टीम बेलरायां रेलवे स्टेशन भी पहुंची, लेकिन टीम वहां रुकी नहीं। माना जा रहा है कि टीम रास्ता भटकने के कारण बेलरायां स्टेशन पहुंच गई थी। हालांकि इससे लोगों में खलबली मची रही।