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फिर गैर हाजिर रहे विधायक अरविन्द गिरि, गिरफ्तारी वारंट जारी
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लखीमपुर खीरी। वन विभाग के गेस्ट हाउस में घुसकर हंगामा करने के साथ ही वन्य जीव जंतुओं को प्रभावित करने के मामले में विधायक अरविंद गिरि शुक्रवार को अदालत में हाजिर नहीं हुए। एडीजे पीके सिंह ने इस मामले में गोला पुलिस को विधायक की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया है। मामले की सुनवाई के लिए 17 मार्च की तारीख निर्धारित की गई है।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान गोला पुलिस ने विधायक के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर बताया कि कुर्की नोटिस विधायक के निवास पर चस्पा कर दिया गया है, जिसमें उनके परिवार के मोंटी गिरि को गवाह बनाया गया है। साथ ही लाउडस्पीकर पर भी मुनादी कराते हुए विधायक को हाजिर होने की सूचना दी गई है। इस पर अदालत ने फिर गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 17 मार्च को विधायक अरविंद गिरि को पेश करने के आदेश गोला पुलिस को दिए।
विधायक के भाई ने किया जुर्म का इकबाल, जुर्माना भरने के बाद रिहा
भाजपा विधायक अरविंद गिरि के छोटे भाई अजय गिरि शुक्रवार को अपने वकील के साथ अदालत में हाजिर हुए। उन्होंने केस की जानकारी न होने की बात कहते हुए आत्मसमर्पण कर दिया, इस पर अदालत ने उन्हें कस्टडी में लेेने के साथ ही सुनवाई शुरू की तो अजय गिरि ने जुर्म इकबाल कर लिया, उन्होंने स्वीकार किया कि वह 24 अक्तूबर सन 2000 को अलीगंज रोड पूर्व केबिन के पास रेलवे ट्रैक पर हुए धरना प्रदर्शन में शामिल थे, जीआरपी पुलिस का आरोप था कि इस तरह जाम लगाने व धरना प्रदर्शन के कारण रेलवे को क्षति पहुंची और आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ था। अदालत ने विधायक के भाई अजय गिरि पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए मामला समाप्त कर दिया। साथ ही जुर्माने की अदायगी के बाद उन्हें रिहा कर दिया।
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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान गोला पुलिस ने विधायक के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर बताया कि कुर्की नोटिस विधायक के निवास पर चस्पा कर दिया गया है, जिसमें उनके परिवार के मोंटी गिरि को गवाह बनाया गया है। साथ ही लाउडस्पीकर पर भी मुनादी कराते हुए विधायक को हाजिर होने की सूचना दी गई है। इस पर अदालत ने फिर गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 17 मार्च को विधायक अरविंद गिरि को पेश करने के आदेश गोला पुलिस को दिए।
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विधायक के भाई ने किया जुर्म का इकबाल, जुर्माना भरने के बाद रिहा
भाजपा विधायक अरविंद गिरि के छोटे भाई अजय गिरि शुक्रवार को अपने वकील के साथ अदालत में हाजिर हुए। उन्होंने केस की जानकारी न होने की बात कहते हुए आत्मसमर्पण कर दिया, इस पर अदालत ने उन्हें कस्टडी में लेेने के साथ ही सुनवाई शुरू की तो अजय गिरि ने जुर्म इकबाल कर लिया, उन्होंने स्वीकार किया कि वह 24 अक्तूबर सन 2000 को अलीगंज रोड पूर्व केबिन के पास रेलवे ट्रैक पर हुए धरना प्रदर्शन में शामिल थे, जीआरपी पुलिस का आरोप था कि इस तरह जाम लगाने व धरना प्रदर्शन के कारण रेलवे को क्षति पहुंची और आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ था। अदालत ने विधायक के भाई अजय गिरि पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए मामला समाप्त कर दिया। साथ ही जुर्माने की अदायगी के बाद उन्हें रिहा कर दिया।
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