{"_id":"5e176d2a8ebc3e8805379c67","slug":"court-lakhimpur-news-bly391382817","type":"story","status":"publish","title_hn":"आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में सांसद रेखा वर्मा कोर्ट में हुई पेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में सांसद रेखा वर्मा कोर्ट में हुई पेश
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लखीमपुर खीरी। चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन सहित निर्वाचन से जुड़े दो लंबित मामलों में सांसद रेखा वर्मा, एडीजे पीके सिंह की अदालत में पेश हुई लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अब अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी तारीख दी गई है।
सांसद रेखा वर्मा के पहले चुनाव के दौरान सन 2014 में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के दो अलग-अलग मामले धौरहरा पुलिस ने रेखा वर्मा के खिलाफ दर्ज कराए थे। जिनमें से एक मामले में रेखा वर्मा और उनके तत्कालीन ड्राइवर संतोष कुमार के खिलाफ चार्जशीट बन गई थी लेकिन उसके बाद से गवाह अदालत में नहीं पेश हुए। तो दूसरे मामले में सांसद रेखा वर्मा के साथ ही अन्य कई आरोपी है। जिनमें गैर हाजिर आरोपियों की हाजिरी के इंतजार में ही सुनवाई आगे नही बढ़ पा रही है। गुरुवार को जिले के वकीलों ने लखनऊ की घटना को लेकर अदालती कामकाज से विरत रहने का संकल्प लिया था। लिहाजा सांसद के मामले में अदालत ने अब अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है। साथ ही अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता कौशल किशोर को गवाही पेश करने का निर्देश दिया है।
फिर नही पेश हुए विधायक अरविंद गिरि
अदालत के आदेश के बाद भी पुलिस ने विधायक अरविंद गिरी को गुरुवार को कोर्ट में पेश नहीं किया। अदालत ने 21 जनवरी को विधायक को पेश करने के लिए गोला कोतवाली पुलिस को आदेश दिया है।
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विधायक अरविंद गिरि के खिलाफ चल रहे मारपीट, चुनाव आचार संहिता और वन अधिनियम के उल्लंघन सहित पुराने कई मुकदमों में गैर जमानती वारंट जारी है लेकिन गोला पुलिस सब कुछ जानकर अंजान बनी है। अदालती आदेश के बावजूद गोला पुलिस ने एडीजे पीके सिंह की अदालत से जारी गैर जमानती वारंट पर चुप्पी साध ली है। वहीं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर ने बताया कि विधायक अरविंद गिरि के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश तो दिए गए थे लेकिन अभी तक गोला पुलिस ने इस बारे में कोई रिपोर्ट नही दी है।
हड़ताल की खबर लगते ही अन्य ने भी भेज दी हाजिरी माफी
लखनऊ में साथी वकील की निर्मम हत्या के बाद गुरुवार को विरोध स्वरूप जिले के अधिवक्ताओं ने अदालती कामकाज से विरत रहने का निर्णय लिया था। शायद इसकी जानकारी लगने के बाद ही अधिकतर जनप्रिनिधियों ने अपनी हाजिरी माफी भेज दी। वैसे आज अदालत में दाउद अहमद, पूर्व सांसद जितिन प्रसाद के साथ ही एमएलसी शशांक यादव व कई विधायक और पूर्व विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई होनी थी लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते किसी फाइल में कार्रवाई आगे नही बढ़ सकी, अब सभी मामलों की सुनवाई के लिए अदालत ने 21 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है।
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सांसद रेखा वर्मा के पहले चुनाव के दौरान सन 2014 में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के दो अलग-अलग मामले धौरहरा पुलिस ने रेखा वर्मा के खिलाफ दर्ज कराए थे। जिनमें से एक मामले में रेखा वर्मा और उनके तत्कालीन ड्राइवर संतोष कुमार के खिलाफ चार्जशीट बन गई थी लेकिन उसके बाद से गवाह अदालत में नहीं पेश हुए। तो दूसरे मामले में सांसद रेखा वर्मा के साथ ही अन्य कई आरोपी है। जिनमें गैर हाजिर आरोपियों की हाजिरी के इंतजार में ही सुनवाई आगे नही बढ़ पा रही है। गुरुवार को जिले के वकीलों ने लखनऊ की घटना को लेकर अदालती कामकाज से विरत रहने का संकल्प लिया था। लिहाजा सांसद के मामले में अदालत ने अब अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है। साथ ही अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता कौशल किशोर को गवाही पेश करने का निर्देश दिया है।
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फिर नही पेश हुए विधायक अरविंद गिरि
अदालत के आदेश के बाद भी पुलिस ने विधायक अरविंद गिरी को गुरुवार को कोर्ट में पेश नहीं किया। अदालत ने 21 जनवरी को विधायक को पेश करने के लिए गोला कोतवाली पुलिस को आदेश दिया है।
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विधायक अरविंद गिरि के खिलाफ चल रहे मारपीट, चुनाव आचार संहिता और वन अधिनियम के उल्लंघन सहित पुराने कई मुकदमों में गैर जमानती वारंट जारी है लेकिन गोला पुलिस सब कुछ जानकर अंजान बनी है। अदालती आदेश के बावजूद गोला पुलिस ने एडीजे पीके सिंह की अदालत से जारी गैर जमानती वारंट पर चुप्पी साध ली है। वहीं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर ने बताया कि विधायक अरविंद गिरि के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश तो दिए गए थे लेकिन अभी तक गोला पुलिस ने इस बारे में कोई रिपोर्ट नही दी है।
हड़ताल की खबर लगते ही अन्य ने भी भेज दी हाजिरी माफी
लखनऊ में साथी वकील की निर्मम हत्या के बाद गुरुवार को विरोध स्वरूप जिले के अधिवक्ताओं ने अदालती कामकाज से विरत रहने का निर्णय लिया था। शायद इसकी जानकारी लगने के बाद ही अधिकतर जनप्रिनिधियों ने अपनी हाजिरी माफी भेज दी। वैसे आज अदालत में दाउद अहमद, पूर्व सांसद जितिन प्रसाद के साथ ही एमएलसी शशांक यादव व कई विधायक और पूर्व विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई होनी थी लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते किसी फाइल में कार्रवाई आगे नही बढ़ सकी, अब सभी मामलों की सुनवाई के लिए अदालत ने 21 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है।