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पांच दिनों में 15,678 लोग दूसरे राज्यों से गांवों में लौटे
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लखीमपुर खीरी। कोरोना को लेकर हुए लॉकडाउन के बाद 27 मार्च से एक अप्रैल तक जनपद में दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से 15,678 कामगार/श्रमिक अपने गांवों में लौट आए हैं। इससे जिला प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती पेश हो गई है, क्योंकि ऐसे लोगों में से अभी 50 फीसदी लोगों की मेडिकल जांच नहीं हो पाई है। इससे प्रशासन समेत ग्रामीणों में कोरोना संक्रमण के फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है। खासकर क्वारंटीन सेंटरों में रखे गए लोगों के घर भागने की घटनाएं परेशानी बढ़ाने वाली हैं। हालांकि पुलिस-प्रशासन का दावा है कि लोगों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
दिल्ली, नोएडा, हरियाणा, राजस्थान समेत दूसरे राज्यों से आए लोगों में से 11,918 लोगों को क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है। जबकि 3760 लोगों को उनके ही घरों में अलग रखा गया है। सबसे ज्यादा दूसरे राज्यों से 2624 लोग पसगवां ब्लॉक में आए हैं, जबकि दूसरे नंबर पर निघासन ब्लॉक में 1635 और मितौली ब्लॉक में 1440 लोग आए हैं। सबसे कम की बात करें तो बेहजम ब्लॉक में 323 लोग दूसरे राज्यों से लौटे हैं। शेष अन्य ब्लॉकों में 600 से अधिक संख्या बाहर से आने वालों की है। यही कारण है कि पुलिस-प्रशासन समेत आम नागरिक भी कोरोना संक्रमण को लेकर डरे हुए हैैं। कोरोना कंट्रोल रूम में भी गांवों से इसी बात की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं कि क्वारंटीन सेंटरों से निकलकर लोग गांव में घूमते हैं और इनकी मेडिकल जांच भी नहीं कराई गई है। इससे जरा सी भी चूक होने पर कोरोना संक्रमण का खतरा गंभीर हो सकता है।
ब्लॉकवार बाहर से आए लोगों की संख्या
लखीमपुर ब्लॉक में 861, फूलबेहड़ में 908, बेहजम में 323, नकहा में 790, कुंभी में 1045, बांकेगंज में 1116, मोहम्मदी में 727, पसगवां में 2624, मितौली में 1440, बिजुआ में 656, पलिया में 784, निघासन में 1635, रमियाबेहड़ में 1215, धौरहरा में 612 और ईसानगर में 942 लोग दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से लौटे हैं।
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27 मार्च से 15678 लोग दूसरे राज्यों से जनपद में आए हैं, जो अलग-अलग ब्लॉकों के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं। सभी लोगों की बराबर निगरानी की जा रही है। ज्यादातर लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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दिल्ली, नोएडा, हरियाणा, राजस्थान समेत दूसरे राज्यों से आए लोगों में से 11,918 लोगों को क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है। जबकि 3760 लोगों को उनके ही घरों में अलग रखा गया है। सबसे ज्यादा दूसरे राज्यों से 2624 लोग पसगवां ब्लॉक में आए हैं, जबकि दूसरे नंबर पर निघासन ब्लॉक में 1635 और मितौली ब्लॉक में 1440 लोग आए हैं। सबसे कम की बात करें तो बेहजम ब्लॉक में 323 लोग दूसरे राज्यों से लौटे हैं। शेष अन्य ब्लॉकों में 600 से अधिक संख्या बाहर से आने वालों की है। यही कारण है कि पुलिस-प्रशासन समेत आम नागरिक भी कोरोना संक्रमण को लेकर डरे हुए हैैं। कोरोना कंट्रोल रूम में भी गांवों से इसी बात की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं कि क्वारंटीन सेंटरों से निकलकर लोग गांव में घूमते हैं और इनकी मेडिकल जांच भी नहीं कराई गई है। इससे जरा सी भी चूक होने पर कोरोना संक्रमण का खतरा गंभीर हो सकता है।
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ब्लॉकवार बाहर से आए लोगों की संख्या
लखीमपुर ब्लॉक में 861, फूलबेहड़ में 908, बेहजम में 323, नकहा में 790, कुंभी में 1045, बांकेगंज में 1116, मोहम्मदी में 727, पसगवां में 2624, मितौली में 1440, बिजुआ में 656, पलिया में 784, निघासन में 1635, रमियाबेहड़ में 1215, धौरहरा में 612 और ईसानगर में 942 लोग दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से लौटे हैं।
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27 मार्च से 15678 लोग दूसरे राज्यों से जनपद में आए हैं, जो अलग-अलग ब्लॉकों के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं। सभी लोगों की बराबर निगरानी की जा रही है। ज्यादातर लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम