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कोरोना को लेकर रोक फिर भी आशाओं को दी जा रही ट्रेनिंग
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लखीमपुर खीरी। कोरोना को रोकने के लिए देश-प्रदेश में सामूहिक आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। लेकिन स्वास्थ्य महकमे के कुछ अधिकारी आशा वर्करों की ट्रेनिंग करा रहे है। वहीं ट्रेनिंग में आने वाली आशाओं में कुछ बीमार भी बताई जा रही हैं।
गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए आशा वर्करों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए एएनएम ट्रेनिंग पर पिछले कई माह से प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। जबकि कोरोना को रोकने के लिए शासन ने सामूहिक पर पाबंदी लगा रखी है। इसके बावजूद आशाएं रोजाना प्रशिक्षण लेने के लिए घर से आ रही हैं। ऐसे में आशा एवं ट्रेनर पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। मगर, जिम्मेदार ट्रेनिंग बंद करने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि प्रशिक्षण में शामिल कुछ आशाएं बीमार भी हैं। यही नहीं ट्रेनिंग लेने के लिए आने वाली आशाएं अपने नवजात शिशुओं को भी साथ में लेकर आती है। जबकि जारी गाइडलाइन के अनुसार बच्चे, बुजुर्ग और बीमार आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में ट्रेनर से लेकर आशाएं भयभीत हैं। मगर, अधिकारियों के निर्देश पर आशाएं ट्रेनिंग पर आने को मजबूर हैं।
प्रशिक्षण होने की जानकारी मिली है, जिसे समाप्त करने के लिए कह दिया है।
डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए आशा वर्करों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए एएनएम ट्रेनिंग पर पिछले कई माह से प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। जबकि कोरोना को रोकने के लिए शासन ने सामूहिक पर पाबंदी लगा रखी है। इसके बावजूद आशाएं रोजाना प्रशिक्षण लेने के लिए घर से आ रही हैं। ऐसे में आशा एवं ट्रेनर पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। मगर, जिम्मेदार ट्रेनिंग बंद करने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि प्रशिक्षण में शामिल कुछ आशाएं बीमार भी हैं। यही नहीं ट्रेनिंग लेने के लिए आने वाली आशाएं अपने नवजात शिशुओं को भी साथ में लेकर आती है। जबकि जारी गाइडलाइन के अनुसार बच्चे, बुजुर्ग और बीमार आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में ट्रेनर से लेकर आशाएं भयभीत हैं। मगर, अधिकारियों के निर्देश पर आशाएं ट्रेनिंग पर आने को मजबूर हैं।
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प्रशिक्षण होने की जानकारी मिली है, जिसे समाप्त करने के लिए कह दिया है।
डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ