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शहर के बाद गांवों में भी कोरोना संक्रमण ने पकड़ी तेजी

Fri, 07 May 2021 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 07 May 2021 12:55 AM IST
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corona affect
लखीमपुर खीरी। पंचायत चुनाव के बाद से शहर समेत सदर ब्लॉक और ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों के मामले तेजी से बढ़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों कुंभी, पसगवां, बांकेगंज, ईसानगर, बेहजम, पलिया में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले हैं। जो शासन-प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना है। क्योंकि शहरों में ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर पहले से मारामारी चल रही है। वहीं अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड खाली नहीं हैं।
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पंचायत चुनाव के लिए सात और आठ अप्रैल 2021 को प्रत्याशियों के नामांकन होने के बाद चुनाव प्रचार ने जैसे-जैसे तेजी पकड़ी, उसी के साथ कोरोना संक्रमण ने भी तेजी से पैर पसारे हैं। आठ अप्रैल 2021 को 42 संक्रमित मिले थे, जिसके बाद 12 अप्रैल तक संक्रमितों की संख्या 50 के इर्दगिर्द सीमित रही। इस बीच 11 अप्रैल को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित हुए, जिसके बाद गांवों में चुनाव प्रचार ने तेजी पकड़ी। इसका नतीजा भी जल्द सामने आया। 13 अप्रैल 2021 से कोरोना संक्रमितों के मिलने का ग्राफ बहुत तेजी से बढ़ने लगा। चुनाव के लिए शहर से गांवों तक सरकारी मशीनरी से लेकर प्रत्याशी व समर्थक दौड़-भाग में लगे थे, जिससे दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आते गए। 15 अप्रैल से संक्रमितों की संख्या 200 के पार हुई, जिसके अगले दिन 16 अप्रैल को रिकॉर्ड 515 संक्रमित मिलने से प्रशासन तक में खलबली मच गई। इसके बाद प्रतिदिन 400 से ज्यादा संक्रमित मिलने का सिलसिला जारी है। मतदान के बाद तो ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमितों का ग्राफ बहुत से तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही संक्रमण की चपेट में आए व्यक्तियों की मौत होने के मामले भी बढ़े हैं।
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नामांकन के बाद मतदान से पहले तक ब्लॉकवार मिले कोरोना संक्रमित
जनपद में 13 अप्रैल 2021 से कोरोना संक्रमितों के आंकड़े सैकड़े 105 में तब्दील हुए थे, जिसमें लखीमपुर क्षेत्र में 68 और मोहम्मदी में सात, गोला में 10, मितौली में छह, पलिया में दो केस मिले थे।
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इसके बाद लगातार संक्रमितों के आंकड़ों का ग्राफ तेजी से बढ़ता रहा, जिससे 14 अप्रैल को 150 संक्रमित मिले। 15 अप्रैल को 246 संक्रमित मिले, जिसमें लखीमपुुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा 138 केस, मोहम्मदी में 10, मितौली में 22, धौरहरा में आठ, गोला में 33, निघासन में पांच, पलिया में एक केस मिला था। 16 अप्रैल को रिकार्डतोड़ 515 संक्रमित मिले, जिसमें लखीमपुर क्षेत्र में 275, निघासन क्षेत्र में छह, धौरहरा क्षेत्र में 11, पलिया क्षेत्र में 19, मितौली क्षेत्र में 26, मोहम्मदी में 23, गोला में 41 संक्रमित मिले थे। 17 अप्रैल को 411 संक्रमित मिले, जिसमें लखीमपुर में 171, पलिया में 11, मितौली में 12, धौरहरा में 10, गोला में 43, निघासन में 11, मोहम्मदी में 10 संक्रमित मिले थे। इसके बाद 18 अप्रैल 2021 को कुल 567 संक्रमित मिले, जिसमें लखीमपुर में 271, गोला में 79, धौरहरा में 20, निघासन में 26, मोहम्मदी में 21, मितौली में 42, पलिया में 15 संक्रमित मिले थे।
मतदान के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बिगड़े हालात
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 19 अप्रैल को जिले भर मतदान हुआ, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण ने तेजी से पैर पसारे हैं। 20 अप्रैल को 350 संक्रमित मिले थे, जिसमें 190 संक्रमित लखीमपुर में और बांकेगंज में 29, पसगवां में 30, मितौली में 15 संक्रमित मिले। 21 अप्रैल को 501 संक्रमित मिले, जिसमें सबसे ज्यादा 350 लखीमपुर में और ईसानगर में 22, बांकेगंज में 15, कुंभी में 32, मोहम्मदी में 28 संक्रमित मिले। 22 अप्रैल को 416 संक्रमित मिले, जिसमें लखीमपुर में 231, ईसानगर में 15, बांकेगंज में 17, पसगवां में 27, कुंभी में 72 संक्रमित मिले। 23 अप्रैल को 662 संक्रमित मिले, जिसमें लखीमपुर क्षेत्र में 381, पसगवां में 54, कुंभी में 43, पलिया में 40, मोहम्मदी में 32 संक्रमित मिले। 26 अप्रैल को 523 संक्रमित मिले, जिसमें 273 लखीमपुर में और ईसानगर में 27, कुंभी में 96, मोहम्मदी में 51 संक्रमित मिले। 27 अप्रैल को 693 संक्रमित मिले, जिसमें लखीमपुर में 385, ईसानगर में 50, पसगवां में 49, कुंभी में 42, पसगवां में 49 संक्रमित मिले। 29 अप्रैल को लखीमपुर में 204, निघासन में 37, पसगवां में 39, कुंभी में 75, पलिया में 64 केस मिले थे। 30 अप्रैल को लखीमपुर में 200, नकहा में 109, निघासन में 42 केस मिले थे। इसके बाद मई में भी संक्रमण के नए केस मिलने का सिलसिला जारी है।

मौतों के मामले कई, लेकिन रिकॉर्ड में नहीं
ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान के बाद से मौतों के मामले बढ़े हैं, जिसमें कुछ मामलों का कोरोना से मौत होने का रिकॉर्ड है। जबकि ज्यादातर मामलों में कोविड की जांच न होने से उनका रिकॉर्ड नहीं है। पंचायत चुनाव के दौरान कई प्रत्याशियों व उनके सगे-संबंधियों की भी मौत हो चुकी है। ज्यादातर मौतों का कारण कोरोना बताया जा रहा है, तो कुछ में हार्ट अटैक की बात कही जा रही है।
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