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Lakhimpur Kheri News: रसोइयों ने उठाई मानदेय व सेवा सुरक्षा की आवाज
Sat, 14 Feb 2026 11:25 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 14 Feb 2026 11:25 PM IST
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लखीमपुर खीरी। विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त रसोइया मोर्चा उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने सदर विधायक योगेश वर्मा व श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी को ज्ञापन दिए। दोनों विधायकों ने मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और जायज मांगों पर विचार कर समाधान कराने का आश्वासन दिया।
मोर्चा के महामंत्री कैलाश कुमार ने बताया कि विद्यालयों में रसोइयों से मिड-डे मील तैयार कराने के अलावा चपरासी, माली, चौकीदार और सफाईकर्मी जैसे कार्य भी कराए जाते हैं। करीब छह घंटे कार्य करने के बावजूद उन्हें न्यूनतम जीवनयापन योग्य मानदेय नहीं मिल पा रहा है। महंगाई के दौर में मौजूदा 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
ज्ञापन में मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने, नवीनीकरण के नाम पर मनमाने ढंग से हटाने की व्यवस्था बंद करने और नियुक्ति अवधि को शिक्षा सत्र के अनुसार 11 माह मानते हुए पूरे 11 माह का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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संगठन ने यह भी कहा कि छात्र संख्या कम होने पर पूर्व से कार्यरत रसोइयों को हटाया जाना अन्यायपूर्ण है। छात्र-रसोइया अनुपात में संशोधन कर 25 छात्रों पर एक रसोइया, 100 पर तीन, 200 पर पांच और 300 छात्रों पर सात रसोइयों की नियुक्ति का प्रावधान किए जाने की मांग भी शामिल है।
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मोर्चा के महामंत्री कैलाश कुमार ने बताया कि विद्यालयों में रसोइयों से मिड-डे मील तैयार कराने के अलावा चपरासी, माली, चौकीदार और सफाईकर्मी जैसे कार्य भी कराए जाते हैं। करीब छह घंटे कार्य करने के बावजूद उन्हें न्यूनतम जीवनयापन योग्य मानदेय नहीं मिल पा रहा है। महंगाई के दौर में मौजूदा 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
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ज्ञापन में मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने, नवीनीकरण के नाम पर मनमाने ढंग से हटाने की व्यवस्था बंद करने और नियुक्ति अवधि को शिक्षा सत्र के अनुसार 11 माह मानते हुए पूरे 11 माह का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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संगठन ने यह भी कहा कि छात्र संख्या कम होने पर पूर्व से कार्यरत रसोइयों को हटाया जाना अन्यायपूर्ण है। छात्र-रसोइया अनुपात में संशोधन कर 25 छात्रों पर एक रसोइया, 100 पर तीन, 200 पर पांच और 300 छात्रों पर सात रसोइयों की नियुक्ति का प्रावधान किए जाने की मांग भी शामिल है।