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Lakhimpur Kheri News: 2.34 लाख दबाए बैठा चकबंदी विभाग, पीड़ित छह साल से लगा रहा चक्कर
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ओम प्रकाश वर्मा अपनी समस्या बताते हुए।
लखीमपुर खीरी। चकबंदी विभाग पर किराये की राशि न चुकाने का मामला सामने आया है। चकबंदी विभाग पर तीन साल तीन माह का 2.24 लाख रुपये किराया बकाया है। पीड़ित पिछले छह सालों से प्रशासन से लेकर शासनस्तर पर गुहार लगा चुका है, लेकिन भुगतान मिलने का रास्ता साफ नहीं हो सका। इधर, विभागीय अफसरों ने बताया कि मामले की फाइल शासन स्तर पर लंबित है।
सदर ब्लॉक क्षेत्र के रामापुर निवासी ओम प्रकाश वर्मा पुत्र श्रीपाल वर्मा ने अपनी शिकायत में कहा कि भानपुर क्षेत्रीय सर्किल क्षेत्र में सरकारी कार्यालय के लिए उनके तीन कमरों के मकान को अस्थायी रूप से किराए पर लिया गया था। उस समय भवन का किराया प्रति माह 6000 रुपये तय था। उनके मकान में एक सितंबर 2016 से 30 दिसंबर 2019 तक सरकारी कार्यालय रहा। इसके बाद वह कार्यालय दूसरी जगह चल गया।
छह हजार रुपये के हिसाब से 2.34 लाख रुपये किराया बना, लेकिन आज तक किराया नहीं मिल सका। पीड़ित ने बताया कि वह वर्ष 2019 से भुगतान के लिए सरकारी अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं और काफी परेशान हो चुके हैं। शासनस्तर पर भी शिकायत कर चुके हैं। पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया कि जिला स्तर के अफसर ने तो शासन से बजट मांग की है, लेकिन अभी तक नहीं मिला है।
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यह मामला हमारे कार्यकाल से पहले का है। फिर भी अपने स्तर से शासन को पत्र लिख चुका हूंं। अब शासन स्तर से अनुमति और बजट मिलता है तो संबंधित को किराए की धनराशि का भुगतान कर दिया जाएगा। हमारे स्तर से जो भी होना था, वह किया जा चुका है।
-संजय कुमार आनंद, एसओसी, चकबंदी विभाग
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सदर ब्लॉक क्षेत्र के रामापुर निवासी ओम प्रकाश वर्मा पुत्र श्रीपाल वर्मा ने अपनी शिकायत में कहा कि भानपुर क्षेत्रीय सर्किल क्षेत्र में सरकारी कार्यालय के लिए उनके तीन कमरों के मकान को अस्थायी रूप से किराए पर लिया गया था। उस समय भवन का किराया प्रति माह 6000 रुपये तय था। उनके मकान में एक सितंबर 2016 से 30 दिसंबर 2019 तक सरकारी कार्यालय रहा। इसके बाद वह कार्यालय दूसरी जगह चल गया।
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छह हजार रुपये के हिसाब से 2.34 लाख रुपये किराया बना, लेकिन आज तक किराया नहीं मिल सका। पीड़ित ने बताया कि वह वर्ष 2019 से भुगतान के लिए सरकारी अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं और काफी परेशान हो चुके हैं। शासनस्तर पर भी शिकायत कर चुके हैं। पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया कि जिला स्तर के अफसर ने तो शासन से बजट मांग की है, लेकिन अभी तक नहीं मिला है।
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यह मामला हमारे कार्यकाल से पहले का है। फिर भी अपने स्तर से शासन को पत्र लिख चुका हूंं। अब शासन स्तर से अनुमति और बजट मिलता है तो संबंधित को किराए की धनराशि का भुगतान कर दिया जाएगा। हमारे स्तर से जो भी होना था, वह किया जा चुका है।
-संजय कुमार आनंद, एसओसी, चकबंदी विभाग