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सात वर्षीय बच्चे में जेई, डेंगू और चिकनगुनिया की पुष्टि
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आईसीयू वार्ड।
दो दिन पहले आईसीयू वार्ड में हुआ था भर्ती
बृहस्पतिवार को आई जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा
लखीमपुर खीरी। जिले में जेई यानी जापानी इंसेफ्लाइटिस, डेंगू एवं चिकनगुनिया ने दस्तक दे दी है। इन तीनों की पुष्टि धौरहरा निवासी एक सात वर्षीय बच्चे में हुई है। बुखार आने पर उसे 23 अप्रैल को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया था। बृहस्पतिवार को आई जांच रिपोर्ट में एक ही बच्चे में तीनों बीमारियों की पुष्टि होने से खलबली मच गई। बच्चे को मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर किया गया है।
बुखार पीड़ित सात वर्षीय पुत्र अवतार को धौरहरा निवासी देशराज ने कस्बे में इलाज कराया, लेकिन जब राहत नहीं मिली तो 23 अप्रैल को लखीमपुर आकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत नाजुक होने के कारण उसे आईसीयू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। इलाज के बावजूद राहत न मिलने पर अवतार की जांच कराई गई। बृहस्पतिवार को आई जांच रिपोर्ट देखकर वार्ड का स्टाफ हैरत में पड़ गया। सात वर्षीय बच्चे में एक साथ डेंगू, जेई एवं चिकनगुनिया की पुष्टि होने पर डॉक्टर ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया है।
डेंगू के लक्षण-
1. भूख कम लगना।
2. तेज ठंड लगकर बुखार आना।
3. सिर और आंखों में दर्द होना।
4. शरीर और जोड़ों में दर्द में होना।
5. पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
6. जी मचलाना, उल्टी और दस्त आना।
7. गंभीर स्थिति में आंख और नाक से खून आना।
8. शरीर में लाल निशान, धब्बे, चकत्ते और खुजली होने लगती है।
चिकनगुनिया एवं डेंगू से बचाव
1. घर के अंदर व आसपास पानी इकठ्ठा न होने दें।
2. घर के आसपास मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव करवाएं।
3. पानी के बर्तनों को खुला न रखें।
4. रसोई एवं बाथरूम को सूखा रखें।
5. कूलर और गमले का पानी प्रतिदिन बदलते रहें।
6. खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवायें।
7. मच्छरों से बचाव के लिए क्रीम लगाएं।
8. शरीर को ढकने के लिए पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनें।
9. सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें।
चिकनगुनिया के लक्षण
1. तेज बुखार आना।
2. सिर में तेज दर्द।
3. मुंह में छाले और उल्टी आना।
4. भूख में कमी और स्वाद ना आना।
5. चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना।
6. हाथ, पैर और पीठ में तेज दर्द।
7. रैशेज या चकत्ते पड़ जाना।
8. जोड़ों में सूजन और मांस पेशियों में दर्द।
एक ही बच्चे में डेंगू, जेई व चिकनगुनिया के लक्षण होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जिला मलेरिया अधिकारी को मौके पर भेजकर निरोधक कार्रवाई कराने के साथ पीड़ित के घर के आसपास रह रहे लोगों की स्लाइड बनवाई जाएगी, जिससे इन बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
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- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ
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बृहस्पतिवार को आई जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा
लखीमपुर खीरी। जिले में जेई यानी जापानी इंसेफ्लाइटिस, डेंगू एवं चिकनगुनिया ने दस्तक दे दी है। इन तीनों की पुष्टि धौरहरा निवासी एक सात वर्षीय बच्चे में हुई है। बुखार आने पर उसे 23 अप्रैल को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया था। बृहस्पतिवार को आई जांच रिपोर्ट में एक ही बच्चे में तीनों बीमारियों की पुष्टि होने से खलबली मच गई। बच्चे को मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर किया गया है।
बुखार पीड़ित सात वर्षीय पुत्र अवतार को धौरहरा निवासी देशराज ने कस्बे में इलाज कराया, लेकिन जब राहत नहीं मिली तो 23 अप्रैल को लखीमपुर आकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत नाजुक होने के कारण उसे आईसीयू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। इलाज के बावजूद राहत न मिलने पर अवतार की जांच कराई गई। बृहस्पतिवार को आई जांच रिपोर्ट देखकर वार्ड का स्टाफ हैरत में पड़ गया। सात वर्षीय बच्चे में एक साथ डेंगू, जेई एवं चिकनगुनिया की पुष्टि होने पर डॉक्टर ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया है।
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डेंगू के लक्षण-
1. भूख कम लगना।
2. तेज ठंड लगकर बुखार आना।
3. सिर और आंखों में दर्द होना।
4. शरीर और जोड़ों में दर्द में होना।
5. पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
6. जी मचलाना, उल्टी और दस्त आना।
7. गंभीर स्थिति में आंख और नाक से खून आना।
8. शरीर में लाल निशान, धब्बे, चकत्ते और खुजली होने लगती है।
चिकनगुनिया एवं डेंगू से बचाव
1. घर के अंदर व आसपास पानी इकठ्ठा न होने दें।
2. घर के आसपास मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव करवाएं।
3. पानी के बर्तनों को खुला न रखें।
4. रसोई एवं बाथरूम को सूखा रखें।
5. कूलर और गमले का पानी प्रतिदिन बदलते रहें।
6. खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवायें।
7. मच्छरों से बचाव के लिए क्रीम लगाएं।
8. शरीर को ढकने के लिए पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनें।
9. सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें।
चिकनगुनिया के लक्षण
1. तेज बुखार आना।
2. सिर में तेज दर्द।
3. मुंह में छाले और उल्टी आना।
4. भूख में कमी और स्वाद ना आना।
5. चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना।
6. हाथ, पैर और पीठ में तेज दर्द।
7. रैशेज या चकत्ते पड़ जाना।
8. जोड़ों में सूजन और मांस पेशियों में दर्द।
एक ही बच्चे में डेंगू, जेई व चिकनगुनिया के लक्षण होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जिला मलेरिया अधिकारी को मौके पर भेजकर निरोधक कार्रवाई कराने के साथ पीड़ित के घर के आसपास रह रहे लोगों की स्लाइड बनवाई जाएगी, जिससे इन बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
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- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ