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Lakhimpur Kheri News: समितियों के भवन जर्जर... हादसे का डर
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सहकारी समिति झिन्नापुरवा का जर्जर भवन संवाद
रमियाबेहड़। रमियाबेहड़ ब्लॉक की रमियाबेहड़ और झिन्नापुरवा की सहकारी समितियों का भवन जर्जर हो गया है। हादसे का डर रहता है। इनमें खाद, बीज रखने की व्यवस्थाएं भी दुरुस्त नहीं है। खाद के लिए किसानों को निजी दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। समिति सचिव और अन्य कर्मियों को जोखिम के बीच काम करना पड़ रहा है।
झिन्नापुरवा बी-पैक्स समिति में छह ग्राम पंचायतें मझरापूरब, ढखेरवा नानकार, बैरिया, सरपतहा, बबियारी और पढ़ुआ के करीब 28 गांव आते हैं। रमियाबेहड़ सहकारी समिति में 10 ग्राम पंचायतें जटपुरवा, टहारा, सेमरी, चंद्रपुरा, रमियाबेहड़, नौवापुरवा, चदैयापुर, मल्लहबेहड़, सोहरिया, और लखाही (आंशिक) के 42 गांव शामिल हैं। इन गांव के ग्रामीणों को इन समितियों से ही खाद मिलती है।
झिन्नापुरवा समिति के सचिव सरोज मिश्रा ने बताया कि भवन अत्यधिक जर्जर है। इसमें दो गोदाम समेत कार्यालय और आवास की छतें किसी भी समय गिर सकती हैं। बारिश के दिनों में खाद रखने में दिक्कत होती है।
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रमियाबेहड़ के सचिव श्याम मोहन त्रिवेदी ने बताया कि भवन की दीवारों में दरार पड़ गई है। छत और छज्जा गिर रहे हैं। जान जोखिम में डाल कर काम कर रहा हूं। खाद रखने की जगह नहीं है। इस वजह से बारिश के दिनों में खाद नहीं मंगाई जाती है।
गोदाम की धनराशि मिली, जगह का पता नहीं
समिति के सभापति कृष्ण मनार ने बताया कि आत्म निर्भर योजना से गोदाम निर्माण के लिए आठ लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में 2022 से समिति के खाते में है। दूसरी जगह न मिलने पर परिसर में खाली पड़ी जगह पर गोदाम बनाने का प्रस्ताव डीएम, जिला सहायक आयुक्त एवं निबंधक, सचिव महाप्रबंधक और कृषि महाप्रबंधक काे लिखित में दे चुका हूं। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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रमियाबेहड़ समिति की छत का कुछ हिस्सा गिर गया है। समिति तक जाने के लिए उचित मार्ग नही है। इस वजह से खाद नहीं मिल पाती। किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
- राजेश मिश्रा, किसान रमियाबेहड़
बी-पैक्स झिन्नापुरवा का भवन जर्जर है। छत से पानी टपक रहा है। इस वजह से बारिश के दिनों में समिति पर खाद नही आ रही है। गन्ना, धान समेत अन्य फसलों में खाद की आवश्यकता इस समय है। किसान बाजार से महंगी खाद खरीदने को मजबूर हैं।
- आशीष मिश्रा, ढखेरवा नानकार
समितियों के भवन निर्माण को लेकर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- रजनीश प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता
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झिन्नापुरवा बी-पैक्स समिति में छह ग्राम पंचायतें मझरापूरब, ढखेरवा नानकार, बैरिया, सरपतहा, बबियारी और पढ़ुआ के करीब 28 गांव आते हैं। रमियाबेहड़ सहकारी समिति में 10 ग्राम पंचायतें जटपुरवा, टहारा, सेमरी, चंद्रपुरा, रमियाबेहड़, नौवापुरवा, चदैयापुर, मल्लहबेहड़, सोहरिया, और लखाही (आंशिक) के 42 गांव शामिल हैं। इन गांव के ग्रामीणों को इन समितियों से ही खाद मिलती है।
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झिन्नापुरवा समिति के सचिव सरोज मिश्रा ने बताया कि भवन अत्यधिक जर्जर है। इसमें दो गोदाम समेत कार्यालय और आवास की छतें किसी भी समय गिर सकती हैं। बारिश के दिनों में खाद रखने में दिक्कत होती है।
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रमियाबेहड़ के सचिव श्याम मोहन त्रिवेदी ने बताया कि भवन की दीवारों में दरार पड़ गई है। छत और छज्जा गिर रहे हैं। जान जोखिम में डाल कर काम कर रहा हूं। खाद रखने की जगह नहीं है। इस वजह से बारिश के दिनों में खाद नहीं मंगाई जाती है।
गोदाम की धनराशि मिली, जगह का पता नहीं
समिति के सभापति कृष्ण मनार ने बताया कि आत्म निर्भर योजना से गोदाम निर्माण के लिए आठ लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में 2022 से समिति के खाते में है। दूसरी जगह न मिलने पर परिसर में खाली पड़ी जगह पर गोदाम बनाने का प्रस्ताव डीएम, जिला सहायक आयुक्त एवं निबंधक, सचिव महाप्रबंधक और कृषि महाप्रबंधक काे लिखित में दे चुका हूं। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रमियाबेहड़ समिति की छत का कुछ हिस्सा गिर गया है। समिति तक जाने के लिए उचित मार्ग नही है। इस वजह से खाद नहीं मिल पाती। किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
- राजेश मिश्रा, किसान रमियाबेहड़
बी-पैक्स झिन्नापुरवा का भवन जर्जर है। छत से पानी टपक रहा है। इस वजह से बारिश के दिनों में समिति पर खाद नही आ रही है। गन्ना, धान समेत अन्य फसलों में खाद की आवश्यकता इस समय है। किसान बाजार से महंगी खाद खरीदने को मजबूर हैं।
- आशीष मिश्रा, ढखेरवा नानकार
समितियों के भवन निर्माण को लेकर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- रजनीश प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता

सहकारी समिति झिन्नापुरवा का जर्जर भवन संवाद

सहकारी समिति झिन्नापुरवा का जर्जर भवन संवाद