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शीत लहर और बर्फीली हवाओं ने ढाया कहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 05 Jan 2018 06:21 PM IST
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शीतलहर से ठहरा जनजीवन
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तराई में ठंड का कहर बढ़ता जा रहा है। तापमान में गिरावट लगातार जारी है। भीषण शीतलहर से आम जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। ठंड के कारण लोगों की कार्यक्षमता तो प्रभावित हुई ही है, लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ा है। लोगों की मार्निंग वॉक थम गई है। सुबह देर से उठना और जल्दी बिस्तर में घुस जाना लोगों की मजबूरी बन गया है। सरकारी कामकाज, उद्योग और व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। बाजारों में सन्नाटा है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह तापमान लगभग गुरुवार के तापमान के बराबर है। शुक्रवार को भी बर्फीली हवाओं का कहर जारी रहा। इससे गलन लगातार बढ़ रही है। गिरते तापमान से ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए अलाव या हीटर का सहारा लेना पड़ रहा है। बीमारों और बुजुर्गों का पूरा दिन रजाइयों में दुबके हुए कट रहा है।
शुक्रवार को दिन भर बादल जैसी धुंध छाई रहने से पांचवें दिन भी सूरज के दर्शन नहीं हुए। हालांकि शुक्रवार को कोहरा नहीं रहा। सूरज न निकलने और दिन भर सर्द हवाओं के चलने से दिन पर दिन शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है। अचानक ठंड बढ़ जाने से लोग सर्दी जनित बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी बढ़ने के साथ ही सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट चिकित्सकों की क्लीनिक भी मरीजों से भरी पड़ी हैं।
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यह सर्दी फील्ड वर्क करने वाले कर्मचारियों, दैनिक मजदूरों, पल्लेदारों, रिक्शा चालकों, यात्रियों पर काफी भारी पड़ रही है। शहर में नगर पालिका प्रशासन और ग्रामीण इलाकों में तहसील प्रशासन ने अलाव जलाने की व्यवस्था की है। लखीमपुर और गोला में नगर पालिकाओं ने रैन बसेरा भी बनाए हैं, लेकिन कड़ाके की ठंड को देखते हुए यह व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं।
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शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह तापमान लगभग गुरुवार के तापमान के बराबर है। शुक्रवार को भी बर्फीली हवाओं का कहर जारी रहा। इससे गलन लगातार बढ़ रही है। गिरते तापमान से ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए अलाव या हीटर का सहारा लेना पड़ रहा है। बीमारों और बुजुर्गों का पूरा दिन रजाइयों में दुबके हुए कट रहा है।
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शुक्रवार को दिन भर बादल जैसी धुंध छाई रहने से पांचवें दिन भी सूरज के दर्शन नहीं हुए। हालांकि शुक्रवार को कोहरा नहीं रहा। सूरज न निकलने और दिन भर सर्द हवाओं के चलने से दिन पर दिन शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है। अचानक ठंड बढ़ जाने से लोग सर्दी जनित बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी बढ़ने के साथ ही सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट चिकित्सकों की क्लीनिक भी मरीजों से भरी पड़ी हैं।
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यह सर्दी फील्ड वर्क करने वाले कर्मचारियों, दैनिक मजदूरों, पल्लेदारों, रिक्शा चालकों, यात्रियों पर काफी भारी पड़ रही है। शहर में नगर पालिका प्रशासन और ग्रामीण इलाकों में तहसील प्रशासन ने अलाव जलाने की व्यवस्था की है। लखीमपुर और गोला में नगर पालिकाओं ने रैन बसेरा भी बनाए हैं, लेकिन कड़ाके की ठंड को देखते हुए यह व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं।