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डीपीआरओ के खिलाफ सफाई कर्मियों ने खोला मोर्चा
लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 17 Feb 2016 06:50 PM IST
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उप्र पंचायती राज सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मियों ने बुधवार को विकास भवन में डीपीआरओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सफाई कर्मियों ने सात बिंदुओं पर पंचायतीराज विभाग को घेरते हुए झाड़ू लेकर धरना प्रदर्शन किया। डीपीआरओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कई अन्य कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे और उनकी मांग का समर्थन किया। वहीं डीपीआरओ ने धरना शांत कराने के लिए सफाई कर्मियों के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन वार्ता करने कोई नहीं पहुंचा। जिसके बाद नाराज डीपीआरओ ने बिना अनुमति धरना प्रदर्शन करने पर सफाई कर्मियों के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दे दिया है।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार जिले भर से सफाई कर्मी बुधवार की सुबह 10 बजे जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार की अगुवाई में हाथों में झाड़ू लेकर विकास भवन पहुंचे। यहां सफाई कर्मियों ने धरना दिया और पंचायतीराज विभाग द्वारा उनके विभागीय कार्यों में रोड़ा अटकाने पर आवाज बुलंद की।
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सफाई कर्मियों ने कहा कि उनकी मांग पत्र में से एक भी मांग न मानने पर यह धरना-प्रदर्शन किया गया है। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि अधिकारी सफाई कर्मियों को सिर्फ सफाई कर्मी ही समझते हैं, उनकी दिक्कतों की ओर किसी का ध्यान नहीं है। धरना-प्रदर्शन तीन से चार घंटे तक चला।
इस दौरान डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने संगठन के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन वे डीपीआरओ से वार्ता के लिए नहीं पहुंचे। सफाईकर्मी इस बात पर अड़े थे कि अधिकारी उनसे वार्ता करने के लिए धरनास्थल पर ही आएं। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने बताया कि काफी जद्दोजहद के बाद कई घंटे बाद डीपीआरओ आफिस से आए और उनसे मांग पत्र लिया। वहीं डीपीआरओ ने बताया कि सफाई कर्मियों ने बिना अनुमति तैनाती स्थल से विकास भवन आकर धरना-प्रदर्शन किया है, जो गलत है।
इसलिए सफाई कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष राघवराम तिवारी, मंत्री सोबारन लाल बाजपेई, संरक्षक सुखराज सिंह, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष महेश प्रसाद समेत कई संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। धरने में विनोद मौर्या, अयूब हसन, अनंतराम, सरजूदास, अमरजीत, मुंशी लाल, नीरज यादव, राजू, जगदीश प्रसाद समेत तमाम कर्मचारी मौजूद थे।
यह हैं मांगे
-सफाई कर्मचारियों का स्थायीकरण किया जाए
-कर्मचारियों को बोनस का भुगतान किया जाए
-लोन की फाइलों पर बिना पैसा लिए हस्ताक्षर किए जाएं
-विकास भवन, विकास खंडों पर बाबू का कार्य कर रहे सफाई कर्मियों को गांवों में तैनात किया जाए।
-सफाई कर्मियों का स्थानांतरण बिना पैसे लिए निजी अनुरोध पर किया जाए।
-सफाई उपकरणों की धनराशि सीधे कर्मचारियों के खाते में भेजा जाए।
-सफाई कर्मियों की ड्यूटी का निर्धारित शासनादेश विकास खंड स्तर पर पहुंचाया जाए।
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प्रदर्शन के दौरान कई अन्य कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे और उनकी मांग का समर्थन किया। वहीं डीपीआरओ ने धरना शांत कराने के लिए सफाई कर्मियों के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन वार्ता करने कोई नहीं पहुंचा। जिसके बाद नाराज डीपीआरओ ने बिना अनुमति धरना प्रदर्शन करने पर सफाई कर्मियों के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दे दिया है।
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पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार जिले भर से सफाई कर्मी बुधवार की सुबह 10 बजे जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार की अगुवाई में हाथों में झाड़ू लेकर विकास भवन पहुंचे। यहां सफाई कर्मियों ने धरना दिया और पंचायतीराज विभाग द्वारा उनके विभागीय कार्यों में रोड़ा अटकाने पर आवाज बुलंद की।
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सफाई कर्मियों ने कहा कि उनकी मांग पत्र में से एक भी मांग न मानने पर यह धरना-प्रदर्शन किया गया है। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि अधिकारी सफाई कर्मियों को सिर्फ सफाई कर्मी ही समझते हैं, उनकी दिक्कतों की ओर किसी का ध्यान नहीं है। धरना-प्रदर्शन तीन से चार घंटे तक चला।
इस दौरान डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने संगठन के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन वे डीपीआरओ से वार्ता के लिए नहीं पहुंचे। सफाईकर्मी इस बात पर अड़े थे कि अधिकारी उनसे वार्ता करने के लिए धरनास्थल पर ही आएं। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने बताया कि काफी जद्दोजहद के बाद कई घंटे बाद डीपीआरओ आफिस से आए और उनसे मांग पत्र लिया। वहीं डीपीआरओ ने बताया कि सफाई कर्मियों ने बिना अनुमति तैनाती स्थल से विकास भवन आकर धरना-प्रदर्शन किया है, जो गलत है।
इसलिए सफाई कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष राघवराम तिवारी, मंत्री सोबारन लाल बाजपेई, संरक्षक सुखराज सिंह, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष महेश प्रसाद समेत कई संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। धरने में विनोद मौर्या, अयूब हसन, अनंतराम, सरजूदास, अमरजीत, मुंशी लाल, नीरज यादव, राजू, जगदीश प्रसाद समेत तमाम कर्मचारी मौजूद थे।
यह हैं मांगे
-सफाई कर्मचारियों का स्थायीकरण किया जाए
-कर्मचारियों को बोनस का भुगतान किया जाए
-लोन की फाइलों पर बिना पैसा लिए हस्ताक्षर किए जाएं
-विकास भवन, विकास खंडों पर बाबू का कार्य कर रहे सफाई कर्मियों को गांवों में तैनात किया जाए।
-सफाई कर्मियों का स्थानांतरण बिना पैसे लिए निजी अनुरोध पर किया जाए।
-सफाई उपकरणों की धनराशि सीधे कर्मचारियों के खाते में भेजा जाए।
-सफाई कर्मियों की ड्यूटी का निर्धारित शासनादेश विकास खंड स्तर पर पहुंचाया जाए।