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शास्त्रीय संगीत में अनामिका प्रथम
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:59 PM IST
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भगवानदीन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह मल्हार के तीसरे दिन तलत महमूद की स्मृति को समर्पित झंकार संगीतोत्सव में छात्राओं ने अपनी गायन प्रतिभा का का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। संगीत वादन में कीर्ति महेंद्रा, शास्त्रीय संगीत में अनामिका गौड़, सुगम संगीत में कल्पना पहले स्थान पर रहीं।
यहां कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्राचार्या डॉ. निरुपमा अशोक ने कहा कि नूतन एवं पुरातन के बीच संबंध आवश्यक है। संगीत के क्षेत्र में हमें अपने चिर सनातन गायन को विस्मृत नहीं करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय की संगीत विभाग की पूर्व अध्यक्ष कालिंदी गुप्ता ने कहा संगीत में वह शक्ति है जो सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। उन्होंने तलत महमूद का प्रसिद्ध गीत जलते हैं जिसके लिए प्रस्तुत किया।
विशिष्ट अतिथि केंद्रीय विद्यालय में संगीत विभाग के प्रवक्ता एके मिश्र ने कहा कि महाविद्यालय की छात्राओं ने शास्त्रीय संगीत को जीवित रखा है। सौजन्या की अध्यक्ष डॉ. उमा कटियार ने कहा कि यह माहौल एक दीपक से नए और पुराने दियों को जलाने का है। अजमानी इंटरनेशनल स्कूल की एमडी हरविंदर कौर ने कहा कि संगीत व्यक्ति की आत्मा है, यह चिकित्सा है।
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इस मौके पर आयोजित संगीत वादन में कीर्ति महेंद्रा ने प्रथम, सुधा जायसवाल ने द्वितीय और सीमा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। शास्त्रीय संगीत में अनामिका गौड़ ने प्रथम, प्रतिभा देवी ने द्वितीय और कल्पना मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सुगम संगीत प्रतियोगिता में कल्पना ने प्रथम, अनामिका और नाजमीन ने द्वितीय तथा दीपाली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। राजेंद्र प्रसाद तिवारी कंटक और सितांशु तिवारी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। शालिनी मिश्रा, पवित्रा शुक्ला और शिवानी शुक्ला ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में डॉ. एससी मिश्र, रत्ना मिश्रा, महाविद्यालय की शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन शुभ्रा मिश्रा ने किया। प्राचार्या डॉ. निरुपमा अशोक ने निर्णायकों और अतिथियों के प्रति आभार जताया।
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यहां कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्राचार्या डॉ. निरुपमा अशोक ने कहा कि नूतन एवं पुरातन के बीच संबंध आवश्यक है। संगीत के क्षेत्र में हमें अपने चिर सनातन गायन को विस्मृत नहीं करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय की संगीत विभाग की पूर्व अध्यक्ष कालिंदी गुप्ता ने कहा संगीत में वह शक्ति है जो सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। उन्होंने तलत महमूद का प्रसिद्ध गीत जलते हैं जिसके लिए प्रस्तुत किया।
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विशिष्ट अतिथि केंद्रीय विद्यालय में संगीत विभाग के प्रवक्ता एके मिश्र ने कहा कि महाविद्यालय की छात्राओं ने शास्त्रीय संगीत को जीवित रखा है। सौजन्या की अध्यक्ष डॉ. उमा कटियार ने कहा कि यह माहौल एक दीपक से नए और पुराने दियों को जलाने का है। अजमानी इंटरनेशनल स्कूल की एमडी हरविंदर कौर ने कहा कि संगीत व्यक्ति की आत्मा है, यह चिकित्सा है।
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इस मौके पर आयोजित संगीत वादन में कीर्ति महेंद्रा ने प्रथम, सुधा जायसवाल ने द्वितीय और सीमा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। शास्त्रीय संगीत में अनामिका गौड़ ने प्रथम, प्रतिभा देवी ने द्वितीय और कल्पना मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सुगम संगीत प्रतियोगिता में कल्पना ने प्रथम, अनामिका और नाजमीन ने द्वितीय तथा दीपाली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। राजेंद्र प्रसाद तिवारी कंटक और सितांशु तिवारी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। शालिनी मिश्रा, पवित्रा शुक्ला और शिवानी शुक्ला ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में डॉ. एससी मिश्र, रत्ना मिश्रा, महाविद्यालय की शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन शुभ्रा मिश्रा ने किया। प्राचार्या डॉ. निरुपमा अशोक ने निर्णायकों और अतिथियों के प्रति आभार जताया।