फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Civic Amenities

खतरा बढ़ा: खीरी के पानी में 750 तक टीडीएस

Fri, 15 Jan 2021 12:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2021 12:18 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
Civic Amenities
लखीमपुर खीरी। खीरी जिले का पानी लोगों को बीमारियों की सौगात दे रहा है। हैंडपंप के पानी में कुल घुलनशील तत्वों (टीडीएस) की मात्रा मानक से दोगुने से अधिक पाई गई है, जिससे ज्यादातर ब्लॉकों का पानी खारा हो गया है। पानी में घुलनशील तत्वों की मात्रा 150 से 350 टीडीएस तक होनी चाहिए, लेकिन लैब जांच में 700 से 750 टीडीएस पाया गया है। इससे लोगों को पेट संबंधी गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं हड्डी व त्वचा संबंधी रोग होने का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की मोबाइल लैब ने तीन दिनों तक लखीमपुर शहर समेत गोला, सिकंद्राबाद, मितौली तहसील के बेहजम, कस्ता और मैगलगंज में खाद्य पदार्थों समेत पानी के नमूनों की जांच की। शहर के हैंडपंपों से निकलने वाले पानी में टीडीएस की मात्रा दोगुने से अधिक पाई गई, जिसमें सोडियम बाई कार्बोनेट (सोडा) समेत फ्लोराइड, मैग्रीशियम, आर्सेनिक आदि तत्व शामिल हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक वर्मा ने बताया कि अभी साधारण जांच में टीडीएस की मात्रा अधिक पाई गई है, जिसमें कई घुलनशील तत्वों की मात्रा अधिक पाई गई है। फ्लोराइड और आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा होने से लोगों को कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि आरओ के पानी में टीडीएस की मात्रा ठीक पाई गई है। इंडिया मार्का हैंडपंप व साधारण हैंडपंप से निकलने वाला पानी ज्यादा टीडीएस होने के कारण खारा हो चुका है। जो फिल्टर करने के बाद ही पीने योग्य है। तराई क्षेत्र की ब्लॉक ईसानगर, धौरहरा, पलिया, निघासन, रमियाबेहड़, बिजुआ क्षेत्रों में भी हैंडपंपों से निकलने वाला पानी खारा हो चुका है, जिसमें टीडीएस की मात्रा कई गुना अधिक है।
विज्ञापन

-
आरओ का प्रयोग कर कम करें टीडीएस
पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक होने से सबसे ज्यादा गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बीमारियों का खतरा है। आरओ के माध्यम से पानी को फिल्टर करकेे पीने की सलाह विशेषज्ञ देते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक वर्मा ने बताया कि आरओ के पानी में टीडीएस की मात्रा संतुलित रहती है। जो लोग आरओ नहीं लगवा सकते, वो पानी को उबालकर पियें।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
अधिक टीडीएस का पानी नुकसानदेह
अधिक टीडीएस वाला पानी पीने से शरीर को काफी नुकसान हो सकता है। इससे पीलिया, टाइफाइड, पेट के रोग व हड्डियों में दर्द, त्वचा के रोग पनपने लगते हैं। खारे पानी में नहाने से बाल जल्द पकने लगते हैं और झड़ भी सकते हैं। अधिक फ्लोराइड से शरीर को लकवा भी मार सकता है। जबकि आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने से त्वचा रोग व कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां पनप सकती हैं।
-डॉ अमित सिंह, चिकित्सक, सीएचसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed