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नगर पालिका परिषद के पूरे हुए तीन साल: शहर से दूर रही विकास की किरण
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लखीमपुर के मोहल्ला हिदायतनगर की गली में भरा नाली का गंदा पानी
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। नगर पालिका परिषद के गुरुवार को तीन साल पूरे हो जाएंगे। तीन साल पहले भाजपा ने 2017 के निकाय चुनाव में जीत दर्ज की थी। सात जनवरी 2018 को 30 सभासदों के साथ निरुपमा वाजपेई ने नगर के चहुंमुखी विकास कराने की शपथ के साथ शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं दिलाने का वादा किया था, ऐसे में लोगों को जलभराव से मुक्ति, चलने के लिए फुटपाथ और पार्किंग मिलने की जो आस जगी थी, वह तीन साल बीतने के बावजूद अब तक पूरी नहीं हो सकी।
इस दौरान नाले नालियों की तली झाड़ साफ सफाई कराने के लिए हर साल 20 से 25 लाख रुपये के टेंडर तो हुए लेकिन, नाले-नालियों की स्थित जस की तस रही। चोक नाले नालियों के कारण गंदा पानी आज भी सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। पालिका प्रशासन भले ही शहर के विकास का ढिंढोरा पीट रहा हो, लेकिन तीन साल बाद भी नगर वासियों को न तो चलने के लिए फुटपाथ मिला है और न ही पार्किंग जलभराव की स्थिति भी जस ती तस है।
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चर्चित मामले: सभासद लिपिक में चले लात घूंसे, ठेकेदार ने ईओ पर तानी पिस्टल
दाखिल खारिज की फाइल दबाने के मामले में ईओ के सामने उनके कार्यालय में ही एक सभासद और लिपिक में लात घूंसे चले, जिसको लेकर सभासद और पालिका कर्मी एवं सफाई कर्मी आमने सामने आ गए। बाद में यूनियन नेताओं की पत्नियों के सफाई कर्मी होने और घर बैठ कर सैलरी लिए जाने का खुलासा हुआ। इसके कुछ दिन बाद ही ईओ के आवास पर एक ठेकेदार ने उन पर ही पिस्टल तान दी थी। इन दोनो मामलों पर खूब बवाल भी हुआ। मगर, मामला आगे न बढ़े इसलिए सुलह कर उसको रफा दफा किया गया।
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नगर पालिका बोर्ड की बैठक
पहली- छह जनवरी 2018
दूसरी -10 मई 2018
तीसरी - आठ अक्तूबर 2018
चौथी- चार जुलाई 2019
पांचवी-14 अगस्त 2019
छठी- 14 अक्तूबर 2020
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तीन साल में हुए कार्य
15 शौचालयों का निर्माण (चार निर्माणाधीन), करीब 42 लाख की लागत से एमआरएफ (उपयोगी वेस्ट मेटेरियल छंटाई प्लांट), अमृत मिशन योजना के तहत पेयजल पाइप लाइन का कार्य निर्माणाधीन, शहर में करीब 15 किलोमीटर सड़क एवं पटरी निर्माण, तीन पार्कों का सौंदर्यीकरण
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इन पर नहीं हुआ काम
पार्किंग, वेंडिंग जोन, सड़कों को गड्ढा मुक्त करना, पॉलिथीन पर प्रतिबंध, अस्थायी अतिक्रमण को लेकर कोई ठोस योजना
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नियमत: बोर्ड बैठक तीन माह में एक बार होनी चाहिए। ये ईओ साहब बताएं कि आखिर क्यों नहीं हो रही। तीन साल में पर्याप्त सड़कें बनी। नाला सफाई में कमी जरूर रही। कहीं हो पाई तो कहीं नहीं। पालिका परिवार बड़ा है, ऐसे में छिटपुट विवाद होना स्वाभाविक है।
-अरविंद गुप्ता सभासद पति हाथीपुर एवं जिला उपाध्यक्ष भाजपा
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वार्ड में जलनिकासी एवं निर्माण की तमाम दिक्कतें हैं, लेकिन नगर पालिका में कोई सुनने वाला नहीं है। जर्जर गलियां और सड़कों के गड्ढों को भरवाए बिना सड़कों का निर्माण कराकर नगर में विकास का राग अलापा जा रहा है। तीन साल से वार्ड में एक निर्माण हुआ, जबकि करीब दस से अधिक प्रस्ताव दिए हैं।
-अमरीन खान, सभासद हिदायतनगर
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शहर में चारों तरफ चहुंमुंखी विकास हुआ है, जिसकी सच्चाई शहरवासियों को दिख रही होगी। तीन साल में हमारे वार्ड में सिर्फ एक रोड ही बनी है। शहर की जनता सफाई और गड्ढा मुक्त सड़कों से निजात पाना रास्ता देख रही है। सफाई के लिए टेंडर हो रहे हैं, लेकिन काम नहीं।
-राशिद पठान सभासद थरवरनगंज
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ईओ ने कर्मचारी, अध्यक्ष एवं सभासदों के बीच गतिरोध पैदा कर रखा है, जिससे पालिका में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। इन तीन साल में शहरवासियों को जाम, जलभराव और अतिक्रमण से निजात नहीं मिली। नगर के विकास के लिए नियमित बोर्ड बैठक होना जरूरी है। इस पर पालिका प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
-मनीषा माथुर सभासद राजगढ़
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नगर का विकास हमारी प्राथमिकता में है। सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन खरीदे गए। एमआरएफ प्लांट बना है। महिलाओं के लिए पिंक शौचालय बन रहा है। जबकि 11 बनकर तैयार हैं। तमाम गलियां और सड़कों का निर्माण कराया गया।
-निरूपमा बाजपेई अध्यक्ष नगर पालिका लखीमपुर
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शहर के विकास को लेकर पालिका प्रशासन पूरी तरह से तत्पर है। इसके तहत निरंतर कार्य कराए जा रहे हैं। सफाई व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। जल्द ही सड़कें अतिक्रमण होगी। गड्ढे भी भरवाए गए हैं। पथ प्रकाश व्यवस्था में सुधार हुआ है।
-आरआर अंबेष अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लखीमपुर
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इस दौरान नाले नालियों की तली झाड़ साफ सफाई कराने के लिए हर साल 20 से 25 लाख रुपये के टेंडर तो हुए लेकिन, नाले-नालियों की स्थित जस की तस रही। चोक नाले नालियों के कारण गंदा पानी आज भी सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। पालिका प्रशासन भले ही शहर के विकास का ढिंढोरा पीट रहा हो, लेकिन तीन साल बाद भी नगर वासियों को न तो चलने के लिए फुटपाथ मिला है और न ही पार्किंग जलभराव की स्थिति भी जस ती तस है।
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चर्चित मामले: सभासद लिपिक में चले लात घूंसे, ठेकेदार ने ईओ पर तानी पिस्टल
दाखिल खारिज की फाइल दबाने के मामले में ईओ के सामने उनके कार्यालय में ही एक सभासद और लिपिक में लात घूंसे चले, जिसको लेकर सभासद और पालिका कर्मी एवं सफाई कर्मी आमने सामने आ गए। बाद में यूनियन नेताओं की पत्नियों के सफाई कर्मी होने और घर बैठ कर सैलरी लिए जाने का खुलासा हुआ। इसके कुछ दिन बाद ही ईओ के आवास पर एक ठेकेदार ने उन पर ही पिस्टल तान दी थी। इन दोनो मामलों पर खूब बवाल भी हुआ। मगर, मामला आगे न बढ़े इसलिए सुलह कर उसको रफा दफा किया गया।
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नगर पालिका बोर्ड की बैठक
पहली- छह जनवरी 2018
दूसरी -10 मई 2018
तीसरी - आठ अक्तूबर 2018
चौथी- चार जुलाई 2019
पांचवी-14 अगस्त 2019
छठी- 14 अक्तूबर 2020
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तीन साल में हुए कार्य
15 शौचालयों का निर्माण (चार निर्माणाधीन), करीब 42 लाख की लागत से एमआरएफ (उपयोगी वेस्ट मेटेरियल छंटाई प्लांट), अमृत मिशन योजना के तहत पेयजल पाइप लाइन का कार्य निर्माणाधीन, शहर में करीब 15 किलोमीटर सड़क एवं पटरी निर्माण, तीन पार्कों का सौंदर्यीकरण
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इन पर नहीं हुआ काम
पार्किंग, वेंडिंग जोन, सड़कों को गड्ढा मुक्त करना, पॉलिथीन पर प्रतिबंध, अस्थायी अतिक्रमण को लेकर कोई ठोस योजना
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नियमत: बोर्ड बैठक तीन माह में एक बार होनी चाहिए। ये ईओ साहब बताएं कि आखिर क्यों नहीं हो रही। तीन साल में पर्याप्त सड़कें बनी। नाला सफाई में कमी जरूर रही। कहीं हो पाई तो कहीं नहीं। पालिका परिवार बड़ा है, ऐसे में छिटपुट विवाद होना स्वाभाविक है।
-अरविंद गुप्ता सभासद पति हाथीपुर एवं जिला उपाध्यक्ष भाजपा
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वार्ड में जलनिकासी एवं निर्माण की तमाम दिक्कतें हैं, लेकिन नगर पालिका में कोई सुनने वाला नहीं है। जर्जर गलियां और सड़कों के गड्ढों को भरवाए बिना सड़कों का निर्माण कराकर नगर में विकास का राग अलापा जा रहा है। तीन साल से वार्ड में एक निर्माण हुआ, जबकि करीब दस से अधिक प्रस्ताव दिए हैं।
-अमरीन खान, सभासद हिदायतनगर
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शहर में चारों तरफ चहुंमुंखी विकास हुआ है, जिसकी सच्चाई शहरवासियों को दिख रही होगी। तीन साल में हमारे वार्ड में सिर्फ एक रोड ही बनी है। शहर की जनता सफाई और गड्ढा मुक्त सड़कों से निजात पाना रास्ता देख रही है। सफाई के लिए टेंडर हो रहे हैं, लेकिन काम नहीं।
-राशिद पठान सभासद थरवरनगंज
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ईओ ने कर्मचारी, अध्यक्ष एवं सभासदों के बीच गतिरोध पैदा कर रखा है, जिससे पालिका में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। इन तीन साल में शहरवासियों को जाम, जलभराव और अतिक्रमण से निजात नहीं मिली। नगर के विकास के लिए नियमित बोर्ड बैठक होना जरूरी है। इस पर पालिका प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
-मनीषा माथुर सभासद राजगढ़
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नगर का विकास हमारी प्राथमिकता में है। सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन खरीदे गए। एमआरएफ प्लांट बना है। महिलाओं के लिए पिंक शौचालय बन रहा है। जबकि 11 बनकर तैयार हैं। तमाम गलियां और सड़कों का निर्माण कराया गया।
-निरूपमा बाजपेई अध्यक्ष नगर पालिका लखीमपुर
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शहर के विकास को लेकर पालिका प्रशासन पूरी तरह से तत्पर है। इसके तहत निरंतर कार्य कराए जा रहे हैं। सफाई व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। जल्द ही सड़कें अतिक्रमण होगी। गड्ढे भी भरवाए गए हैं। पथ प्रकाश व्यवस्था में सुधार हुआ है।
-आरआर अंबेष अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लखीमपुर