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200 बरातियों की शादी में खिलाएं क्या, बचाएं क्या
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सहालग को लेकर सज गया एक मैरिज हाल। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में सबकुछ अनलॉक हो चुका है। 25 नंवबर से वैवाहिक समारोह भी शुरू हो जाएंगे। मगर, इसमें शामिल होने वालों की संख्या को लेकर जारी शासन का फरमान वैवाहिक कारोबारियों खासकर कैटरर्स की खुशियों के लिए ग्रहण बन गया है। इनको चिंता है कि विश्वसनीयता और गुणवत्ता बनाए रखने की खातिर सीमित संख्या की पार्टियों में बरातियों को खिलाएं क्या और बचाएं क्या।
शादी समारोह में दो सौ लोगों के शामिल होने की शर्त है। इसने विवाह समारोह में खाना आदि का इंतजाम करने वाले कारोबारियों का गणित गड़बड़ा दिया है। इससे न तो अच्छी पार्टी इनके हाथ लग रही हैं और न ही मुनाफे का हिसाब किताब बैठ पा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि एक तो गैर वैवाहिक कार्यक्रम वैसे भी नहीं हो रहे हैं, दूसरे सीमित बजट की सहालग में यह समझ पाना मुश्किल है कि मेहमानों को खिलाएं क्या और अपने लिए बचाएं क्या।
सहालग 25 नवंबर से शुरू हो रहे हैं। शादी में शामिल होने वालों की संख्या सीमित है। विवाह समारोह में दो सौ से ज्यादा मेहमानों को न बुलाने की पाबंदी ने कैटरर्स के सपने चौपट कर दिए हैं। इनके साथ साथ वर-वधू पक्ष भी असमंजस में हैं। सहालग कम होने से सीमित मेहमानों के साथ कार्यक्रम होने हैं। इसलिए केटरर्स, टेंट हाउस, बैंडबाजा, फूल आदि के कारोबारियों के चेहरों पर चिंता की लकीरें झलकने लगी हैं। कोरोना काल और पाबंदी के कारण कैटरर्स और हलवाइयों के पास बड़े बजट के कार्यक्रमों की बुकिंग भी नदारद हैं। कैटरर्स का कहना है कि दो सौ लोगों को खाना खिलाने में खर्च निकालना ही मुश्किल होगा। ऐसे में क्या काम करने वालों को देंगे और क्या हम बचाएंगे।
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समारोह में संख्या निर्धारण को लेकर असमंजस में जिम्मेदार
शासन ने भले ही कोरोना काल में शादी समारोह में 200 लोगों के शामिल होने के निर्देश दिए हों, लेकिन कार्यक्रम में इतने लोगों की मौजूदगी कायम रखने को जिम्मेदारों के पास कोई रणनीति नहीं है। फिलहाल लॉन एवं होटल संचालक बताते हैं कि अनुमति बुकिंग कराने वाले को लेकर आनी है, जिसके अनुसार सेवा दी जाएगी। निर्धारित संख्या में कार्यक्रम संपन्न कराने को लेकर जिम्मेदारों के सामने असमंजस की स्थिति है। इनका कहना है कि वैवाहिक सामारोह में शामिल होने वालों की गिनती करा पाना टेढ़ी खीर साबित होगा। संख्या ज्यादा होने की स्थिति में किसी के वैवाहिक समारोह में खलल डालना सही नहीं है।
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यह पहला मौका है जब दौ सौ लोगों की सीमित संख्या के लिए कैटरिंग कराने जैसी परिस्थिति सामने आई है। हालांकि कैटरिंग में खर्च उतना ही आएगा। गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सीमित संख्या की पार्टी में कमाई होना संभव नहीं है।
-महावीर प्रसाद नंदजी कैटरर्स
......
समारोह को लेकर शासन ने जो गाइड लाइन जारी की है उसका पालन कराया जाएगा। लोग स्वयं जागरूक रहकर कोविड-19 के नियमों का पालन करें।
-डॉ. अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर
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शादी समारोह में दो सौ लोगों के शामिल होने की शर्त है। इसने विवाह समारोह में खाना आदि का इंतजाम करने वाले कारोबारियों का गणित गड़बड़ा दिया है। इससे न तो अच्छी पार्टी इनके हाथ लग रही हैं और न ही मुनाफे का हिसाब किताब बैठ पा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि एक तो गैर वैवाहिक कार्यक्रम वैसे भी नहीं हो रहे हैं, दूसरे सीमित बजट की सहालग में यह समझ पाना मुश्किल है कि मेहमानों को खिलाएं क्या और अपने लिए बचाएं क्या।
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सहालग 25 नवंबर से शुरू हो रहे हैं। शादी में शामिल होने वालों की संख्या सीमित है। विवाह समारोह में दो सौ से ज्यादा मेहमानों को न बुलाने की पाबंदी ने कैटरर्स के सपने चौपट कर दिए हैं। इनके साथ साथ वर-वधू पक्ष भी असमंजस में हैं। सहालग कम होने से सीमित मेहमानों के साथ कार्यक्रम होने हैं। इसलिए केटरर्स, टेंट हाउस, बैंडबाजा, फूल आदि के कारोबारियों के चेहरों पर चिंता की लकीरें झलकने लगी हैं। कोरोना काल और पाबंदी के कारण कैटरर्स और हलवाइयों के पास बड़े बजट के कार्यक्रमों की बुकिंग भी नदारद हैं। कैटरर्स का कहना है कि दो सौ लोगों को खाना खिलाने में खर्च निकालना ही मुश्किल होगा। ऐसे में क्या काम करने वालों को देंगे और क्या हम बचाएंगे।
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समारोह में संख्या निर्धारण को लेकर असमंजस में जिम्मेदार
शासन ने भले ही कोरोना काल में शादी समारोह में 200 लोगों के शामिल होने के निर्देश दिए हों, लेकिन कार्यक्रम में इतने लोगों की मौजूदगी कायम रखने को जिम्मेदारों के पास कोई रणनीति नहीं है। फिलहाल लॉन एवं होटल संचालक बताते हैं कि अनुमति बुकिंग कराने वाले को लेकर आनी है, जिसके अनुसार सेवा दी जाएगी। निर्धारित संख्या में कार्यक्रम संपन्न कराने को लेकर जिम्मेदारों के सामने असमंजस की स्थिति है। इनका कहना है कि वैवाहिक सामारोह में शामिल होने वालों की गिनती करा पाना टेढ़ी खीर साबित होगा। संख्या ज्यादा होने की स्थिति में किसी के वैवाहिक समारोह में खलल डालना सही नहीं है।
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यह पहला मौका है जब दौ सौ लोगों की सीमित संख्या के लिए कैटरिंग कराने जैसी परिस्थिति सामने आई है। हालांकि कैटरिंग में खर्च उतना ही आएगा। गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सीमित संख्या की पार्टी में कमाई होना संभव नहीं है।
-महावीर प्रसाद नंदजी कैटरर्स
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समारोह को लेकर शासन ने जो गाइड लाइन जारी की है उसका पालन कराया जाएगा। लोग स्वयं जागरूक रहकर कोविड-19 के नियमों का पालन करें।
-डॉ. अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर