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पूर्व विधायक की मौत का मामलाः सीओ पर कार्रवाई को लेकर बेटे ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

Wed, 09 Sep 2020 01:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2020 01:55 AM IST
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी) के त्रिकोलिया गांव में धरने पर बैठे पूर्व विधायक के पुत्र और अन्य। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार उर्फ मुन्ना की मौत के मामले में डीएम के आश्वासन के बाद सोमवार को परिजनों ने अंतिम संस्कार तो कर दिया लेकिन मंगलवार तक सीओ पर रिपोर्ट दर्ज न होने और बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पूर्व विधायक के पुत्र संजीव मिश्र ने परिवार वालों और ग्रामीणों के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
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मंगलवार को धरना दे रहे परिवार वालों और ग्रामीणों ने ‘न्याय के योद्धा को न्याय दिलाने’ का नारा भी लगाया। जानकारी मिलने पर सीओ निघासन ने गांव पहुंचकर पूर्व विधायक के पुत्र को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके बाद भी अनशन जारी रहा और कार्रवाई होने के बाद ही अनशन को खत्म करने की बात कही गई।
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बता दें कि रविवार को निघासन से तीन बार विधायक रह चुके निरवेंद्र कुमार उर्फ मुन्ना की जमीन के विवाद में मौत हो गई थी। मामले में परिजनों ने सीओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए आरोपियों से मिलीभगत का आरोप भी लगाया था। सूचना पर एडीजी एसएन साबत, आईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी सत्येंद्र कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे थे और कार्रवाई का आश्वासन दिया था। सीओ कुलदीप कुकरेती को जिला मुख्यालय से संबद्ध करते हुए चौकी इंचार्ज परसपुर रामबरन गुप्ता व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। इस मामले में सोमवार को परिजनों ने सीओ पर कार्रवाई की मांग को लेकर पूर्व विधायक के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। दोपहर साढ़े तीन बजे डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के जल्द ही कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही परिवार वाले माने थे और अंतिम संस्कार किया गया था।
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मंगलवार को सीओ पर कोई कार्रवाई न होने पर पूर्व विधायक के पुत्र संजीव मिश्रा ने त्रिकोलिया गांव स्थित अपने घर के सामने ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान नारे भी लगाए गए। संजीव मिश्रा ने बताया कि पिता ने पूरी जिंदगी लोगों को न्याय दिलाने का काम किया लेकिन उन्हें अब मरणोपरांत भी न्याय नहीं मिल रहा है। आरोप लगाया कि प्रशासन ने पिता की हत्या कराई है और जब तक दोषी सीओ की गिरफ्तारी और अन्य फरार हुए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तब तक धरना जारी रहेगा।
आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने की मोबाइल पर बात
संजीव मिश्रा से मंगलवार को आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने फोन पर वार्ता की। संजीव मिश्रा के मुताबिक उन्होंने कहा कि वह त्रिकोलिया भी आएंगे लेकिन जब तक पूर्व विधायक को न्याय नहीं मिल जाता है और आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती है, साथ ही परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि सरकार नहीं देती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।
परिजनों का आरोप-सीओ ने की मारपीट
पूर्व विधायक की पुत्रवधू शीतल ने बताया कि उनकी सास सीता काफी बुजुर्ग हैं और घर पर ही रहती हैं। घटना वाले दिन सीओ पलिया आए और दो लोग जिनको ग्रामीण घर पर लाए थे उनको बलपूर्वक छुड़ा ले गए। आरोप लगाया कि बुजुर्ग सास तथा उनके साथ भी मारपीट की।
परिवार ने की सीबाआई जांच की मांग
मंगलवार को भारतीय किसान विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल बिहारी सिन्हा भी त्रिकोलिया गांव पहुंचे। यहां उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया। पूर्व विधायक के पुत्र समेत ग्रामीणों ने एक ज्ञापन राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिया, जिसमें पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व विधायक की पुश्तैनी कृषि योग्य भूमि पर कब्जा करने आए विपक्षियों ने उनकी हत्या कर दी और घर में घुसकर परिवार के लोगों से मारपीट की गई, इसमें प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल रहे, ऐसे में मांग की गई कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो। साथ ही सीबीआई जांच की भी मांग की गई। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मामला उच्च स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन पर कमलजीत सिंह, परमेश्वर दयाल, उमेश कुमार, विजय शर्मा, पूरन, ध्रुव, सतेंद्र, प्रेम नारायण, सुरेंद्र, अजय तिवारी, पृथ्वीपाल, सौरभ, गौरव समेत काफी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
दुकानें तो खुलीं लेकिन बाजार में पसरा रहा सन्नाटा
पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की हत्या के बाद त्रिकोलिया का बाजार पूरी तरह से बंद हो गया था। दो दिनों तक बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा रहा और सभी लोग पूर्व विधायक के आवास पर जमे रहे। मंगलवार को बाजार तो खुला लेकिन वहां पर भीड़ कम रही।
पुस्तकें लिखने के शौकीन भी थे पूर्व विधायक
पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना पुस्तकें लिखने के भी शौकीन थे। उनके घर पहुंचने पर पता चला कि उन्होंने कई किताबें लिखीं, जो प्रकाशित भी हुईं। इसी में एक किताब ‘परिवारों में बिखराव का समाधान’ भी थी। जिसमें धर्मनीती को ही विकल्प बताते हुए परिवारों में होने वाले बिखराव को रोकने के लिए समाधान लिखे गए हैं। संवाद
ईमानदारी ऐसी की पूरी जिंदगी जर्जर घर में गुजारी
निघासन से दो बार निर्दलीय तथा एक बार सपा के चुनाव चिह्न पर जीतने वाले पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्र उर्फ मुन्ना ने पूरा जीवन ईमानदारी से गुजारा। वह इतने ईमानदार थे कि जर्जर घर में रहकर गरीबों की दिनरात सेवा में जुटे रहते थे। कोई भी उनके घर अगर आ गया तो वह तुरंत ही उसकी समस्या का समाधान करने निकल पड़ते थे।

अनशन कुमार मुन्ना के नाम से भी थे चर्चित
पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्र उर्फ मुन्ना के पुत्र संजीव मिश्रा ने बताया कि उनके पिता ने गरीबों, शोषितों, पीड़ितों के न्याय के लिए हजारों धरना प्रदर्शन में भाग लिया। इसके अलावा कई अनशन भी किए। इन्हीं संघर्षों व धरना प्रदर्शन के कारण उनकी एक पहचान ‘अनशन कुमार मुन्ना’ के नाम से भी थी।
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