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शावकों संग बाघिन ने डाला डेरा, दहशत
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बाघिन और शावकों की निगरानी करती वन कर्मियों की टीम। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज जंगल से सटे मेड़ई पुरवा गांव के पास गन्ने के खेत में दो शावकों संग बाघिन ने डेरा डाल रखा है। पिछले दो दिनों से ग्रामीणों को बाघिन के दहाड़ने की आवाज सुनाई दे रही है। इसको लेकर लोगों में दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दे दी है।
शुक्रवार शाम खेतों की ओर गए किसानों को बाघिन शावकों संग घूमती दिखाई दी तो उल्टे पांव वहां से भाग खड़े हुए। बाघिन और शावकों की मौजूदगी के चलते लोग अपने खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पांच से सात किलोमीटर के दायरे में शावकों संग बाघिन आबादी से सटे गन्ने के खेतों में घूम रही है। उधर मौके पर पहुंचे भीरा रेंजर राकेश बाबू वर्मा, डिप्टी रेंजर बालकृष्ण पाल, फारेस्टर अवनीश शर्मा, गजेंद्र मिश्रा, विकास सिंह आदि ने बाघिन और शावकों की लोकेशन ट्रेस की, लेकिन बारिश के चलते पगचिह्न नहीं मिले।
दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन के उप निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने कहा कि भीरा रेंज की चक बीट अंतर्गत मेड़ई पुरवा गांव के पास गन्ने के खेतों में बाघिन और शावकों की मौजूदगी की सूचना मिली है। वन कर्मियों की टीम गठित कर बाघिन और शावकों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
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ग्राम सुंदरपुर में बाघ का आतंक, खदेड़ने के लिए दागे पटाखे
हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव सुंदरपुर निवासी रमेश की बकरी को मारने वाले बाघ को जंगल में खदेड़ने के लिए महेशपुर रेंज के वन कर्मियों ने शनिवार सवेरे तमाम ग्रामीणों संग गन्ने के खेतों के आसपास पटाखे दागे और दो घंटे कांबिंग की, लेकिन बाघ गन्ने में छिपा रहा।
अयोध्यापुर के पूर्व प्रधान डोरेलाल, सुंदरपुर के रमेश, धीरज, सोबरन, राजाराम आदि ने बताया कि गांव से चंद कदम की दूरी पर रमेश की बकरी को मारने वाला बाघ अब तक गन्ने में मौजूद है। सूचना पर कई वनकर्मी मौके पर आए थे। जिन्होंने पटाखे दागकर काफी देर लोकेशन ट्रेस की, लेकिन बाघ खेत में छिपा रहा। वनकर्मियों एसटीपीएफ जवानों का कहना है कि बाघ देवीपुर बीट जंगल में चला गया है, फिर भी गांव के लोग मानने को तैयार नहीं है। उनका तर्क है बाघ खेतों में विचरण करते देखा जा रहा है। रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि वन कर्मियों की टीम और एसटीपीएफ जवान बाघ की चहलकदमी पर नजर रख रहे है। रेंजर ने गांव वालों को सतर्क रहते हुए खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी।
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शुक्रवार शाम खेतों की ओर गए किसानों को बाघिन शावकों संग घूमती दिखाई दी तो उल्टे पांव वहां से भाग खड़े हुए। बाघिन और शावकों की मौजूदगी के चलते लोग अपने खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पांच से सात किलोमीटर के दायरे में शावकों संग बाघिन आबादी से सटे गन्ने के खेतों में घूम रही है। उधर मौके पर पहुंचे भीरा रेंजर राकेश बाबू वर्मा, डिप्टी रेंजर बालकृष्ण पाल, फारेस्टर अवनीश शर्मा, गजेंद्र मिश्रा, विकास सिंह आदि ने बाघिन और शावकों की लोकेशन ट्रेस की, लेकिन बारिश के चलते पगचिह्न नहीं मिले।
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दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन के उप निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने कहा कि भीरा रेंज की चक बीट अंतर्गत मेड़ई पुरवा गांव के पास गन्ने के खेतों में बाघिन और शावकों की मौजूदगी की सूचना मिली है। वन कर्मियों की टीम गठित कर बाघिन और शावकों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
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ग्राम सुंदरपुर में बाघ का आतंक, खदेड़ने के लिए दागे पटाखे
हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव सुंदरपुर निवासी रमेश की बकरी को मारने वाले बाघ को जंगल में खदेड़ने के लिए महेशपुर रेंज के वन कर्मियों ने शनिवार सवेरे तमाम ग्रामीणों संग गन्ने के खेतों के आसपास पटाखे दागे और दो घंटे कांबिंग की, लेकिन बाघ गन्ने में छिपा रहा।
अयोध्यापुर के पूर्व प्रधान डोरेलाल, सुंदरपुर के रमेश, धीरज, सोबरन, राजाराम आदि ने बताया कि गांव से चंद कदम की दूरी पर रमेश की बकरी को मारने वाला बाघ अब तक गन्ने में मौजूद है। सूचना पर कई वनकर्मी मौके पर आए थे। जिन्होंने पटाखे दागकर काफी देर लोकेशन ट्रेस की, लेकिन बाघ खेत में छिपा रहा। वनकर्मियों एसटीपीएफ जवानों का कहना है कि बाघ देवीपुर बीट जंगल में चला गया है, फिर भी गांव के लोग मानने को तैयार नहीं है। उनका तर्क है बाघ खेतों में विचरण करते देखा जा रहा है। रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि वन कर्मियों की टीम और एसटीपीएफ जवान बाघ की चहलकदमी पर नजर रख रहे है। रेंजर ने गांव वालों को सतर्क रहते हुए खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी।