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थारू हस्तशिल्प उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री करेगा ट्राइफेड
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महिला समूह ने तैयार किए थारू उत्पाद। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित महिला समूहों में से अनुसूचित जनजाति (थारू) महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का रास्ता साफ हो गया है। अब भारत सरकार की संस्था ट्राइफेड ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से थारू हस्तशिल्प उत्पादों की मार्केटिंग करेगी। संस्था ट्राइफेड से आए ट्राइब्स इंडिया लखनऊ के इंचार्ज रामकरन और उनके सहयोगी प्रोग्राम एसोसिएट सिद्धार्थ सक्सेना ने पलिया क्षेत्र में थारू महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों का जायजा लिया है।
सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया है कि समूह की थारू महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को ट्राइफेड की वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। इससे यह उत्पाद वेबसाइट के माध्यम से पूरी दुनिया में देखे जा सकेंगे। पसंद आने पर कोई भी उपभोक्ता उस उत्पाद को ऑनलाइन खरीद सकता है। इससे समूह की महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उत्पादों का उचित मूल्य भी मिलेगा। वेबसाइट के माध्यम से थारू हस्तशिल्प का प्रचार प्रसार पूरी दुनिया में हो सकेगा। सीडीओ ने बताया कि ट्राइफेड की ओर से आए प्रतिनिधि मंडल ने दो दिवसीय दौरा करके 14 स्वयं सहायता समूहों की103 महिलाओं द्वारा तैयार किए गए 402 उत्पादों का निरीक्षण किया है। साथ ही इन उत्पादों की फोटोग्राफी भी कराई गई है। प्रतिनिधि मंडल ने थारू हस्तशिल्प उत्पादों की सराहना की है और जल्द ही उनके उत्पाद की पूरी दुनिया में ऑनलाइन बिक्री अपनी वेबसाइट के माध्यम से कराने का आश्वासन दिया है।
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सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया है कि समूह की थारू महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को ट्राइफेड की वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। इससे यह उत्पाद वेबसाइट के माध्यम से पूरी दुनिया में देखे जा सकेंगे। पसंद आने पर कोई भी उपभोक्ता उस उत्पाद को ऑनलाइन खरीद सकता है। इससे समूह की महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उत्पादों का उचित मूल्य भी मिलेगा। वेबसाइट के माध्यम से थारू हस्तशिल्प का प्रचार प्रसार पूरी दुनिया में हो सकेगा। सीडीओ ने बताया कि ट्राइफेड की ओर से आए प्रतिनिधि मंडल ने दो दिवसीय दौरा करके 14 स्वयं सहायता समूहों की103 महिलाओं द्वारा तैयार किए गए 402 उत्पादों का निरीक्षण किया है। साथ ही इन उत्पादों की फोटोग्राफी भी कराई गई है। प्रतिनिधि मंडल ने थारू हस्तशिल्प उत्पादों की सराहना की है और जल्द ही उनके उत्पाद की पूरी दुनिया में ऑनलाइन बिक्री अपनी वेबसाइट के माध्यम से कराने का आश्वासन दिया है।
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