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उफनाईं नदियां पहुंचीं गांवों में, राहत नाम की

Sat, 01 Aug 2020 02:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 02:18 AM IST
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Civic Amenities
पलिया की सठियाना रेंज में जंगल जाने वाले रास्ते पर चलता सुहेली नदी की बाढ़ का पानी। - फोटो : LAKHIMPUR
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। शारदा नदी का जलस्तर फिलहाल कम हो रहा है लेकिन अब सुहेली नदी उफान पर है। सुहेली नदी का प्वाइंट नकउहा नाला काफी उफना गया है और पहाड़ों पर हो रही बारिश के साथ ही नेपाल की मोहाना नदी से आने वाले पानी के कारण सुहेली नदी के पास स्थित सठियाना वन रेंज में पानी भर गया है तो निषादनगर घोला गांव भी पानी से घिर गया है। जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। राहत ऊंट के नाम पर जारी साबित हो रही है।
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बीते दो दिनों में शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। नदी खतरे के निशान को पार कर बृहस्पतिवार को रिकार्ड 80 सेमी ऊपर पहुंच गई थी। शुक्रवार को सुबह से नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। नदी खतरे के निशान से दोपहर 12 बजे 70 सेमी पर आकर स्थिर हो गई थी। जल आयोग के राकेश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर शाम पांच बजे खतरे के निशान 154.100 से 69 सेमी ऊपर 154.690 सेमी था। बताया कि जलस्तर कम हो रहा है तो बनबसा बैराज से 67 हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया गया है। नदी का जलस्तर कम होने के बाद भी पलिया चीनी मिल के पास नगला रोड की तरफ पानी चल रहा है। रोड क्रॉस कर रहे पानी के कारण लोगों को दिक्कत आ रही है। जबकि इमलिया फार्म तथा ठोकर नंबर एक बोझवा के पास लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं।
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सुहेली नदी उफनाने से निषादनगर घोला में बाढ़ के पानी ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। जबकि कई घरों में पानी भर जाने से लोग परिवार के साथ रोड पर आशियाना बनाकर सुरक्षित ठिकाने पर आ गए हैं। गांव के ही पन्नालाल पुत्र झब्बू तथा मुंशीलाल पुत्र जालिम का घर नदी की धार पर है जो बिल्कुल कटने की कगार पर पहुंच गया है।
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इधर, दुधवा नेशनल पार्क की तरफ बहने वाली सुहेली नदी के उफनाने के बाद आसपास स्थित गांवों में तो जलभराव हो गया है। साथ ही ऊंचे स्थानों पर रहने वाले ग्रामीणों को अब जंगल से पानी के कारण बाहर निकलने वाले वन्यजीवों की चिंता सता रही है।
मुुसीबत: बाढ़ का पानी भरा, घरों में नहीं जल रहे चूल्हे
धौरहरा-ईसानगर शारदा डैम से अब तक दो लाख क्यूसेक पानी घाघरा और शारदा नदियों में छोड़े जाने से हालात और खराब हो रहे हैं। ईसानगर ब्लॉक के करीब 13 और धौरहरा ब्लॉक के करीब दस गांवों में शारदा नदी का पानी भर गया है, जिससे घरों में चूल्हे तक नहीं जल पा रहे।
तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी के दूसरी ओर बसे कैरातीपुरवा, बनटुकरा, गनापुर, बंसीबेली, ओझापुरवा, चकदहा, डुडकी, बिंजहा, भटपुरवा सहित करीब 13 गांवों में जलभराव हो गया है। घरों में पानी भरा होने से ग्रामीणों का राशन भी भीग चुका है। खाना बनाने के लिए न घरों में राशन बचा है न ही स्थान। लोगों को शौच के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा शारदा नदी का पानी रैनी समदहा, सरगड़ा, महराजनगर आदि गांवों में भरा है। रैनी गांव में शारदा भू कटान भी कर रही है।
फ्लड पीएसी की मांग की,13 नांव एक मोटर बोट लगाई
गिरजा और शारदा बैराज से 1.68-1.68 लाख क्यूसेक पानी शुक्रवार को छोड़ा गया। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ खंड विभाग ने चेतावनी भी जारी की है। एसडीएम एस सुधाकरन ने दोनों नदियों के किनारों पर बसे हुए लोगों भी ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में 13 नाव और एक मोटर बोट भी लगाई गई है। साथ ही आगामी स्थिति से निपटने के लिए फ्लड पीएससी की मांग की है।
मोटरबोट से निकाले गए तीन सौ ग्रामीण
शारदा और घाघरा नदियों के बीच बसा चकदहा गांव में बढ़ रहे पानी को देख प्रशासन ने मोटर बोट से गांव में फंसे लोगों को तत्काल ऊंचे और सुरक्षित जगह पर भेज दिया है। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया कि बाढ़पीड़ितों के खाने और रहने का इंतजाम कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम रैनी में शारदा नदी के पानी ने करीब तीन हेक्टेयर भूमि का कटान किया है। सभी लेखपाल और कानूनगो को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, किसी भी गांव में जन या पशु हानि की कोई सूचना प्राप्त नहीं है।
एसडीएम धौरहरा एस सुधाकरन ने कहा कि शारदा डैम से प्रतिदिन दो लाख क्यूसेक पानी रिलीज किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लेखपाल, राजस्व निरीक्षक लगे हैं जो स्थिति पर नजर रख रहे हैं। इसके लिए बाढ़ चौकी हसनपुर कटौली और मुराउनपुरवा में बनी हुई है। ग्राम प्रधानों के माध्यम से लंच पैकेट बांटे जा रहे हैं।
इधर, विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने कहा कि ग्रामीणों ने बाढ़ आने की जानकारी दी है। अधिकारियों से बात कर जल्द ही राहत सामग्री गांवों में वितरित करायी जायेगी।
शारदा में समाया दो सौ एकड़ गन्ना,कटान जारी
छोटी पकरिया, सल्लिहा, बड़ी पकरिया, दौलतापुर गांव नदी की जद में
गोला गोकर्णनाथ तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत पकरिया सल्लिहा के चार मजरे शारदा नदी के कटान की जद में आ गए हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि श्यामल सिंह व कोटेदार सोबरनलाल ने बताया कि सैकड़ों किसानों का गन्ना नदी में समा चुका है और कटान लगातार जारी है, जिससे ग्रामीणों की नींद उड गई है। रामनगर में विष्णु पुत्र जोखे का आधा घर नदीं में समा चुका है। लेखपाल को सूचना देने के बावजूद अभी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। इन गांवों के ब्रह्मादीन, श्यामलसिंह, मुरारीसिंह, जितेंद्रसिंह, रामकुमार, सोबरनलाल, विनोद कुमार, जीतराम, रामासरे, बिहारी, रामगुनी, संजय, घनश्याम, विश्राम, वासुदेव, कैलाश, मेवालाल, नारायण, विजयपाल, रामप्रसाद, रामकृपाल, कल्लू आदि किसान, अपने गन्ने की सैकड़ों ैएकड फसल शारदा नदी में समाते देख कुछ नहीं कर पा रहे हैं। लेखपाल परमेश्वरदीन ने बताया कि नदी से तेज कटान हो रहा है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है।
कौड़ियाला मार्ग कटने से आवागमन बाधित
तिकुनियां मोहाना नदी के उफनाने से आई बाढ़ से दिक्कत है। तिकुनियां-कौड़ियाला मार्ग कट जाने से आवागमन बाधित हो गया है। बाढ़ पीड़ित खुले आसमान के नीचे तंबू लगाकर रहने को विवश हैं। गांव जनकपुर निवासी विकास बताते हैं कि बाढ़ का पानी जब गांव में भरने लगा तब वह लोगों का सामान निकलवाने में जुट गए। पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ रहा था। कौड़ियाला निवासी गोविंद कुमार बताते हैं कि स्थिति बहुत खराब है। गांव निवासी परशुराम कहते हैं कि सरकार की ओर से अब तक कोई सहायता नहीं मिली है न कोई देखने आया है। हमारे मवेशी भी अभी पानी में हैं। सामान घर में छूट गया है। सतीश कुमार बताते हैं कि प्रदूषित पानी पिया जा रहा है इसके चलते संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ती जा रही है। अब तक दवा का वितरण भी नहीं किया है। कोई राहत सामग्री सरकार से नहीं मिली है। पानी निरंतर बढ़ रहा है। प्रभारी निरीक्षक हनुमान प्रसाद ने बताया बाढ़ पीड़ितों पर पूरी नजर रखी जा रही है। बाढ़ पीड़ितों की सूची तैयार की जा रही है।

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पलियाकलां और धौरहरा तहसील क्षेत्रों में बाढ़ का असर है। पानी भर जाने से रैनीसंघार गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। हालांकि आज
नदियों में पानी स्थिर रहा, संभावना है कि कल और कम होगा। एहतिहातन एनडीआरएफ की टीम मांगी है, जल्द आ जाएगी। फ्लड पीएसी यहां मौजूद है। बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरत की अनुसार मदद की जा रही है।
-शैलेंद्र कुमार सिंह,डीएम
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