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लोहरा वीरान गांव में बना बंधा टूटा, बाढ़ का खतरा

Sun, 12 Jul 2020 10:40 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2020 10:40 PM IST
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मझगईं (लखीमपुर खीरी)। इलाके के बेला के लोहरा वीरान के पास करीब आठ साल पहले बनाया गया बंधा टूट गया। जिससे काफी तेज धार से पानी बहने लगा। बंधा टूटने से ग्रामीणों में बाढ़ आने की दहशत फैल गई है। इलाके की फसलें भी जलमग्न हो गईं हैं। ग्रामीणों के मुताबिक करीब बीस फुट लंबा बंधा टूटने की सूचना एसडीएम को दी गई है।
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पहाड़ों पर कई दिनों से हो रही बारिश से पार्क के जंगल किनारे निकली सुहेली नदी उफना गई है। दरअसल सुहेली नदी में सरयू नदी का पानी भी मिलता है। इससे उसका जलस्तर बढ़ जाता है। करीब आठ वर्ष पहले विधायक रोमी साहनी व ग्रामीणों के सहयोग से बनाए गए बेला कलां के लोहरा वीरान के पास जंगल के पश्चिम में बीस फुट लंबा बंधा शनिवार रात तेज बहाव से टूट गया। जिससे बाढ़ के पानी से धान व गन्ने की फसलें डूब गईं। बंधा टूट जाने से मलिनियां, बसंतापुर, बबौरा, नौगवां, त्रिलोकपुर के ग्रामीणों की दिलों की धड़कनें तेज हो गईं है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस तेजी से इलाके के खेतों में बाढ़ का पानी भर रहा है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि देर शाम तक पलिया-निघासन रोड पर बेला के पास स्थित रपटा पुल पर भी पानी चलने लगेगा। बता दें कि पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदी उफनाकर बेलाकलां के ईदगिर्द गांवों में भारी तबाही मचाती थी। इसके अलावा निघासन रोड पर भी बेला से मलिनियां तक पानी भर जाता था। विधायक रोमी साहनी ने ग्रामीणों के सहयोग से बसंतापुर से लोहरा वीरान तक बंधे का निर्माण कराया था जो टूट गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना एसडीएम पलिया को दे दी है। बंधा टूटने से इलाके में दहशत फैली हुई है।
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शारदा नदी का जलस्तर घटा, पर अब भी खतरे के निशान से ऊपर
पलियाकलां बीते चार दिनों से शारदा नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। हालांकि अब नदी घटने लगी है और रविवार को तीन बजे तक नदी खतरे के निशान से 18 सेमी ऊपर है। नदी अभी स्थिर है। उधर घटते-बढ़ते जलस्तर को देखकर ग्रामीणों को अब कटान का खतरा सताने लगा है। जिससे उनके चेहरों पर भी चिंता की लकीरें आ गईं हैं।
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बता दें कि बीते चार दिनों से शारदा नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। नदी का पानी इमलिया फार्म, कचनारा गांव के रास्ते पर चल रहा है। इमलिया फार्म जाने वाले ग्रामीणों को भीरा लंबी दूरी का चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है। वहीं बोझवा में ठोकर नंबर एक के पास भी फसलों में बाढ़ का पानी भर गया है। यहां ग्रामीणों की गन्ने की काफी फसल डूब गई हैं। कहीं-कहीं नदी ने धार छोड़ी है तो वहां पर जिन ग्रामीणों की फसलें बची हुईं हैं वह ग्रामीण नावों से जाकर चारा, खाद आदि डालने जाते हैं। जल आयोग के राकेश कुमार ने बताया कि रविवार को तीन बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.100 सेमी से 18 सेमी ऊपर 154.280 सेमी पर था। नदी का जलस्तर शनिवार की तुलना में घटा है लेकिन नदी तीन बजे तक स्थिर थी। बताया कि सुबह आठ बजे तक इलाके में 22.0 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है। उधर शारदा नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। ग्रामीणों की माने तो घटते जलस्तर में कटान का खतरा बढ़ जाता है और नदी भूकटान करने लगती है जिससे बाढ़ का खतरा काफी बढ़ जाता है।
तेज आंधी और बारिश से गिरी गन्ने की फसल, हुआ नुकसान
निघासन रविवार सुबह तेज आंधी और बारिश के चलते गन्ने की फसल गिर गई। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
किसान रामबहादुर, छड़ीराम आदि ने बताया कि बरसात में गन्ना बढ़ना चालू हुआ था कि अचानक तेज आंधी के चलते लुढ़क गया। गन्ना गिर जाने से उसकी पैदावार आदि भी कम होने की संभावना बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि जिनके गन्ने की लंबाई अधिक हो गई थी उन लोगों ने गन्ने की हरी पत्तियां भी कटवा दी थीं, इसके बावजूद गन्ना गिर गया है। लगातार बारिश होने से जुलाई माह में लगे केले की फसल को भी नुकसान होने की आशंका प्रबल हो गई है, जिन खेतों में बरसात का पानी भर गया है उन खेतों में केले के पौधे सूखने लगे हैं।
अमीरनगर लगातार रुक रुक कर हो रही बारिश से साठा धान की कटाई नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
शनिवार की रात और रविवार की सुबह तेज बारिश हुई, जिससे खेतों में पानी भर गया। साठा धान की कटाई के लिए खेतों में पानी भरने से धान की कटाई कराने में दिक्कत हो रही है।
पलियाकलां रविवार सुबह तेज हवा चलने के साथ ही करीब एक घंटा मूसलाधार बारिश हुई। इसमें भीरा इलाके के साथ ही पलिया क्षेत्र में कई जगहों पर गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। खड़ी गन्ने की फसल पलट गई है। जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। निचले इलाके में बोई गई धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इसमें जलभराव हो गया है जिससे फसल डूब गई है।

बता दें कि इलाके में बीते दिनों से हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। रविवार को सुबह मौसम फिर खराब हुआ और छह बजे से तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। हालांकि दिन में धूप निकली लेकिन सुबह की आंधी व बारिश से गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। भीरा इलाके के बोझवा, मटैहिया, कचनारा, दौलतापुर के साथ ही पलिया के भी कई गांवों में गन्ने की फसल गिर गई है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
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