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शारदा का जलस्तर बढ़ने पर पैंटून पुल हटाया, नाव से नदी पार कर रहे लोग
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महेवागंज/सुंदरवल। फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी पर बने पैंटून पुल को दो दिन पहले बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जान जोखिम में डालकर लोग नाव से आ-जा रहे हैं। वहीं निघासन से फूलबेहड़ होकर लखीमपुर मुख्यालय की दूरी में करीब 25 किमी का अंतर बढ़ जाने से लोगों का समय और पैसा दोनों बढ़ जाएगा। बारिश सीजन में हर साल पुल को करीब पांच माह के लिए बंद कर दिया जाता है, जिससे इस बार भी 15 जून से पुल हटाया जाना था। लेकिन पीडब्ल्यूडी खंड एक के कर्मचारियों ने शारदा नदी का जलस्तर बढ़ता देख दो दिन पहले ही पुल पर आवागमन बंद कर दिया है।
पचपेड़ी घाट पर बने पैंटून पुल के रास्ते ही ज्यादातर लोग आवागमन करते हैं। इस पुल से लखीमपुर मुख्यालय से निघासन कस्बे की दूरी करीब 30 किलोमीटर पड़ती है। जबकि मुख्यालय से शारदानगर होकर सीधे निघासन के लिए लोगों को दोगुनी यानी 55 किमी दूरी तय करनी पड़ती है। समय के साथ पैसे की बचत के लिए लोग पैंटून पुल का इस्तेमाल ज्यादा करते है। बारिश के दिनों में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से पीडब्ल्यूडी के अधीन अस्थायी पुल को हटा लिया जाता है। इससे राहगीरों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीण अरसे से नदी पर स्थायी पुल की मांग करते आ रहे है। हर बार चुनाव में पुल बड़ा मुद्दा भी बनता है, लेकिन अभी तक स्थायी पुल सपना बना हुआ है।
पुल हटाए जाने से इन गांवों पर पड़ता है असर
शारदा नदी के उस पार निघासन क्षेत्र में अदलाबाद, पचपेड़ी, झंडी, करमूपुरवा, हरसिंगारपुर गांव हैं, तो उस पार बेड़हा, पिपरा गूम, चकलुआ, फूलबेहड़, मंगलीपुरवा समेत दर्जनों गांव का शॉर्टकट रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। नाव के सहारे ही लोग आते-जाते हैं। शनिवार को नदी में दो नाव चलती मिली। पैदल वालों के अलावा बाइक सवार भी अपनी बाइक नाव पर रखकर नदी पार की। सुरेंद्र और बबलू ने बताया कि नाविक ने प्रति व्यक्ति 20 रुपये किराया लिया है।
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बारिश सीजन में शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे पैंटून पुल बह सकता है। इसलिए 15 जून से पुल को बंद किया जाता है। इसके बाद अक्तूबर-नवंबर में जलस्तर कम होने पर पैंटून पुल फिर से बनाया जाएगा। शनिवार को पुल बंद किए जाने की जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी करेंगे।
देवेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड एक
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पचपेड़ी घाट पर बने पैंटून पुल के रास्ते ही ज्यादातर लोग आवागमन करते हैं। इस पुल से लखीमपुर मुख्यालय से निघासन कस्बे की दूरी करीब 30 किलोमीटर पड़ती है। जबकि मुख्यालय से शारदानगर होकर सीधे निघासन के लिए लोगों को दोगुनी यानी 55 किमी दूरी तय करनी पड़ती है। समय के साथ पैसे की बचत के लिए लोग पैंटून पुल का इस्तेमाल ज्यादा करते है। बारिश के दिनों में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से पीडब्ल्यूडी के अधीन अस्थायी पुल को हटा लिया जाता है। इससे राहगीरों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीण अरसे से नदी पर स्थायी पुल की मांग करते आ रहे है। हर बार चुनाव में पुल बड़ा मुद्दा भी बनता है, लेकिन अभी तक स्थायी पुल सपना बना हुआ है।
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पुल हटाए जाने से इन गांवों पर पड़ता है असर
शारदा नदी के उस पार निघासन क्षेत्र में अदलाबाद, पचपेड़ी, झंडी, करमूपुरवा, हरसिंगारपुर गांव हैं, तो उस पार बेड़हा, पिपरा गूम, चकलुआ, फूलबेहड़, मंगलीपुरवा समेत दर्जनों गांव का शॉर्टकट रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। नाव के सहारे ही लोग आते-जाते हैं। शनिवार को नदी में दो नाव चलती मिली। पैदल वालों के अलावा बाइक सवार भी अपनी बाइक नाव पर रखकर नदी पार की। सुरेंद्र और बबलू ने बताया कि नाविक ने प्रति व्यक्ति 20 रुपये किराया लिया है।
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बारिश सीजन में शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे पैंटून पुल बह सकता है। इसलिए 15 जून से पुल को बंद किया जाता है। इसके बाद अक्तूबर-नवंबर में जलस्तर कम होने पर पैंटून पुल फिर से बनाया जाएगा। शनिवार को पुल बंद किए जाने की जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी करेंगे।
देवेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड एक