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ओवरब्रिज की सड़क धंसी, हादसे का खतरा
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लखीमपुर/मैगलगंज। लखनऊ-बरेली नेशनल हाईवे 24 पर सीतापुर से बरेली के बीच करीब पांच साल पहले बनाए गए ओवरब्रिज और सड़क जर्जर हो गई हैं। घटिया सामग्री से निर्माण कराए जाने से अंबारी और मैगलगंज ओवरब्रिज के पास की सड़क के किनारे करीब 40 फीसदी धंस गए हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने का डर बना हुआ है। इसके अलावा सड़क में कई स्थानों पर गड्ढे हो चुके हैं, जिसमें आए-दिन दोपहिया वाहन सवार हादसों का शिकार बन रहे हैं। बावजूद इसके एनएचएआई ने अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया है, जबकि टेंडर प्रक्रिया पूरी हुए दो माह बीत रहे हैं।
कभी जीटी रोड नाम से जाने वाले वाले नेशनल हाईवे 24 पर लखनऊ से दिल्ली तक फोरलेन (चौड़ीकरण) कार्य वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। लखनऊ से सीतापुर तक काम पूरा हो चुका है, लेकिन सीतापुर से बरेली तक 160 किमी सड़क का चौड़ीकरण कार्य कई वर्षों से अटका हुआ है। एक कार्यदायी संस्था को भ्रष्टाचार के आरोप में ब्लैक लिस्टेड भी किया जा चुका है। इसके बाद आगरा के राज कंस्ट्रक्शन को चौड़ीकरण कराने का काम दिया गया है, लेकिन इसने अब तक काम शुरू नहीं किया है। मैगलगंज ओवरब्रिज के पास की ऊंचाई पर बनी सड़क की मिट्टी खिसकने से सड़क का किनारा धंस चुका है। बारिश में मिट्टी कटने से सड़क धंसने का सिलसिला जारी है, जिससे यह मार्ग जानलेवा साबित हो सकता है। इसी तरह चपरतला जतनगंज पुल के पास भी सड़क के किनारे धंस गए हैं। इसी हाईवे पर मैगलगंज से जहानीखेड़ा गांव के बीच की सड़क अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। तीन से चार फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। इनमें वाहन गिरते ही बड़ा हादसा हो सकता है। लोग घायल हो सकते हैं और जानें भी जा सकती हैं। जहानीखेड़ा से पिहानी मोड़ के ठीक सामने सड़क में सुरंग की तरह होल बन गया, जिससे रोड को बंद करके रूट डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा गोमती पुल के पास शाहजहांपुर रोड पर आधी सड़क धंस गई है, जबकि पुल से 60 मीटर पहले सड़क का किनारा धंस गया है। इन सबके अलावा लापरवाही का यह आलम है कि कुछ महिलाएं हाईवे पर डिवाइडर पर कंडे पाथती हैं।
जंगबहादुरगंज। लखनऊ-बरेली नेशनल हाईवे 24 पर अंबारी ओवरब्रिज मार्ग धंस जाने से चौपहिया और भारी वाहन हिचकोले ले रहे हैं। इससे किसी भी समय वाहन पलटने की आशंका बनी हुई है। हादसा होने पर एक साइड का ट्रैफिक कभी भी बंद हो सकता है। अंबारी का ओवरब्रिज करीब दो वर्ष से क्षतिग्रस्त है। ओवरब्रिज के एक ओर की सड़क धंस गई है। सड़क पर एक से दो फुट तक गहरे कई गड्ढे हो गए हैं, जिनमें मिट्टा भरवाई गई है। लेकिन यह इंतजाम नाकाफी है, क्योंकि कुछ दिनों बाद ही मिट्टी गायब हो जाती है। बारिश होने से गड्ढे में पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क जानलेवा बन जाती है। कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की मौत तक हो चुकी है।
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मरम्मत और निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कंपनी ने शाहजहांपुर में प्लांट लगाया है। फरवरी में काम शुरू हो जाएगा। कंपनी को 15 महीने में काम पूरा करना है।
-आकांश दीक्षित, एई, एनएचएआई
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कभी जीटी रोड नाम से जाने वाले वाले नेशनल हाईवे 24 पर लखनऊ से दिल्ली तक फोरलेन (चौड़ीकरण) कार्य वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। लखनऊ से सीतापुर तक काम पूरा हो चुका है, लेकिन सीतापुर से बरेली तक 160 किमी सड़क का चौड़ीकरण कार्य कई वर्षों से अटका हुआ है। एक कार्यदायी संस्था को भ्रष्टाचार के आरोप में ब्लैक लिस्टेड भी किया जा चुका है। इसके बाद आगरा के राज कंस्ट्रक्शन को चौड़ीकरण कराने का काम दिया गया है, लेकिन इसने अब तक काम शुरू नहीं किया है। मैगलगंज ओवरब्रिज के पास की ऊंचाई पर बनी सड़क की मिट्टी खिसकने से सड़क का किनारा धंस चुका है। बारिश में मिट्टी कटने से सड़क धंसने का सिलसिला जारी है, जिससे यह मार्ग जानलेवा साबित हो सकता है। इसी तरह चपरतला जतनगंज पुल के पास भी सड़क के किनारे धंस गए हैं। इसी हाईवे पर मैगलगंज से जहानीखेड़ा गांव के बीच की सड़क अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। तीन से चार फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। इनमें वाहन गिरते ही बड़ा हादसा हो सकता है। लोग घायल हो सकते हैं और जानें भी जा सकती हैं। जहानीखेड़ा से पिहानी मोड़ के ठीक सामने सड़क में सुरंग की तरह होल बन गया, जिससे रोड को बंद करके रूट डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा गोमती पुल के पास शाहजहांपुर रोड पर आधी सड़क धंस गई है, जबकि पुल से 60 मीटर पहले सड़क का किनारा धंस गया है। इन सबके अलावा लापरवाही का यह आलम है कि कुछ महिलाएं हाईवे पर डिवाइडर पर कंडे पाथती हैं।
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जंगबहादुरगंज। लखनऊ-बरेली नेशनल हाईवे 24 पर अंबारी ओवरब्रिज मार्ग धंस जाने से चौपहिया और भारी वाहन हिचकोले ले रहे हैं। इससे किसी भी समय वाहन पलटने की आशंका बनी हुई है। हादसा होने पर एक साइड का ट्रैफिक कभी भी बंद हो सकता है। अंबारी का ओवरब्रिज करीब दो वर्ष से क्षतिग्रस्त है। ओवरब्रिज के एक ओर की सड़क धंस गई है। सड़क पर एक से दो फुट तक गहरे कई गड्ढे हो गए हैं, जिनमें मिट्टा भरवाई गई है। लेकिन यह इंतजाम नाकाफी है, क्योंकि कुछ दिनों बाद ही मिट्टी गायब हो जाती है। बारिश होने से गड्ढे में पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क जानलेवा बन जाती है। कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की मौत तक हो चुकी है।
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मरम्मत और निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कंपनी ने शाहजहांपुर में प्लांट लगाया है। फरवरी में काम शुरू हो जाएगा। कंपनी को 15 महीने में काम पूरा करना है।
-आकांश दीक्षित, एई, एनएचएआई