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संशोधन के नाम पर बिना खतौनी दिए फर्जी सर्वे कराने का बनाते हैं दबाव
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लखीमपुर खीरी। गन्ना विभाग ने गन्ना माफिया पर लगाम लगाने के लिए कमर कसी है, तो वहीं माफिया अब भी कर्मचारियों को डरा-धमकाकर ज्यादा पर्चियां हासिल करने के लिए फर्जी सर्वे करने का दबाव बनाते हैं। इसके लिए संशोधन प्रक्रिया को निशाना बनाया जा रहा है, जो सुविधा किसानों के लिए है इसी संशोधन की सुविधा को अपने मनमुताबिक सर्वे कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
जिन किसानों के पास गन्ना अधिक है और सर्वे के दौरान उनका कोई प्लॉट छूट गया है, तो उनका संशोधन करके पर्चियां बढ़ाई जाती है। बस इसी सुविधा में सेंध लगाकर गन्ना माफिया अपना उल्लू सीधा करने में जुटे हैं। मोहम्मदी क्षेत्र के प्रकरण में सामने आया है कि आरोपी लोग बिना खतौनी के फर्जी तरीके से दूसरे प्लॉट पर पर्चियां बढ़वाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने पर्यवेक्षक को डराने की चाल चली। ताकि बिना खतौनी उसके सट्टे में अधिक जमीन होने का सर्वे चढ़ा दिया जाए और पर्चियों की संख्या बढ़ जाए। पर्चियों को बढ़वाने के पीछे मकसद यही है कि किसानों का गन्ना सस्ता खरीदकर उसे अपनी पर्चियों पर तौल कराकर मुनाफा कमा सकें। हर साल सर्वे के दौरान किसानों से घोषणा पत्र भराया जाता है और खतौनी जमा कराई जाती है। साथ ही खेत पर जाकर पर्यवेक्षक सर्वे करता है। मसलन आपके पास चार एकड़ खेत है और उसमें दो एकड़ जमीन पर गन्ने की फसल है, तो फिर दो एकड़ गन्ने का सर्वे होगा। उसी के मुताबिक पर्चियां मिलेंगी। लेकिन कुछ दबंग चाहते हैं कि उनके पूरे खेत को सर्वे में शामिल कर लिया जाए, जिससे उनकी पर्चियों की संख्या बढ़ जाए।
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जिन किसानों के पास गन्ना अधिक है और सर्वे के दौरान उनका कोई प्लॉट छूट गया है, तो उनका संशोधन करके पर्चियां बढ़ाई जाती है। बस इसी सुविधा में सेंध लगाकर गन्ना माफिया अपना उल्लू सीधा करने में जुटे हैं। मोहम्मदी क्षेत्र के प्रकरण में सामने आया है कि आरोपी लोग बिना खतौनी के फर्जी तरीके से दूसरे प्लॉट पर पर्चियां बढ़वाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने पर्यवेक्षक को डराने की चाल चली। ताकि बिना खतौनी उसके सट्टे में अधिक जमीन होने का सर्वे चढ़ा दिया जाए और पर्चियों की संख्या बढ़ जाए। पर्चियों को बढ़वाने के पीछे मकसद यही है कि किसानों का गन्ना सस्ता खरीदकर उसे अपनी पर्चियों पर तौल कराकर मुनाफा कमा सकें। हर साल सर्वे के दौरान किसानों से घोषणा पत्र भराया जाता है और खतौनी जमा कराई जाती है। साथ ही खेत पर जाकर पर्यवेक्षक सर्वे करता है। मसलन आपके पास चार एकड़ खेत है और उसमें दो एकड़ जमीन पर गन्ने की फसल है, तो फिर दो एकड़ गन्ने का सर्वे होगा। उसी के मुताबिक पर्चियां मिलेंगी। लेकिन कुछ दबंग चाहते हैं कि उनके पूरे खेत को सर्वे में शामिल कर लिया जाए, जिससे उनकी पर्चियों की संख्या बढ़ जाए।
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