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अफसरों के नोटिस का जवाब न देना डीपीआरओ को महंगा पड़ा
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लखीमपुर खीरी। पंचायत राज विभाग की योजनाओं को लागू करने में लापरवाही की कीमत डीपीआरओ को चुकानी पड़ गई। ऐसे में डीएम और सीडीओ के नोटिस का जवाब न देने, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में सावधानी न बरतने पर सीडीओ अरविंद सिंह ने डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव और उनके अधीनस्थों पर कार्रवाई शुरू कर दी।
यहां तक सीडीओ ने डीपीआरओ का वेतन अग्रिम आदेशों तक बाधित कर दिया है और स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसके अलावा सफाई कर्मचारी स्थापना से संबंधित कार्य देख रहे पटल सहायक जसकरनलाल वर्मा और ग्राम पंचायत अधिकारियों के स्थापना से संबंधित कार्य देख रहे पटल सहायक एवं वरिष्ठ लिपिक भजनलाल को उनके पटल से हटा दिया गया।
सीडीओ ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत वेबसाइट पर नो वन लेफ्ट बिहाइंड (एनओएलबी) के पुन:सत्यापन की फीडिंग कराने के लिए दैनिक लक्ष्य निर्धारित किया, लेकिन उसके मुताबिक फीडिंग कार्य नहीं कराया जा रहा है। साथ ही ग्राम पंचायतों को मिलने वाली परफॉरमेंस ग्रांट 2016-17 के लिए पात्र ग्राम पंचायतों की सूची पोर्टल पर अपलोड नहीं कराई गई और न ही उसकी कार्यवृत्ति बनाई गई। जिसका संज्ञान निदेशालय ने भी लिया था।
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आईजीआरएस के संदर्भों में समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न किए जाने पर डीएम ने डीपीआरओ को स्पष्टीकरण नोटिस और सीडीओ ने कारण बताओ नोटिस दिया था, लेकिन डीपीआरओ ने नोटिसों को अनदेखा कर दिया। इसके अलावा 1167 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 1032 ग्राम पंचायतों के अभिलेख लेखा परीक्षा को प्रस्तुत किए गए, लेकिन 135 ग्राम पंचायतों के अभिलेख लेखा परीक्षा के लिए प्रस्तुत ही नहीं किए गए। इस पर उपमुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायत लखनऊ मंडल और सीडीओ ने इस मामले में जवाब मांगा था, लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी डीपीआरओ ने उच्चाधिकारियों को जवाब नहीं दिया।
वहीं पंचायत विभाग में तैनात सफाई कर्मियों की लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए सीडीओ ने डीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित कर लंबित प्रकरणों ंके अभिलेख कई बार मांगे लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके। जिसके चलते सीडीओ ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
दो पटल सहायकों पर भी हुई कार्रवाई
सीडीओ ने डीपीआरओ कार्यालय के दो पटल सहायकों पर भी कार्रवाई की है। सफाई कर्मचारियों के पटल सहायक जसकरनलाल वर्मा से चार्ज हटाकर वरिष्ठ सहायक मनोज श्रीवास्तव को चार्ज दिया गया। ग्राम पंचायत अधिकारियों का पटल देख रहे भजनलाल से चार्ज हटाकर प्रधान सहायक विनोद कुमार श्रीवास्तव को सौंपा गया।
डीपीआरओ को बराबर निर्देश और चेतावनी दिए जाने के बावजूद कामकाज में सुधार नहीं किया गया। वह अपने कार्यालय पर प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण भी नहीं कर पा रहे हैं और शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसलिए डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आगे इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-अरविंद सिंह, सीडीओ
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यहां तक सीडीओ ने डीपीआरओ का वेतन अग्रिम आदेशों तक बाधित कर दिया है और स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसके अलावा सफाई कर्मचारी स्थापना से संबंधित कार्य देख रहे पटल सहायक जसकरनलाल वर्मा और ग्राम पंचायत अधिकारियों के स्थापना से संबंधित कार्य देख रहे पटल सहायक एवं वरिष्ठ लिपिक भजनलाल को उनके पटल से हटा दिया गया।
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सीडीओ ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत वेबसाइट पर नो वन लेफ्ट बिहाइंड (एनओएलबी) के पुन:सत्यापन की फीडिंग कराने के लिए दैनिक लक्ष्य निर्धारित किया, लेकिन उसके मुताबिक फीडिंग कार्य नहीं कराया जा रहा है। साथ ही ग्राम पंचायतों को मिलने वाली परफॉरमेंस ग्रांट 2016-17 के लिए पात्र ग्राम पंचायतों की सूची पोर्टल पर अपलोड नहीं कराई गई और न ही उसकी कार्यवृत्ति बनाई गई। जिसका संज्ञान निदेशालय ने भी लिया था।
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आईजीआरएस के संदर्भों में समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न किए जाने पर डीएम ने डीपीआरओ को स्पष्टीकरण नोटिस और सीडीओ ने कारण बताओ नोटिस दिया था, लेकिन डीपीआरओ ने नोटिसों को अनदेखा कर दिया। इसके अलावा 1167 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 1032 ग्राम पंचायतों के अभिलेख लेखा परीक्षा को प्रस्तुत किए गए, लेकिन 135 ग्राम पंचायतों के अभिलेख लेखा परीक्षा के लिए प्रस्तुत ही नहीं किए गए। इस पर उपमुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायत लखनऊ मंडल और सीडीओ ने इस मामले में जवाब मांगा था, लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी डीपीआरओ ने उच्चाधिकारियों को जवाब नहीं दिया।
वहीं पंचायत विभाग में तैनात सफाई कर्मियों की लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए सीडीओ ने डीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित कर लंबित प्रकरणों ंके अभिलेख कई बार मांगे लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके। जिसके चलते सीडीओ ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
दो पटल सहायकों पर भी हुई कार्रवाई
सीडीओ ने डीपीआरओ कार्यालय के दो पटल सहायकों पर भी कार्रवाई की है। सफाई कर्मचारियों के पटल सहायक जसकरनलाल वर्मा से चार्ज हटाकर वरिष्ठ सहायक मनोज श्रीवास्तव को चार्ज दिया गया। ग्राम पंचायत अधिकारियों का पटल देख रहे भजनलाल से चार्ज हटाकर प्रधान सहायक विनोद कुमार श्रीवास्तव को सौंपा गया।
डीपीआरओ को बराबर निर्देश और चेतावनी दिए जाने के बावजूद कामकाज में सुधार नहीं किया गया। वह अपने कार्यालय पर प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण भी नहीं कर पा रहे हैं और शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसलिए डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आगे इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-अरविंद सिंह, सीडीओ