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कीटनाशक रसायन के दो नमूने लैब जांच में फेल
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लखीमपुर खीरी। निघासन क्षेत्र के गांव सिंघौना में बगैर लाइसेंस के संचालित नानक खाद भंडार से भरे गए दो कीटनाशक रसायन के नमूने लैब जांच में फेल हो गए हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने संबंधित व्यापारी के खिलाफ पिछले महीने ही एफआईआर दर्ज कराई थी। अब कीटनाशक के नमूने फेल होने पर दूसरी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रेषू कुमार गौतम ने बताया कि निघासन क्षेत्र के गांव सिंघौना में 16 नवंबर 2019 को अवैध रूप से चल रही नानक खाद भंडार पर छापा मारा गया था जिसके मालिक पर न तो खाद बेचने का लाइसेंस था और न ही कीटनाशक बेचने का। लिहाजा कार्रवाई करते हुए कृषि रक्षा अधिकारी ने खाद दुकान से कीटनाशक रसायन फोरेट और टू फोर डी के नमूने भरे थे और दुकान मालिक मंदीप सिंह और बलविंदर सिंह के खिलाफ थाना सिंगाही में कीटनाशी अधिनियम और धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अब जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए कीटनाशक रसायनों की रिपोर्ट आ गई है, जिसमें दोनों नमूने अधोमानक पाए गए, जो दंडनीय अपराध है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि फोरेट में 10 प्रतिशत के बजाय 7.79 प्रतिशत रसायन की मात्रा और टू फोर डी अमीनो सॉल्ट में 58 प्रतिशत की जगह 51.07 प्रतिशत रसायन की मात्रा पाई गई है जिसके लिए संबंधित व्यापारी के खिलाफ वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रेषू कुमार गौतम ने बताया कि निघासन क्षेत्र के गांव सिंघौना में 16 नवंबर 2019 को अवैध रूप से चल रही नानक खाद भंडार पर छापा मारा गया था जिसके मालिक पर न तो खाद बेचने का लाइसेंस था और न ही कीटनाशक बेचने का। लिहाजा कार्रवाई करते हुए कृषि रक्षा अधिकारी ने खाद दुकान से कीटनाशक रसायन फोरेट और टू फोर डी के नमूने भरे थे और दुकान मालिक मंदीप सिंह और बलविंदर सिंह के खिलाफ थाना सिंगाही में कीटनाशी अधिनियम और धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अब जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए कीटनाशक रसायनों की रिपोर्ट आ गई है, जिसमें दोनों नमूने अधोमानक पाए गए, जो दंडनीय अपराध है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि फोरेट में 10 प्रतिशत के बजाय 7.79 प्रतिशत रसायन की मात्रा और टू फोर डी अमीनो सॉल्ट में 58 प्रतिशत की जगह 51.07 प्रतिशत रसायन की मात्रा पाई गई है जिसके लिए संबंधित व्यापारी के खिलाफ वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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