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एस्मा को दरकिनार कर लेखपालों ने भरी हुंकार
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10 दिसंबर से कार्य बहिष्कार पर हैं लेखपाल, आठ सूत्री मांगों पर अड़े
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लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर 10 दिसंबर से जारी लेखपालों का कार्य बहिष्कार मंगलवार को भी जारी रहा। सरकार द्वारा लागू एस्मा को दरकिनार करते हुए लेखपालों ने आठ सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने का एलान किया। इससे तहसीलों में हुए संपूर्ण समाधान दिवस में राजस्व विभाग की शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जा सका।
विलोबी मेमोरियल परिसर में धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष उदयभानु सिंह ने कहा कि संघ की मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। एस्मा लागू करके लेखपालों को डराने के मकसद में सरकार सफल नहीं होगी। इस बार आरपार की लड़ाई है। उन्होंने प्रमुख मांगों के बारे में कहा कि एसीपी विसंगति को दूर कर वेतन उच्चीकरण पर शीघ्र अमल किया जाए। धरने में अनिल श्रीवास्तव, प्रदीप वर्मा, अनुज वाजपेयी, रामकुमार दीक्षित, पंकज मिश्रा, अजय कुमार, शिवबालक सिंह तोमर, क्षमा पांडेय, रूबी वर्मा, जयंती मिश्रा, निधि, पुष्पलता शामिल रहे।
डीएम ने काम नहीं तो वेतन नहीं का फार्मूला किया लागू
लखीमपुर खीरी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने आठ दिन से कार्य बहिष्कार कर रहे लेखपालों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा एस्मा लागू किए जाने का हवाला देते हुए कार्य बहिष्कार आंदोलन को अवैध करार देते हुए काम पर लौटने की अपील की है। साथ ही उन्होंने काम नहीं तो वेतन नहीं का फार्मूला लागू करने की बात कही है।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले भर के लेखपाल 10 दिसंबर 2019 से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। पहले तीन दिनों तक तहसीलों मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने के बाद सभी लेखपाल जिला मुख्यालय पर विलोबी मेमोरियल परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेखपालों की हड़ताल को अवैध करार देते हुए प्रदेश सरकार ने पांच दिन पहले एस्मा लागू कर दिया था। इसके बावजूद लेखपाल अपनी मांगों पर अड़े हैं और काम पर नहीं लौटे हैं। इससे राजस्व विभाग के कामकाज ठप हैं और सरकार की योजनाओं को पलीता लग रहा है। डीएम ने कहा है कि सरकार के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभी नो वर्क नो पे के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विलोबी मेमोरियल परिसर में धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष उदयभानु सिंह ने कहा कि संघ की मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। एस्मा लागू करके लेखपालों को डराने के मकसद में सरकार सफल नहीं होगी। इस बार आरपार की लड़ाई है। उन्होंने प्रमुख मांगों के बारे में कहा कि एसीपी विसंगति को दूर कर वेतन उच्चीकरण पर शीघ्र अमल किया जाए। धरने में अनिल श्रीवास्तव, प्रदीप वर्मा, अनुज वाजपेयी, रामकुमार दीक्षित, पंकज मिश्रा, अजय कुमार, शिवबालक सिंह तोमर, क्षमा पांडेय, रूबी वर्मा, जयंती मिश्रा, निधि, पुष्पलता शामिल रहे।
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डीएम ने काम नहीं तो वेतन नहीं का फार्मूला किया लागू
लखीमपुर खीरी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने आठ दिन से कार्य बहिष्कार कर रहे लेखपालों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा एस्मा लागू किए जाने का हवाला देते हुए कार्य बहिष्कार आंदोलन को अवैध करार देते हुए काम पर लौटने की अपील की है। साथ ही उन्होंने काम नहीं तो वेतन नहीं का फार्मूला लागू करने की बात कही है।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले भर के लेखपाल 10 दिसंबर 2019 से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। पहले तीन दिनों तक तहसीलों मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने के बाद सभी लेखपाल जिला मुख्यालय पर विलोबी मेमोरियल परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेखपालों की हड़ताल को अवैध करार देते हुए प्रदेश सरकार ने पांच दिन पहले एस्मा लागू कर दिया था। इसके बावजूद लेखपाल अपनी मांगों पर अड़े हैं और काम पर नहीं लौटे हैं। इससे राजस्व विभाग के कामकाज ठप हैं और सरकार की योजनाओं को पलीता लग रहा है। डीएम ने कहा है कि सरकार के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभी नो वर्क नो पे के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।