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फूड प्वॉयजनिंग से चार गोवंश की मौत, 14 बीमार
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लखीमपुर खीरी। शहर कोतवाली क्षेत्र के युवराज दत्त कॉलेज ग्राउंड पर रविवार को चार गोवंश मृत और 14 बीमार पड़े मिले। जानकारी मिलने पर पहुंचे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और तत्काल पशु चिकित्सक डॉ. राजेंद्र कुमार को बुला लिया। पशु चिकित्सक ने जांच के बाद संभावना जताई कि फूड प्वॉयजनिंग से गोवंश की मौत हुई और बाकी बीमार हुए हैं। एसडीएम के निर्देश पर एक गोवंश का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें उसके पेट में चावल, प्लास्टिक और पॉलिथीन मिली।
मौके पर पहुंचे हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बीते दिनों इस स्थान पर धार्मिक कार्यक्रम के बाद भंडारे का आयोजन हुआ था। इसमें बचा हुआ भोजन यहीं गड्ढे में डाल दिया गया। बारिश का पानी जाने से दूषित हुए भोजन को खाने के बाद गोवंश बीमार पड़े और बाद में चार की मौत हो गई। मोहल्ला राजाजीपुरम निवासी बजरंग दल के सह विभाग संयोजक अनुज तिवारी ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि संत निरंकारी मंडल के संयोजक प्रवेश कुमार साहनी ने 12 दिसंबर को कॉलेज मैदान पर संत समागम कराने की अनुमति एसडीएम से ली थी। समागम में आए हुए लोगों के लिए भोजन बना था। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जो खाना बच गया उसे मैैदान पर ही फेंक दिया गया, जो वर्षा के बाद दूषित हो गया। जिसे खाकर ही 14 गोवंश बीमार हो गए, जबकि चार की मौत हो गई। अनुज तिवारी का कहना है इसके लिए आयोजक समिति के लोग जिम्मेदार हैं। मौक पर जिला कार्याध्यक्ष अनुज दीक्षित, प्रांत सहमंत्री ब्रजेश पांडे, पंकज जायसवाल, जिला गोरक्षा प्रमुख सुनील जायसवाल आदि मौजूद रहे।
गड्ढे को बंद करवाया
गोवंश की मौत के बाद एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह ने उस गड्ढे का निरीक्षण किया जहां खाना पड़ा था। अन्य गोवंश भी वहां पड़े भोजन को खाकर बीमार न हो जाएं इसलिए उन्होंने उसे बंद करवा दिया।
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गोवंश की मौत के जिम्मेदार संत समागम का आयोजन करने वाले हैं। समागम होने के बाद भोजन मैदान पर नहीं फेंकना चाहिए था। नगर पालिका को सूचना देकर इसे उठवाना चाहिए था।
-ब्रजेश पांडे, प्रांत सह मंत्री, विश्व हिंदू परिषद
वाईडी कॉलेज मैदान पर कुछ गोवंश के शव और बाकी गोवंश बीमार मिले थे। जिनका इलाज हो रहा है। इनकी सेहत में सुधार बताया जा रहा है। मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता लगेगा।
-डॉ. अरुण कुमार सिंह, सदर एसडीएम
गोवंश की मौत और बीमार होने से कार्यक्रम का संबंध नहीं है। सत्संग 12 दिसंबर को था। जो भोजन बच गया था वह संत निरंकारी भवन आ गया था, जिसे सेवादारों ने भी खाया था।
-प्रवेश कुमार साहनी, संयोजक, संत निरंकारी मंडल
24 घंटे में चार गोवंश की मौत हुई और 14 बीमार हुए हैं। मृत गोवंश के पोस्टमार्टम में पेट में चावल, प्लास्टिक और पॉलिथीन निकली है। मौत का कारण फूड प्वॉयजनिंग है।
-टीके तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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मौके पर पहुंचे हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बीते दिनों इस स्थान पर धार्मिक कार्यक्रम के बाद भंडारे का आयोजन हुआ था। इसमें बचा हुआ भोजन यहीं गड्ढे में डाल दिया गया। बारिश का पानी जाने से दूषित हुए भोजन को खाने के बाद गोवंश बीमार पड़े और बाद में चार की मौत हो गई। मोहल्ला राजाजीपुरम निवासी बजरंग दल के सह विभाग संयोजक अनुज तिवारी ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि संत निरंकारी मंडल के संयोजक प्रवेश कुमार साहनी ने 12 दिसंबर को कॉलेज मैदान पर संत समागम कराने की अनुमति एसडीएम से ली थी। समागम में आए हुए लोगों के लिए भोजन बना था। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जो खाना बच गया उसे मैैदान पर ही फेंक दिया गया, जो वर्षा के बाद दूषित हो गया। जिसे खाकर ही 14 गोवंश बीमार हो गए, जबकि चार की मौत हो गई। अनुज तिवारी का कहना है इसके लिए आयोजक समिति के लोग जिम्मेदार हैं। मौक पर जिला कार्याध्यक्ष अनुज दीक्षित, प्रांत सहमंत्री ब्रजेश पांडे, पंकज जायसवाल, जिला गोरक्षा प्रमुख सुनील जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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गड्ढे को बंद करवाया
गोवंश की मौत के बाद एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह ने उस गड्ढे का निरीक्षण किया जहां खाना पड़ा था। अन्य गोवंश भी वहां पड़े भोजन को खाकर बीमार न हो जाएं इसलिए उन्होंने उसे बंद करवा दिया।
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गोवंश की मौत के जिम्मेदार संत समागम का आयोजन करने वाले हैं। समागम होने के बाद भोजन मैदान पर नहीं फेंकना चाहिए था। नगर पालिका को सूचना देकर इसे उठवाना चाहिए था।
-ब्रजेश पांडे, प्रांत सह मंत्री, विश्व हिंदू परिषद
वाईडी कॉलेज मैदान पर कुछ गोवंश के शव और बाकी गोवंश बीमार मिले थे। जिनका इलाज हो रहा है। इनकी सेहत में सुधार बताया जा रहा है। मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता लगेगा।
-डॉ. अरुण कुमार सिंह, सदर एसडीएम
गोवंश की मौत और बीमार होने से कार्यक्रम का संबंध नहीं है। सत्संग 12 दिसंबर को था। जो भोजन बच गया था वह संत निरंकारी भवन आ गया था, जिसे सेवादारों ने भी खाया था।
-प्रवेश कुमार साहनी, संयोजक, संत निरंकारी मंडल
24 घंटे में चार गोवंश की मौत हुई और 14 बीमार हुए हैं। मृत गोवंश के पोस्टमार्टम में पेट में चावल, प्लास्टिक और पॉलिथीन निकली है। मौत का कारण फूड प्वॉयजनिंग है।
-टीके तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी