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घाघी नाले के बंधे की मजबूती के लिए 40 लाख का बजट मंजूर
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निघासन (लखीमपुर खीरी)। बाढ़ और बरसात के दिनों में इलाके के तमाम गांवों में तबाही मचाने वाले लुधौरी के घाघी नाले के बंधे को दो किमी दूरी तक मजबूत करने का काम किया जाएगा। सिंचाई विभाग संरक्षण मद से मिलने वाले करीब 40 लाख से इस पर काम करेगा। यह बजट मंजूर हो गया है। विभाग का कहना है कि अप्रैल 2020 से काम शुरू हो जाएगा।
शारदा नदी से जुड़ा लुधौरी के गोविंदपुर फार्म के पास निकला घाघी नाला बरसात के दिनों में बहुत कहर बरपाता है। इस नाले का उत्तरी तटबंध फटा होने से गोविंदपुर फार्म, रानीगंज, राजीहार, लुधौरी, बैलहा, मंडप फार्म, लालपुर और निघासन के कुछ हिस्से प्रभावित होते हैं। वर्ष 2016 में यहां के लोगों ने आंदोलन करते हुए इस नाले से खेत की जमीन और फसलों के नुकसान को देखकर जलसमाधि ले लेने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद बाढ़ के पानी से कटे बंधे को देखने पहुंचे तत्कालीन एसडीएम को नाराज ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। साथ ही बाढ़ खंड के अफसरों को वहां से भगा दिया था। बाद में बाढ़ खंड और ग्राम पंचायत की तरफ से रेत की बोरियां व ईंटे पाटकर बहाव को किसी तरह रोका गया था। गत वर्ष मई में यहां आए डीएम शैलेंद्र सिंह के निर्देश पर बंधा मजबूत करने का काम शुरू हुआ लेकिन जुलाई में बाढ़ के पानी ने बंधे का उत्तरी सिरा काट दिया था। इसके अलावा बंधे का तमाम हिस्सा कई जगह पानी से क्षतिग्रस्त हो गया था। गत वर्ष 14 अगस्त की रात एक बार फिर बंधा फटने के कई गांवों में पानी भर गया था। इस साल जनवरी में सिंचाई विभाग ने इसके स्थायी हल के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था।
सांसद अजय मिश्र टेनी ने सिंचाई विभाग को नाले की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कहा था। इस पर पहले 500 मीटर बंधा मजबूत किया गया था। अब सिंचाई विभाग नाले का उत्तरी बंधा दो किमी दूरी तक मजबूत करेगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीसी वर्मा ने बताया कि नाले का पानी कम होने और बंधे की मिट्टी थोड़ी सूखने के बाद काम चालू हो पाएगा। इस काम के लिए बजट मंजूर हो गया है अप्रैल 2020 तक काम शुरू हो जाएगा।
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शारदा नदी से जुड़ा लुधौरी के गोविंदपुर फार्म के पास निकला घाघी नाला बरसात के दिनों में बहुत कहर बरपाता है। इस नाले का उत्तरी तटबंध फटा होने से गोविंदपुर फार्म, रानीगंज, राजीहार, लुधौरी, बैलहा, मंडप फार्म, लालपुर और निघासन के कुछ हिस्से प्रभावित होते हैं। वर्ष 2016 में यहां के लोगों ने आंदोलन करते हुए इस नाले से खेत की जमीन और फसलों के नुकसान को देखकर जलसमाधि ले लेने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद बाढ़ के पानी से कटे बंधे को देखने पहुंचे तत्कालीन एसडीएम को नाराज ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। साथ ही बाढ़ खंड के अफसरों को वहां से भगा दिया था। बाद में बाढ़ खंड और ग्राम पंचायत की तरफ से रेत की बोरियां व ईंटे पाटकर बहाव को किसी तरह रोका गया था। गत वर्ष मई में यहां आए डीएम शैलेंद्र सिंह के निर्देश पर बंधा मजबूत करने का काम शुरू हुआ लेकिन जुलाई में बाढ़ के पानी ने बंधे का उत्तरी सिरा काट दिया था। इसके अलावा बंधे का तमाम हिस्सा कई जगह पानी से क्षतिग्रस्त हो गया था। गत वर्ष 14 अगस्त की रात एक बार फिर बंधा फटने के कई गांवों में पानी भर गया था। इस साल जनवरी में सिंचाई विभाग ने इसके स्थायी हल के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था।
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सांसद अजय मिश्र टेनी ने सिंचाई विभाग को नाले की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कहा था। इस पर पहले 500 मीटर बंधा मजबूत किया गया था। अब सिंचाई विभाग नाले का उत्तरी बंधा दो किमी दूरी तक मजबूत करेगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीसी वर्मा ने बताया कि नाले का पानी कम होने और बंधे की मिट्टी थोड़ी सूखने के बाद काम चालू हो पाएगा। इस काम के लिए बजट मंजूर हो गया है अप्रैल 2020 तक काम शुरू हो जाएगा।
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