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सफाई कर्मियों का अटैचमेंट खत्म, अब अपनी तैनाती की ग्राम पंचायत में सफाई करने के आदेश
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लखीमपुर खीरी। अधिकारियों के घर, विकास भवन के कार्यालयों और ब्लॉकों में अटैच (संबद्ध) सफाई कर्मियों को अब अपनी मूल तैनाती की ग्राम पंचायतों में लौटकर साफ सफाई करनी होगी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और सीडीओ अरविंद सिंह के आदेश पर डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है, जिसमें कहा है कि तत्काल अपनी तैनाती के ग्राम में पहुंचकर साफ-सफाई कार्य करना प्रारंभ कर दें। साथ ही डीपीआरओ ने कहा है कि दिसंबर 2019 का वेतन भुगतान ग्राम प्रधान द्वारा निर्गत पेरोल प्रमाण पत्र के आधार पर किया जाए।
जनपद के राजस्व ग्रामों में करीब 1700 सफाई कर्मियों की तैनाती है, लेकिन काफी समय से करीब 300 सफाई कर्मियों का विभिन्न अधिकारियों के घरों, कार्यालयों और ब्लॉकों में अटैचमेंट किया गया था। कई सफाई कर्मी अधिकारियों की गाड़ी चला रहे थे, तो कुछ बाबू की तरह काम कर रहे थे। इससे गांवों में सफाई व्यवस्था चौपट हो गई। विकास भवन के कार्यालयों में ही 26 सफाई कर्मी अटैच थे, जिन्हें बुधवार को डीपीआरओ ने आदेश थमाकर वापस मूल तैनाती के गांवों में सफाई कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद सफाई कर्मियों में अफरातफरी है, तो वहीं कार्यालयों और ब्लॉकों में खलबली मच गई है। वजह है कि इन सफाई कर्मियों से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भांति कामकाज कराया जा रहा था।
सभी सफाई कर्मियों के अटैचमेंट निरस्त करके उन्हें मूल तैनाती के गांवों में सफाई कार्य करने के आदेश दिए गए हैं। जो भी सफाई कर्मी गांव वापस नहीं जाएगा, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधान द्वारा जारी पेरोल प्रमाण पत्र के आधार पर ही दिसंबर 2019 का वेतन आहरित किया जाएगा।
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-अजय कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ
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जनपद के राजस्व ग्रामों में करीब 1700 सफाई कर्मियों की तैनाती है, लेकिन काफी समय से करीब 300 सफाई कर्मियों का विभिन्न अधिकारियों के घरों, कार्यालयों और ब्लॉकों में अटैचमेंट किया गया था। कई सफाई कर्मी अधिकारियों की गाड़ी चला रहे थे, तो कुछ बाबू की तरह काम कर रहे थे। इससे गांवों में सफाई व्यवस्था चौपट हो गई। विकास भवन के कार्यालयों में ही 26 सफाई कर्मी अटैच थे, जिन्हें बुधवार को डीपीआरओ ने आदेश थमाकर वापस मूल तैनाती के गांवों में सफाई कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद सफाई कर्मियों में अफरातफरी है, तो वहीं कार्यालयों और ब्लॉकों में खलबली मच गई है। वजह है कि इन सफाई कर्मियों से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भांति कामकाज कराया जा रहा था।
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सभी सफाई कर्मियों के अटैचमेंट निरस्त करके उन्हें मूल तैनाती के गांवों में सफाई कार्य करने के आदेश दिए गए हैं। जो भी सफाई कर्मी गांव वापस नहीं जाएगा, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधान द्वारा जारी पेरोल प्रमाण पत्र के आधार पर ही दिसंबर 2019 का वेतन आहरित किया जाएगा।
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-अजय कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ